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Ballia News: बारिश में भीगा केंद्र पर रखा 2800 क्विंटल धान
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मनियर क्षेत्र के पिलुई गांव स्थित क्रय केंद्र परिसर में भींगा धान।संवाद
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मनियर। मिल मालिकों की की लापरवाही के कारण क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया धान डंप पड़ा है। खुले में रखा गया धान शनिवार को हुई बारिश में भीग गया, जबकि धान की खरीदारी बंद हुए लगभग एक महीने हो रहे हैं।
सरकार के आदेशानुसार एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी भी चालू होने वाली है। क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया धान मिलरों की ओर से उठान न करने के कारण डंप पड़ा है। खुले में रखा होने से बेमौसम हो रही बारिश में भीग रहा है। हालांकि समिति संचालक ने तिरपाल से उसे ढक दिया है, लेकिन भारी बारिश के कारण तिरपाल काम नहीं कर रहा है।
क्षेत्र के बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति पिलुई पर 2800 क्विंटल धान खुले मैदान में पड़ा है। बेमौसम बारिश होने के कारण समिति संचालक चिंतित हैं। पिलुई समिति संचालक पवन कुमार ने बताया कि कि मिलरों के लापरवाही के चलते धान डंप पड़ा हुआ है। मिलर धान का उठान नहीं कर रहे हैं। इसलिए यह नौबत आई हुई है।
धूप खिलने से मिली राहत : दया छपरा। क्षेत्र में रविवार सुबह धूप खिलने से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों का कहना है कि जिले में बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। फसलें गिर गई हैं वहां ज्यादा नुकसान है। दया छपरा, पांडेयपुर, दुबे छपरा, दलपतपुर,चकिया, टेंगरही, नवका गांव आदि गांव में बारिश का प्रकोप कम रहा। आलू किसानों का नुकसान है। किसान प्रकाश वर्मा ने बताया की चना, मसूर का बोझ तो खोल देने से सूख जाएगा। जिस आलू में पानी पड़ गया है अगर शीघ्र ही बिक्री नहीं हुआ तो सड़ांध आनी शुरू हो जाएगी। संवाद
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क्षेत्र के बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति पिलुई पर 2800 क्विंटल धान खुले मैदान में पड़ा है। बेमौसम बारिश होने के कारण समिति संचालक चिंतित हैं। पिलुई समिति संचालक पवन कुमार ने बताया कि कि मिलरों के लापरवाही के चलते धान डंप पड़ा हुआ है। मिलर धान का उठान नहीं कर रहे हैं। इसलिए यह नौबत आई हुई है।
धूप खिलने से मिली राहत : दया छपरा। क्षेत्र में रविवार सुबह धूप खिलने से किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों का कहना है कि जिले में बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। फसलें गिर गई हैं वहां ज्यादा नुकसान है। दया छपरा, पांडेयपुर, दुबे छपरा, दलपतपुर,चकिया, टेंगरही, नवका गांव आदि गांव में बारिश का प्रकोप कम रहा। आलू किसानों का नुकसान है। किसान प्रकाश वर्मा ने बताया की चना, मसूर का बोझ तो खोल देने से सूख जाएगा। जिस आलू में पानी पड़ गया है अगर शीघ्र ही बिक्री नहीं हुआ तो सड़ांध आनी शुरू हो जाएगी। संवाद