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Ballia News: घटना स्थल पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखेगी पीआरवी, मिलेगा प्रशिक्षण
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बलिया। नए कानून बीएस में साक्ष्य का महत्व बढ़ा है। अपराध नियंत्रण और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए साक्ष्य को लेकर पुलिस काफी सजगता अपना रही है। आपराधिक घटना पर सबसे पहले पहुंचने वाली डायल 112 की पायलट रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) स्थानीय पुलिस के आने तक क्राइम सीन को पूरी तरह सुरक्षित करने की जिम्मेदारी मिली है। इसके लिए पीआरवी के जवानों को प्रशिक्षण देने के साथ किट दी जाएगी।
जनपद में 32 से अधिक पीआरवी चार पहिया वाहन हैं। अक्सर देखा गया है कि किसी वारदात के बाद पुलिस के पहुंचने से पहले ही लोग घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं। इससे फिंगर प्रिंट्स, फुट प्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य नष्ट हो जाते हैं। पीआरवी को घटना स्थल पर पहुंचने के बाद घटनास्थल की घेराबंदी करनी होगी। ताकि फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य अपने मूल स्वरूप में मिल सके। साक्ष्य के साथ कोई छेड़छाड़ न हो इसका पूरी सजगता से साथ मुस्तैद रह कर भीड़ को कंट्रोल करनी है।
ऐसे मिलेगा प्रशिक्षण
इस नई जिम्मेदारी को निभाने के लिए पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा चुका है। घटनास्थल के चारों ओर येलो टेप का प्रयोग कर सुरक्षा घेरा बनाना होगा। पीआरवी कर्मी स्थानीय पुलिस के आने से पहले मोबाइल के जरिए घटनास्थल की प्रारंभिक स्थिति को दर्ज करेंगे। पूरे घटना स्थल का वीडियो बनाएगें।
अपराध स्थल को सुरक्षित करना केस की सफलता की पहली सीढ़ी है। पीआरवी कर्मियों की सजगता से अब विवेचना में वैज्ञानिक व डीजिटल साक्ष्यों का महत्व बढ़ेगा और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने में मदद मिलेगी। अब एक भी अपराधी साक्ष्य अभाव में नहीं बच पाएगा।- कृपाशंकर, एएसपी दक्षिण व नोडल डायल 112 बलिया।
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जनपद में 32 से अधिक पीआरवी चार पहिया वाहन हैं। अक्सर देखा गया है कि किसी वारदात के बाद पुलिस के पहुंचने से पहले ही लोग घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं। इससे फिंगर प्रिंट्स, फुट प्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य नष्ट हो जाते हैं। पीआरवी को घटना स्थल पर पहुंचने के बाद घटनास्थल की घेराबंदी करनी होगी। ताकि फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य अपने मूल स्वरूप में मिल सके। साक्ष्य के साथ कोई छेड़छाड़ न हो इसका पूरी सजगता से साथ मुस्तैद रह कर भीड़ को कंट्रोल करनी है।
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ऐसे मिलेगा प्रशिक्षण
इस नई जिम्मेदारी को निभाने के लिए पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा चुका है। घटनास्थल के चारों ओर येलो टेप का प्रयोग कर सुरक्षा घेरा बनाना होगा। पीआरवी कर्मी स्थानीय पुलिस के आने से पहले मोबाइल के जरिए घटनास्थल की प्रारंभिक स्थिति को दर्ज करेंगे। पूरे घटना स्थल का वीडियो बनाएगें।
अपराध स्थल को सुरक्षित करना केस की सफलता की पहली सीढ़ी है। पीआरवी कर्मियों की सजगता से अब विवेचना में वैज्ञानिक व डीजिटल साक्ष्यों का महत्व बढ़ेगा और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने में मदद मिलेगी। अब एक भी अपराधी साक्ष्य अभाव में नहीं बच पाएगा।- कृपाशंकर, एएसपी दक्षिण व नोडल डायल 112 बलिया।