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Ballia News: इलाज में लापरवाही से मौत का आरोप, बड़े भाई का अनशन
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बलिया। जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विशाल तिवारी कलेक्ट्रेट परिसर में तीन दिन से आमरण अनशन पर रहे। बुधवार को डीएम ने विशाल को कार्यालय में बुलाकर वार्ता की। नए सिरे से जांच कमेटी गठित कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी सीएमओ डॉक्टर विजय यादव ने जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया। बांसडीहरोड थाना के बघौली निवासी विशाल तिवारी ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया था कि 10 सितंबर 2025 को छोटे भाई कुनाल तिवारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान तबीयत और खराब हो गई। चिकित्सक को बुलाने पर वह नहीं आए और न ही इमरजेंसी के डॉक्टर ने इलाज किया। भाई की हालत खराब होने पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। जहां पर 21 सितंबर को मृत्यु हो गई।
चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग को लेकर विशाल तिवारी 16 से 31 अक्तूबर 2025 तक धरना दिया था। धरना समाप्त कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर एएसपी दक्षिणी कृपाशंकर तक पहुंचे। तमाम समाजसेवी व राजनैतिक पार्टी के समर्थक विशाल के समर्थन में जुटे रहे।
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जांच कमेटी ने चिकित्सक को दिया क्लीन चिट
जिला अस्पताल प्रशासन ने डीएम को जारी पत्र के माध्यम से बताया कि 10 दिसंबर को शिकायत के क्रम में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। इसमें एसीएमओ डा़ॅ पद्दमावती, वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय डा़ॅ दीपक शाह, परामर्शदाता जिला चिकित्सालय डा़ॅ मनोज कुमार, परामर्शदाता डा़ॅ विनेश कुमार व उपचारिका जिला चिकित्सालय पुष्पा देवी शामिल रहीं। गठित टीम ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि प्रकरण में मृतक कुणाल तिवारी से संबंधित बीएचटी का अवलोकन किया गया। जिसमें मरीज का उपचार करने वाले जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक व इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक से पूछताछ की गई। उनसे लिखित जवाग मांगा गया। डॉक्टर के जवाब की जांच कमेटी ने की। कमेटी के सदस्यों ने जांचोपरांत पाया कि प्रथम दृष्टया में डॉक्टरों ने उपचार सही किया है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि शिकायतकर्ता भ्रामक स्थिति उत्पन्न कर रहा है।
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सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी सीएमओ डॉक्टर विजय यादव ने जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया। बांसडीहरोड थाना के बघौली निवासी विशाल तिवारी ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया था कि 10 सितंबर 2025 को छोटे भाई कुनाल तिवारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान तबीयत और खराब हो गई। चिकित्सक को बुलाने पर वह नहीं आए और न ही इमरजेंसी के डॉक्टर ने इलाज किया। भाई की हालत खराब होने पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। जहां पर 21 सितंबर को मृत्यु हो गई।
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चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग को लेकर विशाल तिवारी 16 से 31 अक्तूबर 2025 तक धरना दिया था। धरना समाप्त कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर एएसपी दक्षिणी कृपाशंकर तक पहुंचे। तमाम समाजसेवी व राजनैतिक पार्टी के समर्थक विशाल के समर्थन में जुटे रहे।
जांच कमेटी ने चिकित्सक को दिया क्लीन चिट
जिला अस्पताल प्रशासन ने डीएम को जारी पत्र के माध्यम से बताया कि 10 दिसंबर को शिकायत के क्रम में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। इसमें एसीएमओ डा़ॅ पद्दमावती, वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय डा़ॅ दीपक शाह, परामर्शदाता जिला चिकित्सालय डा़ॅ मनोज कुमार, परामर्शदाता डा़ॅ विनेश कुमार व उपचारिका जिला चिकित्सालय पुष्पा देवी शामिल रहीं। गठित टीम ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि प्रकरण में मृतक कुणाल तिवारी से संबंधित बीएचटी का अवलोकन किया गया। जिसमें मरीज का उपचार करने वाले जिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक व इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक से पूछताछ की गई। उनसे लिखित जवाग मांगा गया। डॉक्टर के जवाब की जांच कमेटी ने की। कमेटी के सदस्यों ने जांचोपरांत पाया कि प्रथम दृष्टया में डॉक्टरों ने उपचार सही किया है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि शिकायतकर्ता भ्रामक स्थिति उत्पन्न कर रहा है।
