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शूटर का एनकाउंटर: तीन गोली सीने और एक नाक पर लगी, चारों निकल गईं आर-पार, हत्या-डकैती समेत 38 मुकदमे थे दर्ज

Mon, 27 Jul 2026 11:36 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 27 Jul 2026 11:36 AM IST
सार

Baghpat News: शामली के भभीसा गांव के 50 हजार रुपये के इनामी शूटर विपुल उर्फ खूनी को पुलिस ने बागपत में एनकाउंटर में मार गिराया। चिकित्सकों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच जाएगी। 

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Shooter's Encounter: Three bullets struck the chest and one the nose—all passing clean through
baghpat encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सिंघावली अहीर-सैड़भर मार्ग पर 50 हजार रुपये के इनामी शूटर विपुल उर्फ खूनी को शनिवार शाम एसटीएफ और पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसका पोस्टमार्टम रविवार को दो चिकित्सकों के पैनल ने किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
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Shooter's Encounter: Three bullets struck the chest and one the nose—all passing clean through
पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े विपुल के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
विपुल उर्फ खूनी शामली जिले का निवासी था। वह हत्या के एक मामले में वांछित था। अप्रैल में वादी अशोक कुमार से रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शनिवार शाम एसटीएफ और सिंघावली अहीर पुलिस ने सैड़भर मार्ग पर उसकी घेराबंदी की। वहां हुई मुठभेड़ में चार गोली लगने से घायल विपुल की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। एसटीएफ के उपनिरीक्षक अरुण निगम ने सिंघावली अहीर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
 
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पुलिस के अनुसार, विपुल के खिलाफ मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और दिल्ली में हत्या, लूट, जानलेवा हमला, डकैती समेत 38 मामले दर्ज थे। वह पूर्वांचल के बदमाशों के संपर्क में भी रह चुका था। पोस्टमार्टम के दौरान तहसीलदार अभिषेक सिंह मौजूद रहे। विपुल के चाचा योगेश ने चार साल से कोई अपराध न करने का दावा किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए।

विपुल के शरीर के आरपार निकल गई थीं गोलियां
पोस्टमार्टम में विपुल को चार गोली लगी मिलीं, जिसमें एक नाक और तीन सीने में लगी थीं। पुलिस के अनुसार चारों गोली विपुल के शरीर के आरपार निकल गई थीं।
 
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परिजन बोले, जेल से आकर कारोबार कर रहा था विपुल
विपुल के मारे जाने की सूचना परिवार वालों को मिली तो चाचा योगेश, बेटे आरव समेत बड़ी संख्या में रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। चाचा योगेश ने बताया कि वर्ष 2017 में गिरफ्तार होने के बाद विपुल जमानत पर बाहर आ गया था। इसके बाद चार साल से हरियाणा और राजस्थान में ट्रैक्टर-ट्रॉली से पुआल की सप्लाई करने का कारोबार कर रहा था। विपुल के पास 25 मजदूर काम करते थे। 
दावा किया कि पिछले चार साल में विपुल ने कोई अपराध नहीं किया। उन्होंने रंगदारी के मामले में फंसाकर घटना को अंजाम देने का भी आरोप लगाया। विपुल का बड़ा बेटा आरव 9वीं कक्षा, बेटी अवनी कक्षा छह और छोटा बेटा आर्यवीर कक्षा चार में पढ़ाई करता है। शनिवार को बड़ौत में अपने बेटे से मुलाकात करके जा रहा था।
 

ये बोले एसपी
मुठभेड़ के मामले में एसटीएफ के एसआई की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 
-सूरज कुमार राय, एसपी
 

कुख्यात विपुल उर्फ खूनी का भभीसा में हुआ अंतिम संस्कार
एसटीएफ मेरठ और बागपत पुलिस के साथ शनिवार को मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी का शव पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव शामली के भभीसा लाया गया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
बागपत के सिंघावली अहीर थानाक्षेत्र में शनिवार को हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी मारा गया था। एसटीएफ ने मौके से दो पिस्टल, कारतूस और खोखे तथा अपाचे बरामद की थी। 

पुलिस रिकार्ड में विपुल पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, गैंगस्टर आदि के 38 मामले दर्ज थे। वह कांधला थाने पर गांव भभीसा निवासी अशोक की तरफ से इसी वर्ष अप्रैल माह में रंगदारी मांगने के दर्ज मामले में वांछित चल रहा था। 2014 में विपुल ने अशोक के भाई पवन की हत्या की थी। रंगदारी के मामले में वांछित होने के कारण उस पर डीआईजी सहारनपुर की तरफ से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
रविवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद विपुल का शव उसके पैतृक गांव भभीसा लाया गया। देर शाम गांव के श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। उसके बड़े बेटे माही ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मां राजेश देवी, पत्नी बबीता व अन्य परिजनों के अलावा ग्रामीण मौजूद रहे।

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