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Baghpat News: एक्सप्रेसवे पर दौड़े वाहन, दिल्ली पहले नजदीक हुई, अब देहरादून भी दूर नहीं
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बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बागपत के लिए दिल्ली और देहरादून की यात्रा काफी आसान हो गई है। यह 210 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से देहरादून तक फैला है। दिल्ली पहले ही बागपत के नजदीक हो चुकी है और अब देहरादून भी दूर नहीं है।
दिल्ली के अक्षरधाम से देहरादून तक लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च 2025 में पूरा होना था, मगर एक साल बाद इसका फायदा वाहन चालकों को मिलना शुरू हुआ। 13000 करोड़ रुपये की लागत से बने एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा हिस्सा बागपत में पड़ता है, जो डूंडाहेड़ा से मुजफ्फरनगर की सीमा तक है। बागपत ही अकेला ऐसा जिला है, जहां इसके दो चरण के एलिवेटेड व सामान्य सड़क है।
बागपत से पहले जहां दिल्ली के अक्षरधाम तक जाने में करीब डेढ़ घंटा लगता था। वहीं एक दिसंबर 2025 को एलिवेटेड सड़क शुरू होने पर केवल 25-30 मिनट में बागपत से वहां पहुंच रहे हैं। इस तरह बागपत से देहरादून तक जाने में पांच-छह घंटे लगते थे तो अब केवल दो घंटे में वहां पहुंच सकेंगे।
-इस तरह बनाया गया है एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे का पहला चरण 32 किलोमीटर लंबा है, जो दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से शुरू होकर बागपत के खेकड़ा तक एलिवेटेड है। दूसरा चरण बागपत के मवीकलां से सहारनपुर तक 118 किलोमीटर है। तीसरा चरण 40 किमी लंबा है, जो सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर जंक्शन तक जाता है। यहां से राजाजी नेशनल पार्क शुरू होता है। चौथा चरण 20 किलोमीटर लंबा है और इसमें डाटकाली टनल अहम है। एक्सप्रेसवे में 110 से अधिक अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज और 4 बड़े पुल बनाए गए हैं। 16 जगह एंट्री और एग्जिट के लिए हैं।
-अब बागपत, बड़ौत से घट जाएगा ट्रैफिक
एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली व गाजियाबाद से शामली की तरफ जाने वाले वाहनों को दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे से जाने की जरूरत नहीं होगी। वह दिल्ली-देहरादून से होते हुए सीधे बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, देहरादूर पहुंच सकेंगे। इस तरह दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बागपत व बड़ौत में ट्रैफिक कम हो जाएगा।
-टोल प्लाजा एक सप्ताह बाद चलेगा, एनुअल पास का लाभ मिलेगा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अभी वाहन चालकों को टोल से राहत मिलेगी और यह राहत एक सप्ताह रहेगी। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि अभी टोल का कार्य कुछ बाकी है और उसका नोटिफिकेशन भी नहीं आया है। वहीं दिल्ली से देहरादून तक का करीब 675 रुपये टोल लगेगा तो इस पर फास्टैग एनुअल पास भी चलेगा, क्योंकि इस एक्सप्रेसवे को एनएचएआई ने बनाया है और एनएचएआई के सभी एक्सप्रेसवे पर एनुअल पास मान्य है।
इन बातों का रखें ध्यान
-कार व अन्य छोटे वाहनों की गति सीमा सौ किमी प्रति घंटा तो भारी वाहनों की गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा रखें।
-एक्सप्रेसवे पर रेस्ट एरिया में वाहन को खड़ा करें, अन्य जगह पर वाहन को खड़ा न किया जाए।
-एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में वाहन न चलाएं, इंटरचेंज छूटने पर अगले से वापस आएं।
-एक्सप्रेसवे पर बाईं लेन भारी वाहनों, बीच वाली लेन सामान्य वाहनों, दाईं वाली लेन ओवरटेक के लिए है।
-एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर, बुग्गी, बाइक लेकर न चलें, चालान काटा जाएगा।
-एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी नंबर दर्ज किए गए हैं, उन पर कॉल करें।
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दिल्ली के अक्षरधाम से देहरादून तक लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण मार्च 2025 में पूरा होना था, मगर एक साल बाद इसका फायदा वाहन चालकों को मिलना शुरू हुआ। 13000 करोड़ रुपये की लागत से बने एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा हिस्सा बागपत में पड़ता है, जो डूंडाहेड़ा से मुजफ्फरनगर की सीमा तक है। बागपत ही अकेला ऐसा जिला है, जहां इसके दो चरण के एलिवेटेड व सामान्य सड़क है।
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बागपत से पहले जहां दिल्ली के अक्षरधाम तक जाने में करीब डेढ़ घंटा लगता था। वहीं एक दिसंबर 2025 को एलिवेटेड सड़क शुरू होने पर केवल 25-30 मिनट में बागपत से वहां पहुंच रहे हैं। इस तरह बागपत से देहरादून तक जाने में पांच-छह घंटे लगते थे तो अब केवल दो घंटे में वहां पहुंच सकेंगे।
-इस तरह बनाया गया है एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे का पहला चरण 32 किलोमीटर लंबा है, जो दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से शुरू होकर बागपत के खेकड़ा तक एलिवेटेड है। दूसरा चरण बागपत के मवीकलां से सहारनपुर तक 118 किलोमीटर है। तीसरा चरण 40 किमी लंबा है, जो सहारनपुर बाईपास से गणेशपुर जंक्शन तक जाता है। यहां से राजाजी नेशनल पार्क शुरू होता है। चौथा चरण 20 किलोमीटर लंबा है और इसमें डाटकाली टनल अहम है। एक्सप्रेसवे में 110 से अधिक अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज और 4 बड़े पुल बनाए गए हैं। 16 जगह एंट्री और एग्जिट के लिए हैं।
-अब बागपत, बड़ौत से घट जाएगा ट्रैफिक
एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली व गाजियाबाद से शामली की तरफ जाने वाले वाहनों को दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे से जाने की जरूरत नहीं होगी। वह दिल्ली-देहरादून से होते हुए सीधे बड़ौत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, देहरादूर पहुंच सकेंगे। इस तरह दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बागपत व बड़ौत में ट्रैफिक कम हो जाएगा।
-टोल प्लाजा एक सप्ताह बाद चलेगा, एनुअल पास का लाभ मिलेगा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अभी वाहन चालकों को टोल से राहत मिलेगी और यह राहत एक सप्ताह रहेगी। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि अभी टोल का कार्य कुछ बाकी है और उसका नोटिफिकेशन भी नहीं आया है। वहीं दिल्ली से देहरादून तक का करीब 675 रुपये टोल लगेगा तो इस पर फास्टैग एनुअल पास भी चलेगा, क्योंकि इस एक्सप्रेसवे को एनएचएआई ने बनाया है और एनएचएआई के सभी एक्सप्रेसवे पर एनुअल पास मान्य है।
इन बातों का रखें ध्यान
-कार व अन्य छोटे वाहनों की गति सीमा सौ किमी प्रति घंटा तो भारी वाहनों की गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा रखें।
-एक्सप्रेसवे पर रेस्ट एरिया में वाहन को खड़ा करें, अन्य जगह पर वाहन को खड़ा न किया जाए।
-एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में वाहन न चलाएं, इंटरचेंज छूटने पर अगले से वापस आएं।
-एक्सप्रेसवे पर बाईं लेन भारी वाहनों, बीच वाली लेन सामान्य वाहनों, दाईं वाली लेन ओवरटेक के लिए है।
-एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर, बुग्गी, बाइक लेकर न चलें, चालान काटा जाएगा।
-एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी नंबर दर्ज किए गए हैं, उन पर कॉल करें।
