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Bahraich News: रेहुआ मंसूर गांव के पास झाड़ी में आराम करता दिखा बाघ, दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:52 PM IST
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रेहुआ मंसूर गांव में झाड़ियों में दिखा बाघ। - स्रोत : वन विभाग
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बहराइच। महसी तहसील के रेहुआ मंसूर गांव में लगातार मवेशियों पर हो रहे हमलों के बीच बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हो गई है। दो दिन पूर्व एक मवेशी को वन्यजीव द्वारा निवाला बनाए जाने के बाद वन विभाग ने ड्रोन कैमरे से निगरानी शुरू की। बृहस्पतिवार को गन्ने के खेत में बाघ आराम करता हुआ दिखाई दिया।
ड्रोन कैमरे से पुष्टि होते ही बहराइच वन प्रभाग की टीमें मौके पर तैनात कर दी गईं। बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा और जाल मंगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद साकिब ने बताया कि जिस क्षेत्र में बाघ दिखाई दिया है, वहां जाल लगाए जा रहे हैं।
बाघ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए कतर्नियाघाट से ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। डॉ. दया और डॉ. दीपक की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंच चुकी हैं। रेहुआ मंसूर गांव में बाघ की मौजूदगी की खबर फैलते ही ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेसा ने बताया कि ड्रोन सर्विलांस के दौरान झाड़ियों में बैठे बाघ की तस्वीर कैद हुई है, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। बाघ को पकड़ने के लिए चारों ओर जाल लगाए जा रहे हैं। कतर्नियाघाट से आई विशेष टीमें बहराइच वन प्रभाग की टीमों के साथ लगातार निगरानी कर रही हैं।
मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्य चिकित्सक दयाशंकर, रेंज अधिकारी शाकिब अंसारी व क्षेत्राधिकारी पवन कुमार सहित वन विभाग के कई कर्मचारी मौजूद हैं।
जयमाला और चंपाकली से कराई जाएगी कॉम्बिंग
बाघ को काबू में करने के लिए कतर्नियाघाट से हथिनी जयमाला और चंपाकली को बुलाया गया है। दोनों हथिनियां देर शाम तक रेहुआ मंसूर गांव पहुंच जाएंगी। । हाथियों की मदद से कॉम्बिंग अभियान चलाकर बाघ को घेरकर ट्रैंकुलाइज कर काबू में किया जाएगा।
दहशत के साए में जी रहे हैं रेहुआ मंसूर गांव के लोग
बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद से रेहुआ मंसूर गांव के लोग दहशत के माहौल में हैं। पूरे दिन वनकर्मियों की आवाजाही गांव के आसपास बनी रही। गांव निवासी राजकुमार, सीताराम, ननकुन्ने, दयाल, प्रभुराम और शिवकुमार ने बताया कि पांच दिनों से लगातार बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ रही है।
इन गांवों को किया गया अलर्ट
वन विभाग ने खुशलीपुरवा, भगईपुरवा, पासीनपुरवा, कहारनपुरवा, दुवेपुरवा और अकबरपुरवा गांवों को अलर्ट पर रखा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए खेतों में न जाएं और सतर्क रहें।
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ड्रोन कैमरे से पुष्टि होते ही बहराइच वन प्रभाग की टीमें मौके पर तैनात कर दी गईं। बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा और जाल मंगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद साकिब ने बताया कि जिस क्षेत्र में बाघ दिखाई दिया है, वहां जाल लगाए जा रहे हैं।
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बाघ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए कतर्नियाघाट से ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। डॉ. दया और डॉ. दीपक की अगुवाई में विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंच चुकी हैं। रेहुआ मंसूर गांव में बाघ की मौजूदगी की खबर फैलते ही ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेसा ने बताया कि ड्रोन सर्विलांस के दौरान झाड़ियों में बैठे बाघ की तस्वीर कैद हुई है, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। बाघ को पकड़ने के लिए चारों ओर जाल लगाए जा रहे हैं। कतर्नियाघाट से आई विशेष टीमें बहराइच वन प्रभाग की टीमों के साथ लगातार निगरानी कर रही हैं।
मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्य चिकित्सक दयाशंकर, रेंज अधिकारी शाकिब अंसारी व क्षेत्राधिकारी पवन कुमार सहित वन विभाग के कई कर्मचारी मौजूद हैं।
जयमाला और चंपाकली से कराई जाएगी कॉम्बिंग
बाघ को काबू में करने के लिए कतर्नियाघाट से हथिनी जयमाला और चंपाकली को बुलाया गया है। दोनों हथिनियां देर शाम तक रेहुआ मंसूर गांव पहुंच जाएंगी। । हाथियों की मदद से कॉम्बिंग अभियान चलाकर बाघ को घेरकर ट्रैंकुलाइज कर काबू में किया जाएगा।
दहशत के साए में जी रहे हैं रेहुआ मंसूर गांव के लोग
बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद से रेहुआ मंसूर गांव के लोग दहशत के माहौल में हैं। पूरे दिन वनकर्मियों की आवाजाही गांव के आसपास बनी रही। गांव निवासी राजकुमार, सीताराम, ननकुन्ने, दयाल, प्रभुराम और शिवकुमार ने बताया कि पांच दिनों से लगातार बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ रही है।
इन गांवों को किया गया अलर्ट
वन विभाग ने खुशलीपुरवा, भगईपुरवा, पासीनपुरवा, कहारनपुरवा, दुवेपुरवा और अकबरपुरवा गांवों को अलर्ट पर रखा है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए खेतों में न जाएं और सतर्क रहें।
