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Bahraich News: ब्रिटेन की संसद में सम्मानित होंगे डॉ. प्रिंस कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 06 Apr 2026 12:50 AM IST
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डॉ. प्रिंस कुमार। - स्रोत : स्वयं
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बहराइच। ग्राम पंचायत फुटहा निवासी डॉ. प्रिंस कुमार (बीएचएमएस, एमडी) 10 अप्रैल को ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किए जाएंगे। डॉ. प्रिंस ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपने शोध की प्रस्तुति करेंगे। इन्हें ऑटिज्म एवं बच्चों के व्यवहार संबंधी समस्याओं में विशेषज्ञता हासिल किए जाने पर सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. प्रिंस कुमार के पिता छावनी सरकार फुटहा ग्राम पंचायत के प्रधान रह चुके हैं। इनकी माता सुमन गृहिणी हैं। पत्नी निवेदिता भी डॉक्टर हैं। भाई राहुल और विशाल अपना व्यवसाय करते हैं। इस उपलब्धि से डॉ. प्रिंस के परिवार में खुशी का माहौल है। हर ओर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। पिता ने बताया कि प्रिंस बचपन से ही होनहार हैं, यह सफलता उनकी मेहनत का परिणाम है।
डॉ. प्रिंस कुमार को ब्रिटेन में आयोजित ग्लाेबल समिट में आमंत्रित किया गया है। इस समिट में भारत से 70 डॉक्टरों को आमंत्रित किया गया है। इन्होंने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों पर होम्योपैथिक दवाओं के प्रभाव पर अध्ययन किया है। इसी विषय पर इनका शोध है।
डॉ. प्रिंस कुमार आश्रम साउथ में कंसल्टेंट पद पर कार्यरत हैं। उनके शोध से ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के व्यवहार में सुधार और उनकी सीखने-समझने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे ऐसे बच्चों को बेहतर इलाज, आत्मनिर्भरता और समाज में सहज रूप से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
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नवोदय में 2007 बैच के विद्यार्थी रहे डाॅ. प्रिंस
डॉ. प्रिंस जवाहर नवोदय विद्यालय बहराइच के वर्ष 2007 बैच के छात्र रहे हैं। वर्तमान में वह दिल्ली में सीनियर होम्योपैथिक कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और बच्चों के व्यावहारिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष कार्य के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जा रहा है।
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होम्योपैथी के क्षेत्र में अनूठी उपलब्धि
विशेष बातचीत में डॉ. प्रिंस ने बताया कि वह विश्व प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ऑटिज्म एवं बच्चों के व्यवहार में होम्योपैथिक चिकित्सा की प्रभावशीलता विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत कॅरिअर के लिए, बल्कि होम्योपैथी के क्षेत्र में भी एक अनूठी उपलब्धि साबित होगी।
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डॉ. प्रिंस कुमार के पिता छावनी सरकार फुटहा ग्राम पंचायत के प्रधान रह चुके हैं। इनकी माता सुमन गृहिणी हैं। पत्नी निवेदिता भी डॉक्टर हैं। भाई राहुल और विशाल अपना व्यवसाय करते हैं। इस उपलब्धि से डॉ. प्रिंस के परिवार में खुशी का माहौल है। हर ओर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। पिता ने बताया कि प्रिंस बचपन से ही होनहार हैं, यह सफलता उनकी मेहनत का परिणाम है।
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डॉ. प्रिंस कुमार को ब्रिटेन में आयोजित ग्लाेबल समिट में आमंत्रित किया गया है। इस समिट में भारत से 70 डॉक्टरों को आमंत्रित किया गया है। इन्होंने ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों पर होम्योपैथिक दवाओं के प्रभाव पर अध्ययन किया है। इसी विषय पर इनका शोध है।
डॉ. प्रिंस कुमार आश्रम साउथ में कंसल्टेंट पद पर कार्यरत हैं। उनके शोध से ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के व्यवहार में सुधार और उनकी सीखने-समझने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे ऐसे बच्चों को बेहतर इलाज, आत्मनिर्भरता और समाज में सहज रूप से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
नवोदय में 2007 बैच के विद्यार्थी रहे डाॅ. प्रिंस
डॉ. प्रिंस जवाहर नवोदय विद्यालय बहराइच के वर्ष 2007 बैच के छात्र रहे हैं। वर्तमान में वह दिल्ली में सीनियर होम्योपैथिक कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और बच्चों के व्यावहारिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष कार्य के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जा रहा है।
होम्योपैथी के क्षेत्र में अनूठी उपलब्धि
विशेष बातचीत में डॉ. प्रिंस ने बताया कि वह विश्व प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ऑटिज्म एवं बच्चों के व्यवहार में होम्योपैथिक चिकित्सा की प्रभावशीलता विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत कॅरिअर के लिए, बल्कि होम्योपैथी के क्षेत्र में भी एक अनूठी उपलब्धि साबित होगी।