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Baghpat News: खेत में खाद डालते बेहोश हुए किसान, मौत हुई
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बड़ौत (बागपत)। लुहारी गांव में रविवार को ईंख के खेत में खाद डालते समय किसान सोहरण सिंह (56) की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पहले दिल्ली और फिर मेरठ के अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने दिल्ली के अस्पताल में भर्ती न किए जाने का आरोप लगाया है।
सोहरण सिंह रविवार सुबह अपने ईंख के खेत में खाद डाल रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हुई और वे बेहोश होकर खेत में गिर पड़े। खेत में मौजूद अन्य किसानों ने उन्हें तुरंत बड़ौत के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार दिल्ली पहुंचने पर नाजुक हालत के बावजूद उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन सोहरण सिंह को मेरठ के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उपचार शुरू हुआ, लेकिन सोहरण सिंह ने दम तोड़ दिया।
सोहरण सिंह के निधन से परिवार में शोक का माहौल है। उनके परिवार में पत्नी गीता, बेटा प्रशांत और तीन बेटियां हैं। भाकियू नेता संजीव दांगी ने सोहरण सिंह को मिलनसार किसान बताया। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। दस साल पहले सोहरण के बड़े भाई पूर्व प्रधान रोहताश की भी मौत हो गई थी।
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खाद डालते हुए कई बार पसीना आने, पानी पीने या कुछ खाने के कारण रसायन अंदर चला जाता है और उससे ऐसा हो जाता है। इसलिए खाद डालते हुए मुंह पर कपड़ा बांधकर रखें या मास्क लगाएं। इस मौसम में किसानों के लिए यह बहुत जरूरी है। -डॉ. विभाष राजपूत, डिप्टी सीएमओ
सोहरण सिंह रविवार सुबह अपने ईंख के खेत में खाद डाल रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हुई और वे बेहोश होकर खेत में गिर पड़े। खेत में मौजूद अन्य किसानों ने उन्हें तुरंत बड़ौत के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार दिल्ली पहुंचने पर नाजुक हालत के बावजूद उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन सोहरण सिंह को मेरठ के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उपचार शुरू हुआ, लेकिन सोहरण सिंह ने दम तोड़ दिया।
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सोहरण सिंह के निधन से परिवार में शोक का माहौल है। उनके परिवार में पत्नी गीता, बेटा प्रशांत और तीन बेटियां हैं। भाकियू नेता संजीव दांगी ने सोहरण सिंह को मिलनसार किसान बताया। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। दस साल पहले सोहरण के बड़े भाई पूर्व प्रधान रोहताश की भी मौत हो गई थी।
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खाद डालते हुए कई बार पसीना आने, पानी पीने या कुछ खाने के कारण रसायन अंदर चला जाता है और उससे ऐसा हो जाता है। इसलिए खाद डालते हुए मुंह पर कपड़ा बांधकर रखें या मास्क लगाएं। इस मौसम में किसानों के लिए यह बहुत जरूरी है। -डॉ. विभाष राजपूत, डिप्टी सीएमओ