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Bahraich News: सावन मेले में चाट की दुकान में लगी आग, तीन झुलसे
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खैरीघाट थानाक्षेत्र के रामपुर धोबियाहार स्थित मेला परिसर में लगी आग को बुझाने का प्रयास करती
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शिवपुर/खैरीघाट। बाबा बुद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर के पास लगे सावन मेले मेंर रविवार रात चाट की दुकान में गैस सिलिंडर के पाइप में रिसाव से आग लग गई। हादसे में दुकान संचालक मां-बेटे समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर मौजूद खैरीघाट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया और झुलसे लोगों को अपने वाहन से सीएचसी नानपारा पहुंचाया।
रामपुर धोबियाहार ग्राम पंचायत में बाबा बुद्धेश्वर नाथ मंदिर स्थित है। सावन मास के चलते मंदिर परिसर के पास मेला लगा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें भी संचालित हो रही हैं। रविवार रात करीब 9:00 बजे मोनू गुप्ता की चाट की दुकान में गैस सिलिंडर की पाइप से गैस का रिसाव हुआ और आग लग गई। आग की चपेट में आने से दुकान संचालक मोनू गुप्ता (20), उसकी मां प्रेमा देवी (55) और दुकान के कर्मचारी बढ़ईया कला आशीष गुप्ता (20) झुलस गए।
मेले में कुछ दूरी पर मौजूद थाना खैरीघाट प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। इसके बाद झुलसे लोगों को सीएचसी नानपारा पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड के लिए रेफर कर दिया। झुलसे लोगों में दुकान संचालक मोनू गुप्ता की हालत नाजुक बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार मोनू करीब 70 प्रतिशत झुलसे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना देर रात हुई, इसलिए दुकान के आसपास भीड़ कम थी। दिन के समय हादसा होने पर बड़ा नुकसान हो सकता था।
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मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सावन के चलते मंदिर परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। ऐसे में गैस सिलिंडर से संचालित अस्थायी दुकानों में सुरक्षा इंतजामों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मेले के दौरान आग से बचाव के इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह का कहना है कि घटना के बाद अन्य दुकानदारों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मेले में आग लगने पर बरतें यह एहतियात
-गैस सिलिंडर या पाइप में आग लगने पर घबराएं नहीं और भीड़ को तत्काल सुरक्षित स्थान पर हटाएं।
-संभव हो तो गैस सिलिंडर का रेग्युलेटर बंद कर दें, लेकिन लपटों के बीच जाने का जोखिम न उठाएं।
- बिजली के उपकरणों से आग लगने पर मुख्य विद्युत आपूर्ति बंद करें।
- आग बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल गैस या विद्युत उपकरणों में न करें।
- मेले में अग्निशमन यंत्र, पानी और रेत की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
-गैस सिलिंडर को गर्मी और आग के स्रोत से दूर रखें तथा पाइप में लीकेज की नियमित जांच करें।
-आग फैलने की स्थिति में तत्काल पुलिस, दमकल और स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
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रामपुर धोबियाहार ग्राम पंचायत में बाबा बुद्धेश्वर नाथ मंदिर स्थित है। सावन मास के चलते मंदिर परिसर के पास मेला लगा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें भी संचालित हो रही हैं। रविवार रात करीब 9:00 बजे मोनू गुप्ता की चाट की दुकान में गैस सिलिंडर की पाइप से गैस का रिसाव हुआ और आग लग गई। आग की चपेट में आने से दुकान संचालक मोनू गुप्ता (20), उसकी मां प्रेमा देवी (55) और दुकान के कर्मचारी बढ़ईया कला आशीष गुप्ता (20) झुलस गए।
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मेले में कुछ दूरी पर मौजूद थाना खैरीघाट प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। इसके बाद झुलसे लोगों को सीएचसी नानपारा पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड के लिए रेफर कर दिया। झुलसे लोगों में दुकान संचालक मोनू गुप्ता की हालत नाजुक बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार मोनू करीब 70 प्रतिशत झुलसे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना देर रात हुई, इसलिए दुकान के आसपास भीड़ कम थी। दिन के समय हादसा होने पर बड़ा नुकसान हो सकता था।
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मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सावन के चलते मंदिर परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। ऐसे में गैस सिलिंडर से संचालित अस्थायी दुकानों में सुरक्षा इंतजामों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मेले के दौरान आग से बचाव के इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह का कहना है कि घटना के बाद अन्य दुकानदारों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मेले में आग लगने पर बरतें यह एहतियात
-गैस सिलिंडर या पाइप में आग लगने पर घबराएं नहीं और भीड़ को तत्काल सुरक्षित स्थान पर हटाएं।
-संभव हो तो गैस सिलिंडर का रेग्युलेटर बंद कर दें, लेकिन लपटों के बीच जाने का जोखिम न उठाएं।
- बिजली के उपकरणों से आग लगने पर मुख्य विद्युत आपूर्ति बंद करें।
- आग बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल गैस या विद्युत उपकरणों में न करें।
- मेले में अग्निशमन यंत्र, पानी और रेत की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
-गैस सिलिंडर को गर्मी और आग के स्रोत से दूर रखें तथा पाइप में लीकेज की नियमित जांच करें।
-आग फैलने की स्थिति में तत्काल पुलिस, दमकल और स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

खैरीघाट थानाक्षेत्र के रामपुर धोबियाहार स्थित मेला परिसर में लगी आग को बुझाने का प्रयास करती