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Ballia News: कूड़े के ढेर पर रखकर जला दिए शिक्षा का अधिकार लिखे 50 स्कूली बैग

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:34 PM IST
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50 school bags with 'Right to Education' written on them were burnt after placing them on a garbage heap.
कंपोजिट विद्यालय सीयर में जलाया गया स्कूल बैग।संवाद
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चौकियामोड़/बेल्थरारोड (बलिया)। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास स्थित कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय में सरकारी 50 स्कूली बैग जलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कूड़े के ढेर में जलते बैगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। इन बैगों पर ''शिक्षा का अधिकार'' लिखा हुआ है।
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शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिक शिक्षा के स्तर एवं इसकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए तमाम कवायद जारी है। इसके एवज में लाखों लाखों रुपये सरकारी धन खर्च किए जा रहे हैं। बच्चों के स्कूल से जोड़ने के लिए मुफ्त में किताबें, स्कूल बैग, ड्रेस और जूते-मोजे आदि शासन की ओर से वितरित करने के लिए भेजे जाते हैं। वायरल वीडियो में सीयर क्षेत्र की स्थिति भी बेहद चिंताजनक दिखाई दे रही है। विद्यालय परिसर में कूड़े के ढेर में 50 से अधिक स्कूली बैग जलते हुए दिखाई दे रहे हैं। ये प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल हैं।
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सवाल यह उठ रहा है कि यदि समय रहते इन बैगों का वितरण बच्चों में कर दिया गया होता तो इस तरह की नौबत देखने को न मिलती। लोगों एवं अभिभावकों के बीच इस मामले को लेकर काफी नाराजगी है। सरकार एक ओर बच्चों की बुनियादी शिक्षा और सुविधाओं के बढ़ावा को लेकर अनेक तरह की योजनाओं को संचालित कर रही है। दूसरी तरफ जिम्मेवारों की ऐसी लापरवाही के चलते इन योजनाओं का भरपूर लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। हालांकि वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती।
उधर, खंड शिक्षा अधिकारी सीयर सुनील कुमार चौबे ने कहा कि मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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फर्जी नामांकन के खेल को छिपाने की आशंका
चर्चा है कि विद्यालय में कागजों पर छात्र संख्या बढ़ाकर दिखाई गई थी, जिसके कारण पिछले सत्र के बैग भारी संख्या में बच गए थे। इस ''झोल'' और फर्जीवाड़े को पकड़े जाने के डर से जिम्मेदारों ने बैगों को वितरित करने के बजाय उन्हें नष्ट करना ही मुनासिब समझा। अभिभावकों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि ये बैग जरूरतमंद बच्चों को दे दिए जाते, तो उनके चेहरे पर मुस्कान होती, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने उन्हें जलाना बेहतर समझा।

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स्कूली बैग जलाना अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें संबंधित समन्वयक व खंड शिक्षाधिकारी शामिल होंगे। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के नेतृत्व में गठित कमेटी जांच करेगी। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
मनीष सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, बलिया।
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