सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Children Will Read About the 'Farmers' Messiah' Chaudhary Charan Singh in Books.

Baghpat News: किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह को किताबों में पढ़ेंगे बच्चे

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
Children Will Read About the 'Farmers' Messiah' Chaudhary Charan Singh in Books.
विज्ञापन
बागपत। किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह को बच्चे अब किताबों में पढ़ेंगे। परिषदीय विद्यालयों की कक्षा आठ की किताब में चौधरी चरण सिंह की जीवनी को शामिल किया गया है, जो अब अंग्रेजी माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में भी शुरू की गई।

परिषदीय विद्यालयों में कक्षा आठ की महान व्यक्तित्व के नाम से शुरू हुई किताब में पाठ संख्या 31 में चौधरी चरण सिंह को शामिल गया है। इस किताब को कुछ महीने केवल हिंदी माध्यम वाले स्कूलों में पढ़ाया गया। अब यह किताब हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यम वाले परिषदीय विद्यालयों में लागू कर दी गई। इसका नाम अवर आइडियल पर्सनालिटी (हमारे आदर्श व्यक्तित्व) दिया गया है। इसमें सावित्री, भरत, चाणक्य, महर्षि दयानंद, स्वामी विवेकानंद, लाला लाजपत राय, डॉ. भीमराव आंबेडकर, शहीद भगत सिंह, अबुल कलाम आजाद, चौधरी चरण सिंह आदि का पाठ शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-जन्म से लेकर आजादी में योगदान व राजनीतिक जीवन को पढ़ेंगे
किताब में शामिल किए गए उनके पाठ में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के जन्म से लेकर आजादी में योगदान व राजनीतिक जीवन के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। बताया गया कि उनका जन्म 23 दिसंबर 1902 को हापुड़ (तब मेरठ) के नूरपुर गांव में हुआ था। पिता चौधरी मीर सिंह साधारण किसान थे। उनकी शुरुआती शिक्षा जानीखुर्द से हुई तो कानून की पढ़ाई मेरठ से की। वर्ष 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया तो आजादी के लिए जेल भी गए। देश की आजादी के बाद मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री जैसे अहम पदों पर रहते हुए कई बड़े फैसले लिए। इन सभी को पाठ में शामिल किया गया है।
विज्ञापन

--
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह पर एक पाठ कक्षा-आठ की किताब में शामिल किया गया है। बागपत के साथ ही वेस्ट यूपी से उनका विशेष लगाव रहा है। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बच्चे उनके बारे में पढ़कर पूरी जानकारी रख सकेंगे। उनका पाठ हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यम के स्कूलों की किताबों में शामिल कर लिया गया है। -गीता चौधरी, बीएसए
--
चौधरी चरण सिंह ने कभी एक नेता वाली सोच के साथ कार्य नहीं किया। वह किसानों, मजदूरों सभी से भावनात्मक रूप से जुड़े रहे और उनके हित के लिए कार्य करते रहे। वह हर किसी के लिए मिसाल हैं। स्कूलों में बच्चे उनके बारे में पढ़ेंगे तो बच्चों का चरित्र निर्माण होगा और उनके जीवन से बच्चों को सीख मिलेगी। -ओमबीर ढाका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed