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आत्मरक्षा के गुर सीखकर खुद की रक्षा करें बेटियां : रवि शास्त्री
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फोटो-नौ
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। तमेलागढ़ी गांव के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेमोरियल इंटर कॉलेज में बेटियों के लिए आत्मरक्षा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवतियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। आर्य सभा के मंत्री रवि शास्त्री ने इस अवसर पर बेटियों से आत्मरक्षा के गुर सीखने का आह्वान किया।
शास्त्री ने कहा कि बेटियों को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहादुर वीरांगना बनकर अत्याचार का सामना करना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति में मर्यादा और स्वाभिमान के विशेष महत्व पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं से अपने सम्मान की रक्षा करने और समाज में बढ़ती अश्लीलता का विरोध करने का आह्वान किया। शिविरों में योग, प्राणायाम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और नैतिक शिक्षा के माध्यम से बेटियों को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका लक्ष्य उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाना है। इस पहल से युवतियों में आत्मविश्वास बढ़ाने की उम्मीद है। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें प्रधानाचार्य रुकमपाल सिंह यादव, प्रबंधक राजीव राणा और सविता आर्य शामिल थे। प्रधानाचार्य सत्यव्रत राणा, प्रधानाचार्य मनोज कुमार, धर्मपाल त्यागी और कपिल आर्य भी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। तमेलागढ़ी गांव के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेमोरियल इंटर कॉलेज में बेटियों के लिए आत्मरक्षा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवतियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है। आर्य सभा के मंत्री रवि शास्त्री ने इस अवसर पर बेटियों से आत्मरक्षा के गुर सीखने का आह्वान किया।
शास्त्री ने कहा कि बेटियों को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जैसी बहादुर वीरांगना बनकर अत्याचार का सामना करना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति में मर्यादा और स्वाभिमान के विशेष महत्व पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं से अपने सम्मान की रक्षा करने और समाज में बढ़ती अश्लीलता का विरोध करने का आह्वान किया। शिविरों में योग, प्राणायाम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और नैतिक शिक्षा के माध्यम से बेटियों को सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका लक्ष्य उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाना है। इस पहल से युवतियों में आत्मविश्वास बढ़ाने की उम्मीद है। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें प्रधानाचार्य रुकमपाल सिंह यादव, प्रबंधक राजीव राणा और सविता आर्य शामिल थे। प्रधानाचार्य सत्यव्रत राणा, प्रधानाचार्य मनोज कुमार, धर्मपाल त्यागी और कपिल आर्य भी मौजूद रहे।
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