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Baghpat News: आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपी पत्नी व सास की जमानत याचिका खारिज
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बागपत। शहर में कोर्ट रोड पर रहने वाले दीपक की आत्महत्या के मामले में उसकी पत्नी गुड्डी व सास मंजू निवासी नंगला जाफराबाद की जमानत याचिका को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने खारिज कर दिया।
शहर में कोर्ट रोड पर रहने वाले राहुल ने 23 जून 2026 में बागपत कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 10 मार्च 2026 में छोटे भाई दीपक की शादी नंगला जाफराबाद की गुड्डी के साथ हुई थी। शादी की पहली रात को गुड्डी ने उसके भाई से बताया था कि उसके किसी अन्य से प्रेम संबंध थे। आरोप था कि गुड्डी शादी के बाद भी किसी से व्हाट्सएप पर बात करती थी और इस कारण ही विवाद होने पर पूरे परिवार को पता चल गया।
गुड्डी कुछ दिन बाद अपने मायके चली गई और पूरे परिवार के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। दोनों पक्षों के बीच बाद में समझौता हो गया था। उस समझौते के बाद दोबारा से थाने में शिकायत देकर उत्पीडऩ शुरू कर दिया और समझौता करने के नाम पर चार लाख रुपये मांगे गए। एसपी कार्यालय में परिवार परामर्श केंद्र में 22 जून में दीपक को जेल भिजवाने का दबाव बनाया गया। वहां जबरन समझौता कराया गया और शादी में दिया सामान लेने के बाद भी ढाई लाख रुपये देने की बात समझौते में लिखवाई गई।
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आरोप है कि इस तरह रोजाना के उत्पीडऩ से तंग आकर उसके भाई दीपक ने 23 जून में सुबह कमरे में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने गुड्डी, उसके पिता सुंदर, मां मंजू समेत परिवार के सुनील, महेश, संदीप, रितेश, राजेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इसमें पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गुड्डी व उसकी मां मंजू ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार के न्यायालय में जमानत याचिका दायर कराई, जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया।
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शहर में कोर्ट रोड पर रहने वाले राहुल ने 23 जून 2026 में बागपत कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 10 मार्च 2026 में छोटे भाई दीपक की शादी नंगला जाफराबाद की गुड्डी के साथ हुई थी। शादी की पहली रात को गुड्डी ने उसके भाई से बताया था कि उसके किसी अन्य से प्रेम संबंध थे। आरोप था कि गुड्डी शादी के बाद भी किसी से व्हाट्सएप पर बात करती थी और इस कारण ही विवाद होने पर पूरे परिवार को पता चल गया।
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गुड्डी कुछ दिन बाद अपने मायके चली गई और पूरे परिवार के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। दोनों पक्षों के बीच बाद में समझौता हो गया था। उस समझौते के बाद दोबारा से थाने में शिकायत देकर उत्पीडऩ शुरू कर दिया और समझौता करने के नाम पर चार लाख रुपये मांगे गए। एसपी कार्यालय में परिवार परामर्श केंद्र में 22 जून में दीपक को जेल भिजवाने का दबाव बनाया गया। वहां जबरन समझौता कराया गया और शादी में दिया सामान लेने के बाद भी ढाई लाख रुपये देने की बात समझौते में लिखवाई गई।
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आरोप है कि इस तरह रोजाना के उत्पीडऩ से तंग आकर उसके भाई दीपक ने 23 जून में सुबह कमरे में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने गुड्डी, उसके पिता सुंदर, मां मंजू समेत परिवार के सुनील, महेश, संदीप, रितेश, राजेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इसमें पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गुड्डी व उसकी मां मंजू ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार के न्यायालय में जमानत याचिका दायर कराई, जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया।