{"_id":"69bb0a7113f0fe493e0bbd72","slug":"24-hour-emergency-service-blood-test-facility-will-be-available-at-20-chcs-ballia-news-c-190-1-ana1001-159817-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: 20 सीएचसी पर 24 घंटे इमरजरेंसी सेवा, खून जांच की मिलेगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: 20 सीएचसी पर 24 घंटे इमरजरेंसी सेवा, खून जांच की मिलेगी सुविधा
विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन ने पहल की है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने जिले के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर मरीजों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
इसके तहत 42 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी सीएचसी पर 24 घंटे चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और तकनीकी नर्सिंग स्टाफ की तैनाती अनिवार्य होगी। इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, जीवन रक्षक उपकरण और कम से कम 54 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, मरीजों के बैठने के लिए समुचित स्थान, पेयजल, कूलर और पंखों की व्यवस्था के साथ-साथ ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी अनिवार्य होगी।
विशेष रूप से मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए प्रसूताओं को डिलीवरी के बाद 48 घंटे तक अस्पताल की निगरानी में रखने और एफआरयू केंद्रों पर सिजेरियन प्रसव की सुविधा देने पर जोर दिया गया है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी रिलीवर के आने के बाद ही कार्यस्थल छोड़ सकेंगे । और इमरजेंसी ड्यूटी चार्ट को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर इन सुविधाओं को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।
Trending Videos
इसके तहत 42 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी सीएचसी पर 24 घंटे चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और तकनीकी नर्सिंग स्टाफ की तैनाती अनिवार्य होगी। इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, जीवन रक्षक उपकरण और कम से कम 54 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, मरीजों के बैठने के लिए समुचित स्थान, पेयजल, कूलर और पंखों की व्यवस्था के साथ-साथ ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी अनिवार्य होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेष रूप से मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए प्रसूताओं को डिलीवरी के बाद 48 घंटे तक अस्पताल की निगरानी में रखने और एफआरयू केंद्रों पर सिजेरियन प्रसव की सुविधा देने पर जोर दिया गया है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी रिलीवर के आने के बाद ही कार्यस्थल छोड़ सकेंगे । और इमरजेंसी ड्यूटी चार्ट को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर इन सुविधाओं को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।