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Ballia News: स्मार्ट मीटर लगा तो बढ़कर आ रहा बिल, रोज शिकायत लेकर आ रहे 10 उपभोक्ता
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बलिया। बिजली निगम की तरफ से लगने वाले स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो रही है। निगम की तरफ से चलाए जा रहे ओटीएस में 8 से 10 उपभोक्ता प्रतिदिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए या गड़बड़ बिलिंग की परेशानी वाले आ रहे हैं।
बिजली निगम के तमाम दावों के बावजूद बिजली बिल की गड़बड़ी कम नहीं हो रही है। बिजली निगम के कर्मचारी भी उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के बजाय टालमटोल करते हैं, जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो जा रही है। बिजली निगम के कैंपों में भी इस समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। सबसे दिक्कत होती है कि समाधान न होने हर माह बिल बढ़ता जाता है, जिसको लेकर उपभोक्ता परेशान हो जाते है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय में शहर के आसपास के गांवों में अधिक चारी के मामले प्रकाश में आ रहे हैं।
1.25 लाख विद्युत वितरण खंड द्वितीय का स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य--
43 हजार उपभोक्ताओं के यहां लगे स्मार्ट मीटर--
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स्मार्ट मीटर से आ रही शिकायतें
-रीडिंग में गलती : कई जगहों पर मीटर तेज चल रहा है या बिल में अचानक ज्यादा रकम आने की शिकायतें आ रही हैं।
-बिल न आना : मीटर लगने के बाद कई महीनों तक बिल नहीं आया, जिससे उपभोक्ता भुगतान से अनभिज्ञ रह जा रहे हैं।
-रीडिंग न हो पाना : कुछ क्षेत्रों में मीटर की रीडिंग ही नहीं ली जा रही, जिससे बिलिंग पूरी तरह ठप हो गई।
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निगम की तरफ से की जाती यह पहल
-स्मार्ट मीटर लगाते समय कुछ उपभोक्ताओं के यहां चेक मीटर छोड़ा जाता है। शिकायत पर चेक मीटर से मिलान होता है।
-पुराने मीटर में री-स्टोर होने के कारण बिल बढ़कर आता है। उपभोक्ताओं की शिकायत पर समझाया जाता है।
-उपभोक्ताओं की शिकायत पर साफ्टवेयर निहित समस्या का समाधान तत्काल किया जाता है।
बोले उपभोक्ता-- -
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल अक्तूबर में चार हजार रुपये आया था। पहले एक से डेढ़ हजार के बीच आता था। दिसंबर में बढ़कर 24 हजार रुपये हो गया है। बिल त्रुटि सुधार के लिए कई बार उपकेंद्र गौरा मदनपुरा उपकेंद्र पर गई लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका। ओटीएस शिविर में भी गई थी। अधिकारी व कर्मचारी केवल टालमटोल कर रहे हैं।-सुनीता देवी, -खैरा चक।
नवंबर में बिजली निगम की तरफ से स्मार्ट मीटर लगा। जनवरी में नौ हजार का बिल पहुंचा। उसके पहले 800-900 रुपये का बिल आता था। उपकेंद्र सहित अधिकारियों से कई बार लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं। प्रतिदिन उपकेंद्र का चक्कर लगा रहा हूं। अभी तक बिल भी जमा नहीं किया है। लोड भी मेरा कम ही है।-राज नारायण, खैराचक।
स्मार्ट मीटर की समस्याएं आती हैं। बिल त्रुटि के अधिक मामले आते हैं। उपभोक्ताओं को पुराने मीटर की री-स्टोर रीडिंग की बात बताई जाती है। कई जगहों पर चेक मीटर से भी मिलान किया जाता है। किसी तरह की त्रुटि का तत्काल समाधान किया जाता है।-रामपाल यादव, एक्सईएन , विद्युत वितरण खंड द्वितीय।
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बिजली निगम के तमाम दावों के बावजूद बिजली बिल की गड़बड़ी कम नहीं हो रही है। बिजली निगम के कर्मचारी भी उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के बजाय टालमटोल करते हैं, जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो जा रही है। बिजली निगम के कैंपों में भी इस समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। सबसे दिक्कत होती है कि समाधान न होने हर माह बिल बढ़ता जाता है, जिसको लेकर उपभोक्ता परेशान हो जाते है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय में शहर के आसपास के गांवों में अधिक चारी के मामले प्रकाश में आ रहे हैं।
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1.25 लाख विद्युत वितरण खंड द्वितीय का स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य
43 हजार उपभोक्ताओं के यहां लगे स्मार्ट मीटर
स्मार्ट मीटर से आ रही शिकायतें
-रीडिंग में गलती : कई जगहों पर मीटर तेज चल रहा है या बिल में अचानक ज्यादा रकम आने की शिकायतें आ रही हैं।
-बिल न आना : मीटर लगने के बाद कई महीनों तक बिल नहीं आया, जिससे उपभोक्ता भुगतान से अनभिज्ञ रह जा रहे हैं।
-रीडिंग न हो पाना : कुछ क्षेत्रों में मीटर की रीडिंग ही नहीं ली जा रही, जिससे बिलिंग पूरी तरह ठप हो गई।
निगम की तरफ से की जाती यह पहल
-स्मार्ट मीटर लगाते समय कुछ उपभोक्ताओं के यहां चेक मीटर छोड़ा जाता है। शिकायत पर चेक मीटर से मिलान होता है।
-पुराने मीटर में री-स्टोर होने के कारण बिल बढ़कर आता है। उपभोक्ताओं की शिकायत पर समझाया जाता है।
-उपभोक्ताओं की शिकायत पर साफ्टवेयर निहित समस्या का समाधान तत्काल किया जाता है।
बोले उपभोक्ता
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल अक्तूबर में चार हजार रुपये आया था। पहले एक से डेढ़ हजार के बीच आता था। दिसंबर में बढ़कर 24 हजार रुपये हो गया है। बिल त्रुटि सुधार के लिए कई बार उपकेंद्र गौरा मदनपुरा उपकेंद्र पर गई लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका। ओटीएस शिविर में भी गई थी। अधिकारी व कर्मचारी केवल टालमटोल कर रहे हैं।-सुनीता देवी, -खैरा चक।
नवंबर में बिजली निगम की तरफ से स्मार्ट मीटर लगा। जनवरी में नौ हजार का बिल पहुंचा। उसके पहले 800-900 रुपये का बिल आता था। उपकेंद्र सहित अधिकारियों से कई बार लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं। प्रतिदिन उपकेंद्र का चक्कर लगा रहा हूं। अभी तक बिल भी जमा नहीं किया है। लोड भी मेरा कम ही है।-राज नारायण, खैराचक।
स्मार्ट मीटर की समस्याएं आती हैं। बिल त्रुटि के अधिक मामले आते हैं। उपभोक्ताओं को पुराने मीटर की री-स्टोर रीडिंग की बात बताई जाती है। कई जगहों पर चेक मीटर से भी मिलान किया जाता है। किसी तरह की त्रुटि का तत्काल समाधान किया जाता है।-रामपाल यादव, एक्सईएन , विद्युत वितरण खंड द्वितीय।