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Bahraich News: होटलों में ताक पर अग्नि सुरक्षा, 10 को नोटिस
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शहर के एक होटल पर चेकिंग करते अग्निशमन विभाग के अधिकारी।
- फोटो : शहर के एक होटल पर चेकिंग करते अग्निशमन विभाग के अधिकारी।
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बहराइच। जिले में संचालित होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था ताक पर रख दी गई है। पड़ताल में कई जगह गंभीर खामियां सामने आई हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार जिले में कुल 24 होटल एवं रेस्टोरेंट पंजीकृत हैं। इनमें से 10 प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों का पालन न करने पर नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं अन्य छोटे होटलों की भी विशेष अभियान चलाकर जांच शुरू कर दी गई है।
शहर में होटल, लॉज, गेस्ट हाउस समेत छोटे-बड़े कुल 52 प्रतिष्ठान संचालित हैं, जबकि अग्निशमन विभाग में केवल 24 प्रतिष्ठानों का ही पंजीकरण है। सूत्रों के अनुसार कई प्रतिष्ठान बिना अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त किए ही संचालित हो रहे हैं।
शहर के छावनी बाजार, चौक बाजार, दरगाह और सिविल लाइंस क्षेत्र में संचालित अधिकांश छोटे होटल और लॉज में अलग से आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं है। छावनी बाजार और चौक बाजार के पांच प्रतिष्ठानों में मुख्य सीढ़ी ही आवागमन का एकमात्र मार्ग है। इसके अलावा स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं बड़े होटलों और रिसॉर्ट्स को छोड़कर अधिकांश छोटे प्रतिष्ठानों में नहीं हैं।
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ऐसी स्थिति में आग लगने की घटना होने पर बड़ी जनहानि की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद कई संचालक दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण होटल अग्निकांड जैसी घटनाओं से भी सबक लेते नहीं दिखाई दे रहे हैं।
मानकों का पालन करने के निर्देश
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) विशाल गोंड ने बताया कि हाल ही में किए गए निरीक्षणों के आधार पर 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है और बिना एनओसी संचालित प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। सभी होटल संचालकों को निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मॉक ड्रिल के माध्यम से किया जाता है जागरूक
सीएफओ विशाल गोंड ने बताया कि विभाग की टीम द्वारा समय-समय पर मेडिकल कॉलेज तथा अन्य संस्थानों और प्रतिष्ठानों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है। जनवरी से अब तक पांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव, राहत और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाती है।
शहर में होटल, लॉज, गेस्ट हाउस समेत छोटे-बड़े कुल 52 प्रतिष्ठान संचालित हैं, जबकि अग्निशमन विभाग में केवल 24 प्रतिष्ठानों का ही पंजीकरण है। सूत्रों के अनुसार कई प्रतिष्ठान बिना अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त किए ही संचालित हो रहे हैं।
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शहर के छावनी बाजार, चौक बाजार, दरगाह और सिविल लाइंस क्षेत्र में संचालित अधिकांश छोटे होटल और लॉज में अलग से आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं है। छावनी बाजार और चौक बाजार के पांच प्रतिष्ठानों में मुख्य सीढ़ी ही आवागमन का एकमात्र मार्ग है। इसके अलावा स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं बड़े होटलों और रिसॉर्ट्स को छोड़कर अधिकांश छोटे प्रतिष्ठानों में नहीं हैं।
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मानकों का पालन करने के निर्देश
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) विशाल गोंड ने बताया कि हाल ही में किए गए निरीक्षणों के आधार पर 10 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है और बिना एनओसी संचालित प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। सभी होटल संचालकों को निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मॉक ड्रिल के माध्यम से किया जाता है जागरूक
सीएफओ विशाल गोंड ने बताया कि विभाग की टीम द्वारा समय-समय पर मेडिकल कॉलेज तथा अन्य संस्थानों और प्रतिष्ठानों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है। जनवरी से अब तक पांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव, राहत और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाती है।