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Baghpat News: कांवड़ सेवा शिविर के बाहर खड़े बच्चे की कार के कुचलने से मौत
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बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर खेडक़ी गांव के पास लगे कांवड़ सेवा शिविर के बाहर खड़े कक्षा छह के छात्र कर्तिक (10) को शनिवार शाम को कार ने कुचल दिया। बच्चे को कार चालक 25 मीटर तक घसीटते हुए ले गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से कार का पता लगाने में जुटी है।
खेड़की गांव के रहने वाले रामकुमार अपने पड़ोसियों के साथ हर साल कांवड़ सेवा शिविर लगाते हैं। इस बार भी गांव के बाहर शिविर लगाया हुआ है। शनिवार शाम को रामकुमार का इकलौता बेटा कार्तिक घर से कांवड़ सेवा शिविर में गया था। वह नेशनल हाईवे से गुजर रही कांवड़ देखने लगा। तभी तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मारी और 25 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। लोगों ने कार को रुकवाने के लिए शोर मचाया, मगर वह नहीं रुका। कार में फंसा बच्चा कार से निकला, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। हाईवे से गुजर रहे कांवड़ियों ने कार्तिक को सड़क से उठाया और उसे किनारे पर ले गए। तभी परिजन भी मौके पर पहुंच गए। सीओ सुकन्या शर्मा का कहना है कि बच्चे को कुचलने वाली कार का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही कार का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
तीन बहनों का इकलौता भाई था कार्तिक
रामकुमार ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी तीन बेटियां और इकलौता बेटा कार्तिक था। कार्तिक की मौत से परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। बताया कि वह गांव के ही विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ता था। कक्षा पांच उसने प्रथम स्थान के साथ पास की थी।
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खेड़की गांव के रहने वाले रामकुमार अपने पड़ोसियों के साथ हर साल कांवड़ सेवा शिविर लगाते हैं। इस बार भी गांव के बाहर शिविर लगाया हुआ है। शनिवार शाम को रामकुमार का इकलौता बेटा कार्तिक घर से कांवड़ सेवा शिविर में गया था। वह नेशनल हाईवे से गुजर रही कांवड़ देखने लगा। तभी तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मारी और 25 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। लोगों ने कार को रुकवाने के लिए शोर मचाया, मगर वह नहीं रुका। कार में फंसा बच्चा कार से निकला, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। हाईवे से गुजर रहे कांवड़ियों ने कार्तिक को सड़क से उठाया और उसे किनारे पर ले गए। तभी परिजन भी मौके पर पहुंच गए। सीओ सुकन्या शर्मा का कहना है कि बच्चे को कुचलने वाली कार का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही कार का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
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तीन बहनों का इकलौता भाई था कार्तिक
रामकुमार ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी तीन बेटियां और इकलौता बेटा कार्तिक था। कार्तिक की मौत से परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। बताया कि वह गांव के ही विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ता था। कक्षा पांच उसने प्रथम स्थान के साथ पास की थी।
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