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Baghpat News: प्रधानों ने उठाई कार्यकाल बढ़ाने की मांग, जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में हंगामा
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कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर बागपत विकास भवन से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालते जिले के प्रधान। स
- फोटो : Archive
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- प्रधानों का कार्यकाल होने वाला है खत्म, चुनाव भी नहीं होने से नियुक्त हो सकते हैं प्रशासक
- प्रधानों ने आंदोलन शुरू करके सरकार से चुनाव होने तक कार्यकाल बढ़ाने की मांग रखी
- विकास भवन सभागार में बैठक करने के बाद कलक्ट्रेट तक निकाला जुलूस, डीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिलेभर के प्रधान बुधवार को विकास भवन में एकत्र हुए और सभागार में बैठक की गई। उन्होंने सीडीओ अनिल कुमार के सामने कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाई। वहां से जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट में पहुंचे और नारेबाजी कर हंगामा किया। उन्होंने डीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर चुनाव होने तक कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के बैनर तले विकास में प्रधान पहुंचे, जहां जिलाध्यक्ष प्रीति देवी ने कहा कि प्रधानों का कार्यकाल 26 मई में समाप्त होने जा रहा है। अभी ग्राम पंचायत का चुनाव होने की भी कोई उम्मीद नहीं है और इसमें देरी होती जा रही है। विधानसभा चुनाव के बाद ही ग्राम पंचायत के चुनाव होने की बात कही जा रही है।
ऐसे में प्रधानों को कुर्सी छीने जाने का खतरा हो गया है, क्योंकि कार्यकाल खत्म होने के कारण प्रशासक नियुक्त कर दिए जाएंगे। ऐसे में प्रधानों के पास कोई अधिकार भी नहीं रहेंगे। इससे गांव के विकास कार्य भी ठप हो जाएंगे और प्रधानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सीडीओ अनिल कुमार सिंह व डीडीओ राहुल वर्मा के सामने समस्या रखी और कार्यकाल बढ़वाने की मांग की।
बैठक के बाद प्रधानों ने विकास भवन से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और डीएम अस्मिता लाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि यदि उनकी कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो मंडल स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और फिर प्रधान लखनऊ में एकत्र होकर आंदोलन शुरू करेंगे। इस दौरान अमरजीत प्रधान, वीरेंद्र सिंह, अमित कुमार, देवेंद्र कुमार, सन्नी प्रधान, महबूब अली, सुषमा त्यागी, थान सिंह प्रधान, मंजू तोमर आदि मौजूद रहे।
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- सरकार को कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार है। सरकार अभी चुनाव नहीं करा रही है तो उसको प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए। इससे गांवों में विकास कार्यों को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। प्रदेश सरकार को प्रधानों व आम जनता के हित में फैसला लेना चाहिए। - प्रीति देवी, फैजपुर निनाना
- जुलाई तक यदि पंचायत चुनाव नहीं होते हैं तो प्रदेश सरकार को प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए। इससे गांवों के विकास कराने की परेशानी नहीं होगी, क्योंकि प्रधान को गांव की समस्याओं की जानकारी होती है। प्रशासक नियुक्त होने पर वह कार्य नहीं करा पाएंगे। - राजीव कुमार, ब्राह्मणपुट्ठी
- ग्राम पंचायतों में प्रशासक को जिम्मेदारी नहीं सौंपनी चाहिए, क्योंकि प्रधान ही गांव के प्रतिनिधि होते हैं और वह गांव की बेहतर जानकारी रखने के कारण समस्याओं का समाधान आसानी से करा देते हैं। ऐसे में चुनाव न होने तक उन्हें अधिकार देना चाहिए। - मनोज धामा, पाबला बेगमाबाद
- यदि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो प्रदेशभर के प्रधान लखनऊ से लेकर दिल्ली तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए और प्रधानों का अधिकार नहीं छीनना चाहिए। - दीपक कुमार, मवीकलां
- कार्यकाल बढ़ाने के लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए। कार्यकाल बढ़ने से गांव का विकास भी होगा और लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा। इससे आम जनता के साथ ही सरकार को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि विकास कार्य होते रहेंगे तो सरकार की छवि अच्छी रहेगी। - नवाजिश, टांडा
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- प्रधानों ने आंदोलन शुरू करके सरकार से चुनाव होने तक कार्यकाल बढ़ाने की मांग रखी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिलेभर के प्रधान बुधवार को विकास भवन में एकत्र हुए और सभागार में बैठक की गई। उन्होंने सीडीओ अनिल कुमार के सामने कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाई। वहां से जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट में पहुंचे और नारेबाजी कर हंगामा किया। उन्होंने डीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर चुनाव होने तक कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के बैनर तले विकास में प्रधान पहुंचे, जहां जिलाध्यक्ष प्रीति देवी ने कहा कि प्रधानों का कार्यकाल 26 मई में समाप्त होने जा रहा है। अभी ग्राम पंचायत का चुनाव होने की भी कोई उम्मीद नहीं है और इसमें देरी होती जा रही है। विधानसभा चुनाव के बाद ही ग्राम पंचायत के चुनाव होने की बात कही जा रही है।
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ऐसे में प्रधानों को कुर्सी छीने जाने का खतरा हो गया है, क्योंकि कार्यकाल खत्म होने के कारण प्रशासक नियुक्त कर दिए जाएंगे। ऐसे में प्रधानों के पास कोई अधिकार भी नहीं रहेंगे। इससे गांव के विकास कार्य भी ठप हो जाएंगे और प्रधानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सीडीओ अनिल कुमार सिंह व डीडीओ राहुल वर्मा के सामने समस्या रखी और कार्यकाल बढ़वाने की मांग की।
बैठक के बाद प्रधानों ने विकास भवन से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और डीएम अस्मिता लाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि यदि उनकी कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो मंडल स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और फिर प्रधान लखनऊ में एकत्र होकर आंदोलन शुरू करेंगे। इस दौरान अमरजीत प्रधान, वीरेंद्र सिंह, अमित कुमार, देवेंद्र कुमार, सन्नी प्रधान, महबूब अली, सुषमा त्यागी, थान सिंह प्रधान, मंजू तोमर आदि मौजूद रहे।
- सरकार को कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार है। सरकार अभी चुनाव नहीं करा रही है तो उसको प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए। इससे गांवों में विकास कार्यों को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। प्रदेश सरकार को प्रधानों व आम जनता के हित में फैसला लेना चाहिए। - प्रीति देवी, फैजपुर निनाना
- जुलाई तक यदि पंचायत चुनाव नहीं होते हैं तो प्रदेश सरकार को प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए। इससे गांवों के विकास कराने की परेशानी नहीं होगी, क्योंकि प्रधान को गांव की समस्याओं की जानकारी होती है। प्रशासक नियुक्त होने पर वह कार्य नहीं करा पाएंगे। - राजीव कुमार, ब्राह्मणपुट्ठी
- ग्राम पंचायतों में प्रशासक को जिम्मेदारी नहीं सौंपनी चाहिए, क्योंकि प्रधान ही गांव के प्रतिनिधि होते हैं और वह गांव की बेहतर जानकारी रखने के कारण समस्याओं का समाधान आसानी से करा देते हैं। ऐसे में चुनाव न होने तक उन्हें अधिकार देना चाहिए। - मनोज धामा, पाबला बेगमाबाद
- यदि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो प्रदेशभर के प्रधान लखनऊ से लेकर दिल्ली तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए और प्रधानों का अधिकार नहीं छीनना चाहिए। - दीपक कुमार, मवीकलां
- कार्यकाल बढ़ाने के लिए सरकार को ध्यान देना चाहिए। कार्यकाल बढ़ने से गांव का विकास भी होगा और लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा। इससे आम जनता के साथ ही सरकार को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि विकास कार्य होते रहेंगे तो सरकार की छवि अच्छी रहेगी। - नवाजिश, टांडा

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