कपसाड़ कांड: उलझा उम्र का सवाल, मेडिकल रिपोर्ट में 19 साल, अब अदालत 29 मई को तय करेगी आरोपी बालिग या नाबालिग
Meerut Kapsad Case Update: मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में आरोपी की उम्र को लेकर अदालत में सुनवाई हुई। मेडिकल रिपोर्ट में आरोपी की उम्र लगभग 19 वर्ष बताई गई है। अब 29 मई को फैसला होगा कि आरोपी बालिग माना जाएगा या नाबालिग।
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मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में आरोपी की उम्र को लेकर चल रहा विवाद अब अदालत के अंतिम निर्णय की ओर बढ़ गया है। किशोर न्याय बोर्ड में गुरुवार को अभियोजन और आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच विस्तृत जिरह हुई। मेडिकल रिपोर्ट में आरोपी की उम्र लगभग 19 वर्ष बताई गई है। अब 29 मई को यह तय होगा कि आरोपी को बालिग माना जाएगा या नाबालिग।
मेडिकल परीक्षण के आदेश को भी दी चुनौती
आरोपी पक्ष ने किशोर न्याय बोर्ड द्वारा मेडिकल परीक्षण कराने के आदेश को भी जिला न्यायालय में चुनौती दी है। इस अपील पर सुनवाई 29 मई को होगी। वहीं अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपी ने जघन्य अपराध किया है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उसे बालिग माना जाना चाहिए।
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सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी को अनुसूचित जाति की युवती रूबी के अपहरण का मामला सामने आया था। विरोध करने पर युवती की मां सुनीता की फरसे से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मृतका के बेटे नरसी कुमार ने गांव के ही एक युवक के खिलाफ हत्या, अपहरण और अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
वारदात के बाद हुआ था भारी हंगामा
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को गांव की नाकेबंदी करनी पड़ी थी। वारदात के तीसरे दिन पुलिस ने आरोपी को रुड़की से गिरफ्तार कर लिया था और युवती को बरामद कर लिया गया था। बाद में युवती को बयान दर्ज कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया था।
आरोपी के परिजनों ने दावा किया था कि वह नाबालिग है और इसके समर्थन में हाईस्कूल की अंकतालिका न्यायालय में पेश की थी। इसके बाद अदालत ने आरोपी की आयु निर्धारण के लिए मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया था।
सुनवाई के दौरान स्कूल शिक्षक समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। कक्षा एक से चार तक का शैक्षणिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर किशोर न्याय बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेश का हवाला देते हुए मेडिकल परीक्षण कराने का निर्देश दिया था।