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Bahraich News: हाथी का उत्पात, वृद्ध को सूंड में लपेटकर फेंका, उखाड़ा पेड़
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बिछिया-आंबा मार्ग पर हाथी के हमले में घायल वारिस अली।
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बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। महज 24 घंटे के भीतर हाथियों ने दो अलग-अलग घटनाओं में एक वृद्ध और एक किसान पर हमला कर दिया। बुधवार सुबह बिछिया-आंबा मार्ग पर साइकिल से जा रहे वृद्ध को हाथी ने सूंड में लपेटकर फेंक दिया और उसकी साइकिल पैरों तले रौंद डाली। हमले में वृद्ध को गंभीर चोटें आई हैं। इससे पहले मंगलवार देर रात निशानगाड़ा रेंज के जमुनिया गांव में खेत की रखवाली कर रहे किसान को टस्कर ने दौड़ा लिया था, जिससे वह गिरकर घायल हो गया। लगातार हो रही घटनाओं से जंगल से सटे गांवों में दहशत का माहौल है।
आंबा गांव निवासी वारिस अली (60) बुधवार सुबह करीब 10 बजे साइकिल से बिछिया बाजार जा रहे थे। इसी दौरान बिछिया-आंबा मार्ग पर सड़क किनारे जंगल से निकले हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने वारिस अली को सूंड में लपेटकर कई फीट दूर फेंक दिया। इसके बाद वह उनकी साइकिल को पैरों से रौंदता रहा। इस दौरान उसने गुस्से में एक बड़ा सूखा पेड़ भी उखाड़ दिया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो हाथी जंगल की ओर लौट गया। राहगीरों ने घायल वृद्ध को घर पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार वृद्ध के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
रात में किसान पर भी किया था हमला
इससे पहले मंगलवार रात करीब 11 बजे कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की निशानगाड़ा रेंज के जमुनिया गांव में खेत की रखवाली कर रहे किसान संतोष सिंह (40) पर एक टस्कर ने हमला कर दिया। हाथी को अपनी ओर आते देख संतोष जान बचाने के लिए भागे, लेकिन घबराहट में गिर पड़े और घायल हो गए। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
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वनकर्मियों की अतिरिक्त टीमें गश्त पर लगीं
कतर्नियाघाट रेंज के वनक्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ ने बताया कि बिछिया-आंबा, बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग तथा जंगल से सटे गांवों में हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ गई हैं। वनकर्मियों की अतिरिक्त टीमें गश्त पर लगाई गई हैं, जबकि गजमित्र गांव-गांव जाकर लोगों को सतर्क कर रहे हैं। ग्रामीणों से रात में अकेले खेतों या जंगल की ओर नहीं जाने, मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
झाड़ियां हटें, गश्त बढ़े तो कम होंगी घटनाएं
हाथी विशेषज्ञ एवं नेचर एनवायरमेंट एंड वाइल्डलाइफ सोसाइटी के अभिषेक ने कहा कि कतर्नियाघाट में इन दिनों हाथियों की सक्रियता बढ़ी है। सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई से दृश्यता बढ़ेगी और हाथियों का मूवमेंट समय रहते दिखाई देगा। उन्होंने संवेदनशील मार्गों पर नियमित वन गश्त और ग्रामीणों को लगातार जागरूक करने पर जोर दिया। उनके अनुसार वृद्ध का बच जाना सौभाग्य की बात है, हालांकि घटना की परिस्थितियों की जांच जरूरी है।
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आंबा गांव निवासी वारिस अली (60) बुधवार सुबह करीब 10 बजे साइकिल से बिछिया बाजार जा रहे थे। इसी दौरान बिछिया-आंबा मार्ग पर सड़क किनारे जंगल से निकले हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने वारिस अली को सूंड में लपेटकर कई फीट दूर फेंक दिया। इसके बाद वह उनकी साइकिल को पैरों से रौंदता रहा। इस दौरान उसने गुस्से में एक बड़ा सूखा पेड़ भी उखाड़ दिया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो हाथी जंगल की ओर लौट गया। राहगीरों ने घायल वृद्ध को घर पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार वृद्ध के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
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रात में किसान पर भी किया था हमला
इससे पहले मंगलवार रात करीब 11 बजे कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की निशानगाड़ा रेंज के जमुनिया गांव में खेत की रखवाली कर रहे किसान संतोष सिंह (40) पर एक टस्कर ने हमला कर दिया। हाथी को अपनी ओर आते देख संतोष जान बचाने के लिए भागे, लेकिन घबराहट में गिर पड़े और घायल हो गए। ग्रामीणों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
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वनकर्मियों की अतिरिक्त टीमें गश्त पर लगीं
कतर्नियाघाट रेंज के वनक्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ ने बताया कि बिछिया-आंबा, बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग तथा जंगल से सटे गांवों में हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ गई हैं। वनकर्मियों की अतिरिक्त टीमें गश्त पर लगाई गई हैं, जबकि गजमित्र गांव-गांव जाकर लोगों को सतर्क कर रहे हैं। ग्रामीणों से रात में अकेले खेतों या जंगल की ओर नहीं जाने, मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
झाड़ियां हटें, गश्त बढ़े तो कम होंगी घटनाएं
हाथी विशेषज्ञ एवं नेचर एनवायरमेंट एंड वाइल्डलाइफ सोसाइटी के अभिषेक ने कहा कि कतर्नियाघाट में इन दिनों हाथियों की सक्रियता बढ़ी है। सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई से दृश्यता बढ़ेगी और हाथियों का मूवमेंट समय रहते दिखाई देगा। उन्होंने संवेदनशील मार्गों पर नियमित वन गश्त और ग्रामीणों को लगातार जागरूक करने पर जोर दिया। उनके अनुसार वृद्ध का बच जाना सौभाग्य की बात है, हालांकि घटना की परिस्थितियों की जांच जरूरी है।