{"_id":"69d40f84e5d45a71410aa829","slug":"two-british-citizens-sentenced-to-six-months-imprisonment-bahraich-news-c-98-1-slko1007-147114-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: दो ब्रिटिश नागरिकों को छह-छह माह की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: दो ब्रिटिश नागरिकों को छह-छह माह की कैद
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:24 AM IST
विज्ञापन
सुमित्रा शकील और हसन अम्मान सलीम। (फाइल फोटो)
विज्ञापन
बहराइच। नेपाल सीमा रुपईडीहा से घुसपैठ के आरोप में 15 नवंबर 2025 को गिरफ्तार दो ब्रिटिश नागरिकों को सोमवार को सीजेएम की अदालत ने छह-छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाए गए दोनों ब्रिटिश नागरिकों में से एक हसन अम्मान सलीम मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है। वह अपनी सहयोगी सुमित्रा शकील ओलीविया के साथ नेपाल में एक चैरिटी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था।
अभियोजन अधिकारी निर्मल यादव के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर जांच चल रही थी। इसी दौरान नेपाल से भारत में दाखिल होते सुमित्रा शकील ओलीविया व हसन अम्मान सलीम को रोका गया। उनके पास भारत में दाखिल होने के वैध दस्तावेज नहीं मिले।
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में ओलीविया ने खुद को मूल रूप से उडुपी (कर्नाटक) निवासी बताया। बाद में उसने ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी। उसके पास भारत का प्रवासी नागरिक कार्ड (ओसीआई) है। सीलम ने स्वयं को पाकिस्तानी मूल का बताते हुए वर्तमान में मैनचेस्टर (यूके) निवासी और डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी में ऑडियोलॉजी का लेक्चरर बताया।
मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम प्रतिभा चौधरी ने दोनों को आव्रजन व विदेशी अधिनियम की धारा 21 के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
Trending Videos
जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा सुनाए गए दोनों ब्रिटिश नागरिकों में से एक हसन अम्मान सलीम मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है। वह अपनी सहयोगी सुमित्रा शकील ओलीविया के साथ नेपाल में एक चैरिटी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन अधिकारी निर्मल यादव के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर जांच चल रही थी। इसी दौरान नेपाल से भारत में दाखिल होते सुमित्रा शकील ओलीविया व हसन अम्मान सलीम को रोका गया। उनके पास भारत में दाखिल होने के वैध दस्तावेज नहीं मिले।
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में ओलीविया ने खुद को मूल रूप से उडुपी (कर्नाटक) निवासी बताया। बाद में उसने ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी। उसके पास भारत का प्रवासी नागरिक कार्ड (ओसीआई) है। सीलम ने स्वयं को पाकिस्तानी मूल का बताते हुए वर्तमान में मैनचेस्टर (यूके) निवासी और डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी में ऑडियोलॉजी का लेक्चरर बताया।
मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम प्रतिभा चौधरी ने दोनों को आव्रजन व विदेशी अधिनियम की धारा 21 के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।