Navratri: बलिया में 33 प्रमुख मंदिरों पर कड़ी सुरक्षा, सीसी कैमरे से निगरानी; आज आस्थावानों की उमड़ेगी भीड़
Chaitra Navratri: धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने से सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से मां के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं।
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Ballia News: चैत्र नवरात्र के लिए जिले के प्रमुख देवी मंदिरों की साज-सज्जा पूरी हो गई है। नौ दिनों तक आस्थावानों की भीड़ मंदिरों में उमड़ेगी। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन और पूजन को लेकर इंतजाम किए गए हैं।
एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि जिले के प्रमुख 33 मंदिरों पर भक्तों की भीड़ रहती है, मेला भी लगता है। सुरक्षा को लेकर संबंधित क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारियों मंदिरों का मुआयना कर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों को देखा और आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। ताकि किसी किस्म की कोई भी अव्यवस्था या अराजकता न फैले। मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा को लेकर पुरुष व महिला पुलिसकर्मी मुस्तैद रहेंगे।
शहर के सटे हनुमानगंज के ब्रम्हाणी देवी, शंकरपुर में मां शांकरी भवानी, कपूरी में मां कपिलेश्वरी भवानी, जापलिगंज में मां दुर्गा मंदिर, नलकूप कालोनी मां दुर्गा मंदिर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरंटाडीह में मां मंगला भवानी, उचेड़ा स्थित मां भवानी मन्दिर, खरीद स्थित माता मंदिर, सिकंदरपुर स्थित जल्पा-कल्पा देवी मंदिर, गायघाट स्थित मां पचरूखा देवी मंदिर, पचदेवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर, शोभनाथपुर स्थित मां भगवती मंदिर, दुर्जनपुर स्थित मां काली मंदिर, रेवती स्थित मां दुर्गा मंदिर, काली माता मन्दिर, बांसडीह स्थित मां दुर्गा मंदिर, सहतवार स्थित मां दुर्गा मंदिर सहित देवी मंदिरों में भक्त भोर से पूजन-अर्चन करेंगे।
चुनरी प्रसाद व फूलों की दुकानें सजीं
जिले के विभिन्न देवी मन्दिरों के प्रांगण सहित आस-पास चुनरी, प्रसाद, फूलों सहित अन्य दुकानें सज गई है। दुकानों पर दर्शन के लिए आने वालों भक्तों के लिए गमछा से लेकर माथा पर बांधने वाला चुनरी, हाथ पहने वाला कड़ा तक उपलब्ध है। गुड़हल के फूल की मांग को देखते हुए दुकानदार बाहर से मंगाए है। मन्दिरों पर उमड़ रही भक्तों की भीड़ में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। इसके लिए वालेंटियर तैयार है, जो भक्तों को मां का दर्शन कराने में सहयोग करेंगे।
मां शांकरी भवानी का मार्कण्डेय पुराण में मिलता उल्लेख
शहर से पांच किलोमीटर दूर बलिया-बांसडीह मुख्य मार्ग के किनारे अवस्थित मां शांकरी भवानी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मार्कण्डेय पुराण में बताया गया है कि देवी प्रतिमा की स्थापना चैत्रवंश में जन्में राजा सुरथ द्वारा की गई है। राजा सुरथ का समस्त भूमंडल पर अधिकार था। उनका शत्रुओं के साथ संग्राम हुआ,जिसमें राजा सुरथ परास्त हो गए। पराजित राजा राजमहल छोड़ वन में निकल पड़े। उन्होंने मेधा ऋषि का आश्रम देखा जहां हिंसक जीव भी शांति से रह रहे थे।
राजा ने मुनि के दर्शन किए और उन्हें अपना कष्ट बताया। इस पर मुनि ने राजा को देवी की शरण में जाने को कहा। राजा सुरथ जगदंबा के दर्शन के लिए ताल तट पर रहकर तपस्या करने लगे। वर्षों बाद देवी ने राजा को दर्शन देकर उनकी अभिलाषा पूरी की। राजा को उनका राज्य वापस मिल गया। राजा ने जहां तपस्या की थी वह ताल उन्हीं के नाम से सुरहा ताल के रूप में प्रसिद्ध हुआ। माता रानी के दर्शन को बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। जिनकी मनोकामनाएं माता रानी पूर्ण करती हैं।
बाजार से लेकर घरों में नवरात्रि को लेकर खास उत्साह
चैत्र नवरात्र को लेकर बाजारों में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। मिट्टी के कलश, नारियल, जौ, चुनरी और पूजन सामग्री की दुकानों पर भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। लोग मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। घरों में भी नवरात्रि को लेकर खास उत्साह है। माताएं और बहनें घर-द्वार की साफ-सफाई में लगी हुई हैं। पूजा स्थल को सजाया जा रहा है और पूरे घर को स्वच्छ व पवित्र बनाया जा रहा है, ताकि मां दुर्गा का आगमन शुभ वातावरण में हो सके।