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Bahraich News: बहराइच के चांदपुरा में बनेगा नया जिला अस्पताल
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बहराइच के चांदपुरा में स्थित ट्रामा सेंटर के बगल में अस्पताल के लिए चिह्नित जमीन।
- फोटो : बहराइच के चांदपुरा में स्थित ट्रामा सेंटर के बगल में अस्पताल के लिए चिह्नित जमीन।
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बहराइच। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल पर लगातार बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए शासन ने बहराइच में नए 100 बेड के जिला चिकित्सालय के निर्माण को मंजूरी दे दी है। पहले चरण में करीब 25 करोड़ से अस्पताल भवन का निर्माण कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए शहर के चांदपुरा मोहल्ले में स्थित पुराने ट्रॉमा सेंटर परिसर के निकट जमीन चिह्नित कर ली है।
नया अस्पताल बनने से न केवल बहराइच बल्कि बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा और नेपाल सीमा से आने वाले हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जबकि 200 से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण कई बार बेड की कमी भी सामने आती है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नया अस्पताल तैयार होने के बाद मरीजों का दबाव विभाजित होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। खासकर आपातकालीन और गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने सीएमओ को भूमि चयन कर आवश्यक अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि नए जिला अस्पताल के लिए पुराने ट्रॉमा सेंटर के पास उपलब्ध भूमि का चयन किया गया है। (संवाद)
इसलिए जरूरी था नया अस्पताल
- मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीजों की ओपीडी।
- रोजाना 200 से अधिक मरीज होते हैं भर्ती।
- कई बार बेड की कमी से बढ़ती है परेशानी।
-बहराइच के अलावा गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल से आते हैं मरीज।
-नया अस्पताल बनने से मेडिकल कॉलेज पर कम होगा दबाव।
जमीन हस्तांतरण के बाद शुरू होगा काम
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जमीन की पैमाइश का काम पूरा हो गया है। जमीन हस्तांतरण का काम पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-बृजेश सिंह, जिला स्वास्थ्य एवं सूचना अधिकारी, बहराइच
नया अस्पताल बनने से न केवल बहराइच बल्कि बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा और नेपाल सीमा से आने वाले हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जबकि 200 से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण कई बार बेड की कमी भी सामने आती है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नया अस्पताल तैयार होने के बाद मरीजों का दबाव विभाजित होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। खासकर आपातकालीन और गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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इसलिए जरूरी था नया अस्पताल
- मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीजों की ओपीडी।
- रोजाना 200 से अधिक मरीज होते हैं भर्ती।
- कई बार बेड की कमी से बढ़ती है परेशानी।
-बहराइच के अलावा गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल से आते हैं मरीज।
-नया अस्पताल बनने से मेडिकल कॉलेज पर कम होगा दबाव।
जमीन हस्तांतरण के बाद शुरू होगा काम
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जमीन की पैमाइश का काम पूरा हो गया है। जमीन हस्तांतरण का काम पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-बृजेश सिंह, जिला स्वास्थ्य एवं सूचना अधिकारी, बहराइच