बागपत जिले के रमाला में बैंक लूट के मामले में पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र सूप पिछले साल ही जेल से बाहर आया था। जिसके बाद से वह उस मकान में रहता था, जहां उसका शव मिला है। जितेंद्र की हत्या में जिस अंकुर पर आरोप लगा है, गांव में वही उसका सबसे ज्यादा करीबी था और वह दोनों ही ज्यादातर साथ रहते थे।
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जितेंद्र अपने पैर का ऑपरेशन कराना चाहता था और वह बुधवार को पैर का ऑपरेशन कराने के लिए दिल्ली गया था। जहां अंकुर ही उसके साथ गया था, लेकिन ब्लड प्रेशर ज्यादा होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो सका था।
इसके अलावा भी किसी जगह जितेंद्र जाता था, तो उसके साथ अधिकतर अंकुर रहता था। इसलिए हर कोई यह सुनकर चौंक रहा था कि जितेंद्र की हत्या में अंकुर शामिल है।
डॉग स्क्वॉड घटनास्थल से चला, मुख्य मार्ग पर जाकर रुका
पुलिस ने घटनास्थल के पास ही एक मकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को कब्जे में लिया है और इससे छानबीन की जा रही है। वहीं घटनास्थल पर फटी हुई एक शर्ट मिली है और यह माना जा रहा है कि वह आरोपियों में किसी एक ही शर्ट है। इसलिए ही डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलवाकर कुत्ते को शर्ट सुंघाने के बाद वहां से रवाना किया। वह छपरौली-किशनपुर बराल मार्ग पर पहुंचकर रुक गया। इस तरह से डॉग स्क्वॉड भी आरोपियों तक पहुंचाने में कामयाब नहीं हो सकी। पुलिस को घटनास्थल से शराब की दो खाली टूटी हुई बोतल, पानी की तीन बोतल, चटनी आदि सामान मिला। पुलिस मान रही है कि उनका शराब पीने के दौरान झगड़ा हुआ और उसके बाद हत्या की गई।
रमाला, छपरौली और दोघट में दर्ज हैं हत्या के मुकदमे
सीओ युवराज सिंह ने बताया कि जितेंद्र के खिलाफ सबसे पहला हत्या का मुकदमा दोघट थाने में दर्ज हुआ था। उसके बाद ठेकों पर लूट, गैंगस्टर, बस में लूट, बैंक में लूट के मुकदमे दर्ज हुए थे। उस पर आखिरी मुकदमा बैंक लूट का छपरौली थाने में दर्ज हुआ था, जबकि अन्य मुकदमे रमाला थाने में दर्ज थे।