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Bahraich News: प्रमुख सचिव ने देखे घड़ियाल के बच्चे, जंगल बचाने का प्लान
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कतर्नियाघाट वन क्षेत्र का भ्रमण करतीं प्रमुख सचिव वन।
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मिहीपुरवा। कतर्नियाघाट में अब वन्यजीव संरक्षण को ग्रामीण विकास और रोजगार से जोड़ने की नई पहल शुरू हो रही है। प्रदेश की प्रमुख सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन) वी. हेकाली झिमोमी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा बेहरी के दो दिवसीय दौरे में यह स्पष्ट संकेत मिला कि जंगल और गांव दोनों को साथ लेकर संरक्षण की नई रणनीति पर काम किया जाएगा।
अधिकारियों ने गेरुआ नदी के रेतीले टापुओं पर पहुंचकर अंडों से निकल रहे घड़ियाल के बच्चों को देखा। इसके बाद प्रकृति व्याख्यान केंद्र में हुई समीक्षा बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने कहा कि ग्रामीणों की भागीदारी के बिना संरक्षण के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते।
विशुनापुर गांव में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार जूट और हस्तशिल्प उत्पादों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने ग्रामीणों की आजीविका को संरक्षण से जोड़ने पर बल दिया। गांव के लिए तैयार पांच वर्षीय माइक्रोप्लान के माध्यम से रोजगार, प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
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दूसरे दिन अधिकारियों ने गेरुआ नदी में नौका भ्रमण कर गंगा डॉल्फिन, घड़ियाल और मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास का निरीक्षण किया। साथ ही गिरिजा बैराज को रामसर साइट घोषित कराने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वनकर्मियों को पेट्रोलिंग किट वितरित की गई तथा पांच नई रॉयल एनफील्ड हंटर मोटरसाइकिलों को भी हरी झंडी दिखाई गई।
अधिकारियों ने गेरुआ नदी के रेतीले टापुओं पर पहुंचकर अंडों से निकल रहे घड़ियाल के बच्चों को देखा। इसके बाद प्रकृति व्याख्यान केंद्र में हुई समीक्षा बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने कहा कि ग्रामीणों की भागीदारी के बिना संरक्षण के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते।
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विशुनापुर गांव में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार जूट और हस्तशिल्प उत्पादों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने ग्रामीणों की आजीविका को संरक्षण से जोड़ने पर बल दिया। गांव के लिए तैयार पांच वर्षीय माइक्रोप्लान के माध्यम से रोजगार, प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
दूसरे दिन अधिकारियों ने गेरुआ नदी में नौका भ्रमण कर गंगा डॉल्फिन, घड़ियाल और मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास का निरीक्षण किया। साथ ही गिरिजा बैराज को रामसर साइट घोषित कराने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वनकर्मियों को पेट्रोलिंग किट वितरित की गई तथा पांच नई रॉयल एनफील्ड हंटर मोटरसाइकिलों को भी हरी झंडी दिखाई गई।