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Baghpat News: पंचायतीराज से एक करोड़ तो कृषि विभाग से 30 लाख रुपये गए वापस
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बागपत। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बजट ठिकाने लगाने के लिए अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक लगे रहे। इसके बावजूद पंचायतीराज विभाग से एक करोड़ रुपये, कृषि विभाग से 30 लाख रुपये, स्वास्थ्य विभाग से करीब साढ़े आठ लाख रुपये समेत अन्य विभागों से रुपये वापस चले गए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के आखिरी दिन मंगलवार को महावीर जयंती की छुट्टी होने के बाद भी विभागों में अधिकारी व कर्मचारी रात तक कार्य करते रहे। जहां कुछ विभागों में बजट आने की उम्मीद थी तो काफी विभागों में बजट आया हुआ था और उसे खर्च करने में लगे थे। कृषि विभाग में किसानों को कृषि यंत्र वितरण के लिए कई माह पहले डेढ़ करोड़ रुपये बजट भेजा गया था। इसमें से कृषि यंत्रों का 30 लाख रुपये बजट वापस भेज दिया गया। इसके अलावा पंचायतीराज विभाग में एक करोड़ रुपये वेतन, एरियर, भत्ते, मकान किराया आदि के लिए बचे हुए थे, जो वापस चले गए। स्वास्थ्य विभाग से साढ़े आठ लाख रुपये वापस गए। डीपीआरओ रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि एक करोड़ रुपये बचे हुए थे, जो वापस कर दिए गए। गांवों के लिए आया हुआ बजट वापस नहीं जाएगा, जो खर्च किया जाएगा।
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एक ही दिन में कर दिया 17 करोड़ रुपये का भुगतान
वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन मंगलवार को विभागों ने 17.19 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। सबसे ज्यादा 4.99 करोड़ रुपये का भुगतान जिला अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने किया। लोक निर्माण विभाग ने ढाई करोड़ रुपये और सिंचाई विभाग ने दो करोड़ रुपये का भुगतान किया। इनके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने 90 लाख रुपये, जिला अस्पताल ने 80 लाख रुपये, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से 73 लाख रुपये, राजकीय महाविद्यालय ने 59 लाख रुपये, समाज कल्याण विभाग ने 50 लाख रुपये समेत अन्य कई विभागों ने लाखों रुपये भुगतान किया। यह सभी कई महीने से बजट को दबाकर बैठे हुए थे।
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एक ही दिन में कर दिया 17 करोड़ रुपये का भुगतान
वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन मंगलवार को विभागों ने 17.19 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। सबसे ज्यादा 4.99 करोड़ रुपये का भुगतान जिला अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने किया। लोक निर्माण विभाग ने ढाई करोड़ रुपये और सिंचाई विभाग ने दो करोड़ रुपये का भुगतान किया। इनके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने 90 लाख रुपये, जिला अस्पताल ने 80 लाख रुपये, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से 73 लाख रुपये, राजकीय महाविद्यालय ने 59 लाख रुपये, समाज कल्याण विभाग ने 50 लाख रुपये समेत अन्य कई विभागों ने लाखों रुपये भुगतान किया। यह सभी कई महीने से बजट को दबाकर बैठे हुए थे।
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