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Baghpat News: जिला पंचायत में बजट की भरमार, खर्च करने को नहीं तैयार
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जिला पंचायत में बजट की भरमार, खर्च करने को नहीं तैयार की खबर से संबंधित फोटो। बागपत जिला पंचाय
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला पंचायत में विकास कार्यों के लिए बजट की खूब भरमार है मगर अधिकारी बजट खर्च करने को तैयार नहीं हैं। स्थिति यह है कि जिला पंचायत के खाते में 33 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं और ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे। अध्यक्ष का अब केवल पांच महीने का कार्यकाल बाकी रह गया और सदस्य भी पूरा बजट जल्द खर्च करने की मांग उठाने लगे।
जिला पंचायत में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये बजट मिलता है जो किसी भी साल पूरा नहीं खर्च हो सका। इस तरह यह बजट जमा होता चला गया। यहां कभी जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों में खींचतान के कारण विकास कार्य नहीं हो सके तो वित्तीय वर्ष 2024-25 में कार्य योजना तक मंजूर नहीं हो सकी। इस कारण उस वित्तीय वर्ष में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही और एक रुपया भी खर्च नहीं हो सका।
इस तरह बजट जमा होकर 37 करोड़ रुपये हो गया था। इसको खर्च करना शुरू किया गया तो इस वित्तीय वर्ष में 18 करोड़ रुपये का बजट फिर मिल गया।
इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 22 करोड़ रुपये खर्च जरूर दिखाए गए मगर इसके बाद भी 33 करोड़ रुपये जिला पंचायत के खाते में बचे पड़े हैं। इस तरह स्थिति यह लग रही है कि बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद करोड़ों रुपये का बजट बाकी रह जाएगा।
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बागपत। जिला पंचायत में विकास कार्यों के लिए बजट की खूब भरमार है मगर अधिकारी बजट खर्च करने को तैयार नहीं हैं। स्थिति यह है कि जिला पंचायत के खाते में 33 करोड़ रुपये पड़े हुए हैं और ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे। अध्यक्ष का अब केवल पांच महीने का कार्यकाल बाकी रह गया और सदस्य भी पूरा बजट जल्द खर्च करने की मांग उठाने लगे।
जिला पंचायत में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये बजट मिलता है जो किसी भी साल पूरा नहीं खर्च हो सका। इस तरह यह बजट जमा होता चला गया। यहां कभी जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों में खींचतान के कारण विकास कार्य नहीं हो सके तो वित्तीय वर्ष 2024-25 में कार्य योजना तक मंजूर नहीं हो सकी। इस कारण उस वित्तीय वर्ष में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही और एक रुपया भी खर्च नहीं हो सका।
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इस तरह बजट जमा होकर 37 करोड़ रुपये हो गया था। इसको खर्च करना शुरू किया गया तो इस वित्तीय वर्ष में 18 करोड़ रुपये का बजट फिर मिल गया।
इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 22 करोड़ रुपये खर्च जरूर दिखाए गए मगर इसके बाद भी 33 करोड़ रुपये जिला पंचायत के खाते में बचे पड़े हैं। इस तरह स्थिति यह लग रही है कि बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद करोड़ों रुपये का बजट बाकी रह जाएगा।
