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Baghpat News: हिंडन की बाढ़ से ज्वार की फसल बर्बाद, पशुओं के चारा पर गहराया संकट
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रटौल। हिंडन नदी में आई बाढ़ के कारण गढ़ी कलंजरी गांव के किसानों की 400 बीघा ज्वार की फसल बर्बाद हो गई है। इससे पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया है। फसल नष्ट होने से किसानों पर कर्ज का बोझ भी बढ़ गया है।
किसान अब गाजियाबाद जिले से दोगुने दामों पर पशु चारा खरीदने को मजबूर हैं। देवराज, धीरेंद्र कसाना और बिजेंद्र यादव जैसे किसानों ने बताया कि हिंडन नदी का जल स्तर हर साल बढ़ जाता है। इससे उनकी लाखों की लागत से तैयार फसलें बर्बाद हो जाती हैं। इस बार भी 400 से अधिक बीघा ज्वार, धान और बाजरा की फसलें जलमग्न हो गईं। इनमें से ज्वार की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। विक्रम की छह बीघा, करतार की छह बीघा और राजेंद्र की 12 बीघा ज्वार की फसल बर्बाद हुई। अन्य कई किसानों की फसलें भी बाढ़ की भेंट चढ़ गईं, जिससे उन पर कर्ज बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
पशुओं के लिए चारा का संकट गहराने से किसान चिंतित हैं। उन्हें अब गाजियाबाद जिले के गांवों से ज्वार की फसल खरीदनी पड़ रही है। यह फसल उन्हें दोगुने दामों पर मिल रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। किसानों का कहना है कि हर साल की बाढ़ उनकी कमर तोड़ देती है।
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राजू यादव की 25 बीघा, ओमी यादव की 20 बीघा और संतराम की आठ बीघा फसलें बर्बाद हुई हैं। इंद्रजीत, बिरम सिंह, अजय, सूरज भाटी, निर्दोष प्रधान और महेंद्र जैसे किसानों को भी भारी नुकसान हुआ। इन सभी किसानों पर फसल नष्ट होने के कारण कर्ज बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
वर्जन
-राजस्व विभाग की टीम के साथ किसानों के खेतों का सर्वे किया जाएगा। सब्जी की बर्बाद फसलों का रिकार्ड लेने के बाद मुआवजा के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। -बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी
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किसान अब गाजियाबाद जिले से दोगुने दामों पर पशु चारा खरीदने को मजबूर हैं। देवराज, धीरेंद्र कसाना और बिजेंद्र यादव जैसे किसानों ने बताया कि हिंडन नदी का जल स्तर हर साल बढ़ जाता है। इससे उनकी लाखों की लागत से तैयार फसलें बर्बाद हो जाती हैं। इस बार भी 400 से अधिक बीघा ज्वार, धान और बाजरा की फसलें जलमग्न हो गईं। इनमें से ज्वार की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। विक्रम की छह बीघा, करतार की छह बीघा और राजेंद्र की 12 बीघा ज्वार की फसल बर्बाद हुई। अन्य कई किसानों की फसलें भी बाढ़ की भेंट चढ़ गईं, जिससे उन पर कर्ज बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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पशुओं के लिए चारा का संकट गहराने से किसान चिंतित हैं। उन्हें अब गाजियाबाद जिले के गांवों से ज्वार की फसल खरीदनी पड़ रही है। यह फसल उन्हें दोगुने दामों पर मिल रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। किसानों का कहना है कि हर साल की बाढ़ उनकी कमर तोड़ देती है।
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राजू यादव की 25 बीघा, ओमी यादव की 20 बीघा और संतराम की आठ बीघा फसलें बर्बाद हुई हैं। इंद्रजीत, बिरम सिंह, अजय, सूरज भाटी, निर्दोष प्रधान और महेंद्र जैसे किसानों को भी भारी नुकसान हुआ। इन सभी किसानों पर फसल नष्ट होने के कारण कर्ज बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
वर्जन
-राजस्व विभाग की टीम के साथ किसानों के खेतों का सर्वे किया जाएगा। सब्जी की बर्बाद फसलों का रिकार्ड लेने के बाद मुआवजा के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। -बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी