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Baghpat News: बागपत में एक्यूआई 269 पर पहुंचा, एक नवंबर से दिल्ली में नहीं घुसेंगे बीएस 4 वाहन
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बागपत। जिले में प्रदूषण कम नहीं हो रहा है और शुक्रवार को एक्यूआई 269 रहा। प्रदूषण के कारण एक नवंबर से बागपत के व्यवसायिक 11,681 वाहनों के दिल्ली में घुसने पर रोक रहेगी। ये सभी बीएस-4 वाहन हैं और इससे बागपत के ईंट भट्ठा समेत सभी व्यापार प्रभावित होंगे। कुछ बसों को रोकने से यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। इससे बागपत में जन जीवन पर असर पड़ेगा।
यहां प्रदूषण पिछले कई दिनों से बढ़ा हुआ है और एक्यूआई लगातार 250 से ऊपर चल रहा है। इसको देखते हुए दिल्ली के बाहर से पंजीकरण वाले बीएस-4 तक के व्यावसायिक वाहनों के वहां आने पर रोक लगाई जा रही है। यह रोक एक नवंबर से लागू होगी और इसके बाद बीएस-4 वाहन अंदर नहीं जा सकेंगे। बागपत में ऐसे डीजल के 6755 और पेट्रोल के 4926 वाहनों का पंजीकरण हैं।
इन वाहनों के दिल्ली नहीं जाने से सभी व्यापार व उद्योगों को नुकसान झेलना पड़ेगा। इससे आम लोगों के साथ ही व्यापारी और उद्यमी जूझते नजर आएंगे। इनमें सीएनजी वाहनों को छूट रहेगी। इसको लागू कराने के लिए ही एआरटीओ विपिन कुमार ने 24 अक्तूबर को अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
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बीएस-4 वाहनों का ईंट ढोने में होता है ज्यादा इस्तेमाल
जिले में 415 ईंट भट्ठे हैं और यहां से सबसे अधिक ईंट दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद में सप्लाई होती है। व्यावसायिक वाले बीएस-4 वाहनों पर दिल्ली में रोक लगने से सबसे अधिक ईंट भट्ठा व्यवसाय प्रभावित होगा। इन वाहनों का ईंट ढोने में ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसके अलावा वहां से किरयाना का सामान, कपड़े, सब्जी, फल आदि को लेकर आने की समस्या भी झेलनी होगी।
बीएस-4 वाले निजी वाहनों को अभी नहीं रोका जाएगा
बागपत में बीएस-4 वाले निजी वाहन भी काफी पंजीकृत हैं। यहां से ऐसे पेट्रोल के 35,374 और डीजल के 1,248 वाहनों का पंजीकरण है। इन वाहनों पर अभी दिल्ली में घुसने पर रोक नहीं लगाई जाएगी। प्रदूषण ज्यादा बढ़ता है तो उसको देखते हुए निर्णय लिया जा सकता है।
कई बसों पर पड़ेगा असर
बड़ौत डिपो से नगर व देहात क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर डेढ़ सौ बसों का संचालन हो रहा है। इनमें से बीएस-4 की 20 बसें हैं और 10 बसों को लोनी गोल चक्कर तक चलाया जाता है। इन बसों को एक नवंबर से रोकना पड़ेगा और इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ेगी। ऐसे में परिवहन विभाग के अधिकारी दूसरी बसों को इस मार्ग पर चलाने की तैयारी भी कर रहे हैं।
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यहां से ट्रकों में रोजाना पांच लाख से ज्यादा ईंटों की दिल्ली में सप्लाई होती है। वहां ट्रकों के जाने पर रोक लगती है तो करोड़ों का व्यापार प्रभावित होगा। इस समस्या का सरकार को समाधान करना चाहिए, जिससे व्यापार प्रभावित नहीं हो।
-नीरज नैन, महामंत्री ईंट निर्माता समिति बागपत
बीएस-4 वाले व्यवसायिक वाहनों पर एक नवंबर से दिल्ली में घुसने पर रोक लगाई गई है। इसके लिए पत्र मिला गया है और इसको लेकर ही शनिवार को बैठक बुलाई गई है। इन वाहनों को कोई दिल्ली में लेकर जाता है तो वहां इनपर जुर्माना लगाया जाएगा।
-विपिन कुमार, एआरटीओ
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यहां प्रदूषण पिछले कई दिनों से बढ़ा हुआ है और एक्यूआई लगातार 250 से ऊपर चल रहा है। इसको देखते हुए दिल्ली के बाहर से पंजीकरण वाले बीएस-4 तक के व्यावसायिक वाहनों के वहां आने पर रोक लगाई जा रही है। यह रोक एक नवंबर से लागू होगी और इसके बाद बीएस-4 वाहन अंदर नहीं जा सकेंगे। बागपत में ऐसे डीजल के 6755 और पेट्रोल के 4926 वाहनों का पंजीकरण हैं।
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इन वाहनों के दिल्ली नहीं जाने से सभी व्यापार व उद्योगों को नुकसान झेलना पड़ेगा। इससे आम लोगों के साथ ही व्यापारी और उद्यमी जूझते नजर आएंगे। इनमें सीएनजी वाहनों को छूट रहेगी। इसको लागू कराने के लिए ही एआरटीओ विपिन कुमार ने 24 अक्तूबर को अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
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बीएस-4 वाहनों का ईंट ढोने में होता है ज्यादा इस्तेमाल
जिले में 415 ईंट भट्ठे हैं और यहां से सबसे अधिक ईंट दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद में सप्लाई होती है। व्यावसायिक वाले बीएस-4 वाहनों पर दिल्ली में रोक लगने से सबसे अधिक ईंट भट्ठा व्यवसाय प्रभावित होगा। इन वाहनों का ईंट ढोने में ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसके अलावा वहां से किरयाना का सामान, कपड़े, सब्जी, फल आदि को लेकर आने की समस्या भी झेलनी होगी।
बीएस-4 वाले निजी वाहनों को अभी नहीं रोका जाएगा
बागपत में बीएस-4 वाले निजी वाहन भी काफी पंजीकृत हैं। यहां से ऐसे पेट्रोल के 35,374 और डीजल के 1,248 वाहनों का पंजीकरण है। इन वाहनों पर अभी दिल्ली में घुसने पर रोक नहीं लगाई जाएगी। प्रदूषण ज्यादा बढ़ता है तो उसको देखते हुए निर्णय लिया जा सकता है।
कई बसों पर पड़ेगा असर
बड़ौत डिपो से नगर व देहात क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर डेढ़ सौ बसों का संचालन हो रहा है। इनमें से बीएस-4 की 20 बसें हैं और 10 बसों को लोनी गोल चक्कर तक चलाया जाता है। इन बसों को एक नवंबर से रोकना पड़ेगा और इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ेगी। ऐसे में परिवहन विभाग के अधिकारी दूसरी बसों को इस मार्ग पर चलाने की तैयारी भी कर रहे हैं।
यहां से ट्रकों में रोजाना पांच लाख से ज्यादा ईंटों की दिल्ली में सप्लाई होती है। वहां ट्रकों के जाने पर रोक लगती है तो करोड़ों का व्यापार प्रभावित होगा। इस समस्या का सरकार को समाधान करना चाहिए, जिससे व्यापार प्रभावित नहीं हो।
-नीरज नैन, महामंत्री ईंट निर्माता समिति बागपत
बीएस-4 वाले व्यवसायिक वाहनों पर एक नवंबर से दिल्ली में घुसने पर रोक लगाई गई है। इसके लिए पत्र मिला गया है और इसको लेकर ही शनिवार को बैठक बुलाई गई है। इन वाहनों को कोई दिल्ली में लेकर जाता है तो वहां इनपर जुर्माना लगाया जाएगा।
-विपिन कुमार, एआरटीओ