{"_id":"6992219a90d97412a50dae9a","slug":"lord-shiva-was-anointed-with-2500-litres-of-milk-and-3500-kg-of-flowers-were-offered-baghpat-news-c-28-1-smrt1010-146858-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: भगवान शिव का ढाई हजार लीटर दूध से हुआ अभिषेक, 3.5 हजार किलो फूल चढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: भगवान शिव का ढाई हजार लीटर दूध से हुआ अभिषेक, 3.5 हजार किलो फूल चढ़े
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। महाशिवरात्रि पर पुरा महादेव में ढाई हजार लीटर दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। वह दूध नालियों में बहने की जगह ड्रमों में एकत्र करके गोशालाओं में भेजा गया तो लावारिस पशुओं को भी पिलाया गया। इस तरह ढाई हजार लीटर दूध बर्बाद होने से बच गया। वहीं साढ़े तीन हजार किलो फूल व अन्य पूजन सामग्री चढ़ी। इससे अब अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाई जाएगी।
पुरा महादेव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पर फाल्गुनी व श्रावणी मेले लगते हैं और इन दोनों मेले में लाखों कांवड़िये व श्रद्धालु आकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। अधिकतर शिवभक्त दूध से अभिषेक करते हैं तो कोई केवल जल से अभिषेक करता है। वहां फाल्गुनी मेला शनिवार से शुरू हो गया है, जो सोमवार तक चलेगा। वहां रविवार रात तक पांच लाख कांवड़ियों व श्रद्धालुओं के आने का दावा किया गया।
वहीं पहली बार ऐसी व्यवस्था की गई कि श्रद्धालुओं ने जिस दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया, वह नालियों में बहने की जगह एकत्र किया गया। डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि इसके लिए गर्भग्रह के बाहर वालंटियर लगाए गए थे। वह बड़े बर्तनों में दूध एकत्र कर रहे थे और इसके बाद उसको ड्रमों में करके गोशालाओं व लावारिस पशुओं के लिए भेजा गया।
वहां रविवार रात तक करीब ढाई हजार लीटर दूध निकलने का अनुमान लगाया गया है, क्योंकि दूध व जल मिलकर निकला तो उसमें 30 प्रतिशत दूध होने का आंकलन किया गया। उस दूध को नालियों में बहकर खराब होने की जगह दोबारा से इस्तेमाल किया गया, जो वहां पहली बार हुआ है। वहीं कांवड़ियों व श्रद्धालुओं को जेल में बने थैले और पौधे भी बांटे गए।
-3.5 हजार किलो फूल व पूजन सामग्री से बनेगी अगरबत्ती व धूपबत्ती
मंदिर में चढ़ाए जाने वाले फूलों व पत्तों के साथ ही अन्य पूजन सामग्री के कारण बाद में आसपास गंदगी होती थी। इसलिए इस बार उसको एक जगह एकत्र कराया गया, जो करीब साढ़े तीन हजार किलो रविवार रात तक एकत्र हुई। डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि इसको सुखाया गया और सोमवार से इससे अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इस तरह वहां गंदगी नहीं फैलेगी।
Trending Videos
पुरा महादेव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पर फाल्गुनी व श्रावणी मेले लगते हैं और इन दोनों मेले में लाखों कांवड़िये व श्रद्धालु आकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। अधिकतर शिवभक्त दूध से अभिषेक करते हैं तो कोई केवल जल से अभिषेक करता है। वहां फाल्गुनी मेला शनिवार से शुरू हो गया है, जो सोमवार तक चलेगा। वहां रविवार रात तक पांच लाख कांवड़ियों व श्रद्धालुओं के आने का दावा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं पहली बार ऐसी व्यवस्था की गई कि श्रद्धालुओं ने जिस दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया, वह नालियों में बहने की जगह एकत्र किया गया। डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि इसके लिए गर्भग्रह के बाहर वालंटियर लगाए गए थे। वह बड़े बर्तनों में दूध एकत्र कर रहे थे और इसके बाद उसको ड्रमों में करके गोशालाओं व लावारिस पशुओं के लिए भेजा गया।
वहां रविवार रात तक करीब ढाई हजार लीटर दूध निकलने का अनुमान लगाया गया है, क्योंकि दूध व जल मिलकर निकला तो उसमें 30 प्रतिशत दूध होने का आंकलन किया गया। उस दूध को नालियों में बहकर खराब होने की जगह दोबारा से इस्तेमाल किया गया, जो वहां पहली बार हुआ है। वहीं कांवड़ियों व श्रद्धालुओं को जेल में बने थैले और पौधे भी बांटे गए।
-3.5 हजार किलो फूल व पूजन सामग्री से बनेगी अगरबत्ती व धूपबत्ती
मंदिर में चढ़ाए जाने वाले फूलों व पत्तों के साथ ही अन्य पूजन सामग्री के कारण बाद में आसपास गंदगी होती थी। इसलिए इस बार उसको एक जगह एकत्र कराया गया, जो करीब साढ़े तीन हजार किलो रविवार रात तक एकत्र हुई। डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि इसको सुखाया गया और सोमवार से इससे अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इस तरह वहां गंदगी नहीं फैलेगी।