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Baghpat News: सुरेश की सांसों को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगाते रहे मजदूर
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बड़ौत (बागपत)। मलकपुर शुगर मिल का पेराई सत्र एक अप्रैल को खत्म हो गया था, मगर अभी वहां काम चल रहा था। ईटीपी में लाइट जलाने के बाद गिरे सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा की जिंदगी बचाने के लिए साथी मजदूरों ने अपनी जिंदगी भी दांव पर लगा दी। वह सुरेश को बचाने के लिए प्लांट में जाते रहे और बेहोश होकर वहीं पर गिरते रहे। इसके बाद अन्य मजदूरों ने हिम्मत जुटाकर अपने चेहरों पर कपड़े लपेटकर चारों को किसी तरह बाहर निकाला, जिससे पांच मजदूरों की जान बचाई जा सकी।
मलकपुर मिल बंद होने के कारण मंगलवार शाम सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा के अलावा करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। शाम होने पर अंधेरा छा गया और सुरेश शर्मा ईटीपी में लाइट जलाने के लिए चले गए। मजदूर संजय, विकास ने बताया कि लाइट जलाते ही सुरेश शर्मा को गैस लीक होने की वजह से घुटन महसूस हुई तो उन्होंने एक बार चिल्लाकर भागने का प्रयास भी किया। चीख सुनकर सभी उस तरफ देखने लगे तो सुरेश दो-तीन कदम ही चल पाए और प्लांट के अंदर ही गिर गए। बाहर काम कर रहे मजदूरों ने उन्हें देखते ही शोर मचा दिया।
इसके बाद प्रदीप शर्मा, हामिद, साकिब, अमरनाथ और दीपक दौड़कर वहां पहुंच गए और गैस लीक होने की वजह से वे भी बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। कुछ मजदूरों ने हिम्मत जुटाई और मुंह पर कपड़े लपेटकर प्लांट के अंदर घुस गए। उन्होंने सुरेश शर्मा समेत छह को उठाने का प्रयास भी किया, लेकिन बाद में खींचते हुए बाहर लेकर आए। इसके बाद मिल के अन्य कर्मियों ने चारों को गाड़ियों से सीएचसी पहुंचाया। सुरेश शर्मा के परिवार में एक बेटा गौरव और दो बेटियां हैं।
-ईटीपी में रहती हैं तीन गैस
मलकपुर मिल में संचालित ईटीपी में रसायन युक्त पानी को साफ किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा तीन गैस होती हैं। सबसे ज्यादा 50 से 60 फीसदी मीथेन, 30-35 फीसदी कार्बन डाइऑक्साइड और बाकी हाइड्रोजन सल्फाइड गैस उत्पन्न होती है। इन गैस से दम घुटकर मौत हो जाती है।
-मुआवजा दिलाने और उपचार कराने की मांग उठाई
सिक्योरिटी गार्ड की मौत होने पर सीएचसी पहुंचे मलकपुर गन्ना विकास समिति के चेयरमैन अंकितवीर ने शुगर मिल के अध्याशी विपिन चौधरी से फोन पर बातचीत की। चेयरमैन अंकितवीर ने मृतक सिक्योरिटी गार्ड के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने और अन्य मजदूरों का उपचार कराने की मांग की। अध्याशी ने बुधवार को मृतक के परिवार वालों से वार्ता करके आर्थिक मदद देने और मजदूरों का उपचार कराने की बात कही।
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मलकपुर मिल बंद होने के कारण मंगलवार शाम सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा के अलावा करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। शाम होने पर अंधेरा छा गया और सुरेश शर्मा ईटीपी में लाइट जलाने के लिए चले गए। मजदूर संजय, विकास ने बताया कि लाइट जलाते ही सुरेश शर्मा को गैस लीक होने की वजह से घुटन महसूस हुई तो उन्होंने एक बार चिल्लाकर भागने का प्रयास भी किया। चीख सुनकर सभी उस तरफ देखने लगे तो सुरेश दो-तीन कदम ही चल पाए और प्लांट के अंदर ही गिर गए। बाहर काम कर रहे मजदूरों ने उन्हें देखते ही शोर मचा दिया।
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इसके बाद प्रदीप शर्मा, हामिद, साकिब, अमरनाथ और दीपक दौड़कर वहां पहुंच गए और गैस लीक होने की वजह से वे भी बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। कुछ मजदूरों ने हिम्मत जुटाई और मुंह पर कपड़े लपेटकर प्लांट के अंदर घुस गए। उन्होंने सुरेश शर्मा समेत छह को उठाने का प्रयास भी किया, लेकिन बाद में खींचते हुए बाहर लेकर आए। इसके बाद मिल के अन्य कर्मियों ने चारों को गाड़ियों से सीएचसी पहुंचाया। सुरेश शर्मा के परिवार में एक बेटा गौरव और दो बेटियां हैं।
-ईटीपी में रहती हैं तीन गैस
मलकपुर मिल में संचालित ईटीपी में रसायन युक्त पानी को साफ किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा तीन गैस होती हैं। सबसे ज्यादा 50 से 60 फीसदी मीथेन, 30-35 फीसदी कार्बन डाइऑक्साइड और बाकी हाइड्रोजन सल्फाइड गैस उत्पन्न होती है। इन गैस से दम घुटकर मौत हो जाती है।
-मुआवजा दिलाने और उपचार कराने की मांग उठाई
सिक्योरिटी गार्ड की मौत होने पर सीएचसी पहुंचे मलकपुर गन्ना विकास समिति के चेयरमैन अंकितवीर ने शुगर मिल के अध्याशी विपिन चौधरी से फोन पर बातचीत की। चेयरमैन अंकितवीर ने मृतक सिक्योरिटी गार्ड के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने और अन्य मजदूरों का उपचार कराने की मांग की। अध्याशी ने बुधवार को मृतक के परिवार वालों से वार्ता करके आर्थिक मदद देने और मजदूरों का उपचार कराने की बात कही।
