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Baghpat News: महंगाई बिगाड़ रही रसोई का बजट, महिलाओं की बढ़ रही चिंता
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बड़ौत। पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दामों में हुई वृद्धि का असर अब आम रसोई पर दिखने लगा है। ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत में बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते सब्जी, दूध, दाल और तेल समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए गए हैं। इससे सीमित आय में घर चलाने वाली महिलाओं की चिंता बढ़ गई है।
महिलाओं पिंकी, सरिता और मोनिका का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण अब घर का मासिक बजट चलाना बेहद कठिन हो गया है। पहले जहां कुछ बचत हो जाती थी, वहीं अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। ईंधन मूल्य वृद्धि का असर केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे बाजार की व्यवस्था को प्रभावित करता है। परिवहन लागत बढ़ने से थोक से लेकर फुटकर बाजार तक सभी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में आम उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है। उनके अनुसार, दूध के दाम कंपनियों ने तुरंत बढ़ा दिए हैं। इसी तरह सब्जी और फलों के दाम भी पांच रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। ये सभी ऐसी वस्तुएं हैं जिनकी खरीदारी अनिवार्य है।
-सरकार से महंगाई नियंत्रण की मांग
परिवहन लागत बढ़ने से थोक और फुटकर दोनों बाजारों में वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इससे आम उपभोक्ता पर दोहरी मार पड़ रही है। दूध के दाम तुरंत बढ़ाए गए हैं, जबकि सब्जी और फलों के दाम भी पांच रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। महिलाओं ने सरकार से महंगाई को नियंत्रण में रखने की मांग की है ताकि रसोई का बजट प्रभावित न हो।
ये बोली महिलाएं
-- पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर घरेलू बजट पर पड़ा है। सब्जी, राशन समेत दैनिक उपयोग की वस्तुएं लगातार महंगी होती जा रही हैं। बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -रीतिका, गृहिणी
पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही परिवहन भाड़ा बढ़ जाता है, जिससे हर सामान की कीमत बढ़ जाती है। सीमित आमदनी में घर का खर्च संभालना कठिन होता जा रहा है। महंगाई की मार सबसे ज्यादा गृहिणियों पर दिख रही है, क्योंकि रसोई का बजट उन्हीं के जिम्मे होता है। -अनुराधा, गृहिणी
महिलाओं पिंकी, सरिता और मोनिका का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण अब घर का मासिक बजट चलाना बेहद कठिन हो गया है। पहले जहां कुछ बचत हो जाती थी, वहीं अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। ईंधन मूल्य वृद्धि का असर केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे बाजार की व्यवस्था को प्रभावित करता है। परिवहन लागत बढ़ने से थोक से लेकर फुटकर बाजार तक सभी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में आम उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है। उनके अनुसार, दूध के दाम कंपनियों ने तुरंत बढ़ा दिए हैं। इसी तरह सब्जी और फलों के दाम भी पांच रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। ये सभी ऐसी वस्तुएं हैं जिनकी खरीदारी अनिवार्य है।
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-सरकार से महंगाई नियंत्रण की मांग
परिवहन लागत बढ़ने से थोक और फुटकर दोनों बाजारों में वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इससे आम उपभोक्ता पर दोहरी मार पड़ रही है। दूध के दाम तुरंत बढ़ाए गए हैं, जबकि सब्जी और फलों के दाम भी पांच रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। महिलाओं ने सरकार से महंगाई को नियंत्रण में रखने की मांग की है ताकि रसोई का बजट प्रभावित न हो।
ये बोली महिलाएं
पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही परिवहन भाड़ा बढ़ जाता है, जिससे हर सामान की कीमत बढ़ जाती है। सीमित आमदनी में घर का खर्च संभालना कठिन होता जा रहा है। महंगाई की मार सबसे ज्यादा गृहिणियों पर दिख रही है, क्योंकि रसोई का बजट उन्हीं के जिम्मे होता है। -अनुराधा, गृहिणी