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Baghpat News: बाधाओं की सीढ़ियों पर चढ़कर विश्व विजेता बनीं वंशिका

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:24 AM IST
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Vanshika Becomes World Champion by Climbing the Staircase of Obstacles
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बिनौली। माखर गांव की बेटी वंशिका चौधरी ने बाधाओं की सीढ़ियों पर चढ़कर शूटिंग में विश्व विजेता का खिताब अपने नाम किया। वंशिका ने अपने चचेरे भाई अंश चौधरी से पिस्टल उधार लेकर प्रैक्टिस की और केवल दो साल में यह मुकाम हासिल कर लिया। वंशिका का सपना देश के लिए ओलंपिक पदक जीतना है और इस लक्ष्य को लेकर वह रोजाना छह घंटे प्रैक्टिस करती हैं।
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माखर गांव के किसान नीलम कुमार की बेटी वंशिका चौधरी ने वर्ष 2024 में शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की। उस समय उसके इंजीनियर चाचा अमित कुमार का बेटा अंश चौधरी अपनी पिस्टल से बिनौली में शूटिंग की प्रैक्टिस करने जाता था, उसे देखकर ही वंशिका ने भी शूटिंग करने की इच्छा जताई। इसके बाद उसके चाचा परिवार सहित दिल्ली चले गए और वह शूटिंग सीखने के लिए अंश की पिस्टल वंशिका को दे गए। वंशिका न्यू एरा वर्ल्ड स्कूल में पढ़ती थी और वहां की रेंज में शूटिंग की प्रैक्टिस करने लगी। इसके साथ ही 12वीं की पढ़ाई करती तो उसके पिता को चिंता होने लगी कि बेटी पढ़ाई से ज्यादा समय शूटिंग करती है। 12वीं पास करने के बाद वंशिका ने पूरा फोकस शूटिंग पर कर दिया और प्रदेश स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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-पिता ने शूटिंग करने से रोका तो रोने लगी वंशिका, फिर माने पिता
जब शूटिंग की तरफ वंशिका चौधरी के कदम बढ़ने लगे तो पिता नीलम कुमार पढ़ाई को लेकर चिंता करने लगे और बेटी को शूटिंग करने से रोका। वह स्कूल में जाकर अपनी प्रधानाचार्य मीनू सिरोही के सामने रोने लगी और पापा को मनाने के लिए कहा। जब कई दिन हो गए और उसे शूटिंग की जगह पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने के लिए कहा गया तो वह पापा के सामने खूब रोई। बाद में प्रधानाचार्य ने उसके पापा को वंशिका के पढ़ाई और शूटिंग दोनों में अच्छा करने का भरोसा दिलाया। वंशिका ने भी शूटिंग में पदक जीतने शुरू किए और 12वीं भी अच्छे अंकों से पास की।



-चचेरे भाई की पिस्टल खराब होने पर दुख हुआ, हौसला नहीं टूटा
जब वंशिका वर्ष 2025 में पदक जीत रहीं थीं तो चचेरे भाई वंश से मिली पिस्टल खराब हो गई, उसको काफी दुख हुआ और यह भी चिंता हो गई कि अब प्रैक्टिस कैसे होगी। यह देखकर पिता ने नई पिस्टल लाकर दी और जौहड़ी की दादी चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज पर प्रैक्टिस करने के लिए भेजना शुरू किया। वंशिका ने कड़ी मेहनत और लगन से शूटिंग का अभ्यास करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदकों की झड़ी लगा दी।
-मेरा लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना : वंशिका
वंशिका ने मिस्र के काहिरा में 16 से 27 अप्रैल तक हुए जूनियर आईएसएसएफ विश्व कप में दस मीटर एयर पिस्टल में सिंगल व मिक्स्ड में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। वंशिका कहती हैं कि उनका लक्ष्य केवल विश्व कप में पदक जीतना नहीं था, बल्कि वह देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना चाहती हैं। इसके लिए ही रोजाना छह घंटे तक प्रैक्टिस कर रही हैं।
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इस तरह जीते पदक
-स्टेट चैंपियनशिप 2024 में टीम में स्वर्ण पदक

-खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स जयपुर 2025 में टीम में स्वर्ण पदक

-नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप दिल्ली 2025 में स्वर्ण पदक

-एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2025 में दो स्वर्ण पदक

-आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप दिल्ली 2025 में मिक्स्ड स्पर्धा में रजत पदक

-एशियन राइफल पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप दिल्ली 2026 में टीम में स्वर्ण पदक

-मिस्र की राजधानी काहिरा में जूनियर आईएसएसएफ वर्ल्ड कप 2026 में दो स्वर्ण पदक
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