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Ballia News: एक ही जमीन पर कई बैंकों से लिया कृषि ऋण, दो किसानों पर प्राथमिकी
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पंदह। एक ही कृषि भूमि को अलग-अलग बैंकों में बंधक दिखाकर कृषि ऋण लेने और बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में खेजुरी पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो किसानों के खिलाफ प्राथमकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार रतसड़ कला निवासी अनिल कुमार सिंह ने वर्ष 2014 में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की खड़सरा शाखा से 2.45 एकड़ भूमि को बंधक दिखाकर 1.21 लाख रुपये का कृषि ऋण प्राप्त किया था। बाद में बैंक की जांच में अभिलेखों में हेरफेर कर निर्धारित रकबे से अधिक ऋण लेने का मामला सामने आया।
इसी तरह रामपुर बड़ागांव निवासी राणा प्रताप सिंह पर भी वर्ष 2014 में पहले से बंधक रखी गई भूमि के आधार पर 1.22 लाख रुपये का कृषि ऋण लेने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि उसी संपत्ति के आधार पर पूर्वांचल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक से भी ऋण लिया गया।
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इन मामलों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह ने न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद सिविल जज (सीडी)/एसीजेएम ने थाना प्रभारी खेजुरी को दोनों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का आदेश दिया।
थानाध्यक्ष लालमणि सरोज ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच के निष्कर्ष के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के अनुसार रतसड़ कला निवासी अनिल कुमार सिंह ने वर्ष 2014 में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की खड़सरा शाखा से 2.45 एकड़ भूमि को बंधक दिखाकर 1.21 लाख रुपये का कृषि ऋण प्राप्त किया था। बाद में बैंक की जांच में अभिलेखों में हेरफेर कर निर्धारित रकबे से अधिक ऋण लेने का मामला सामने आया।
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इसी तरह रामपुर बड़ागांव निवासी राणा प्रताप सिंह पर भी वर्ष 2014 में पहले से बंधक रखी गई भूमि के आधार पर 1.22 लाख रुपये का कृषि ऋण लेने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि उसी संपत्ति के आधार पर पूर्वांचल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक से भी ऋण लिया गया।
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इन मामलों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह ने न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद सिविल जज (सीडी)/एसीजेएम ने थाना प्रभारी खेजुरी को दोनों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का आदेश दिया।
थानाध्यक्ष लालमणि सरोज ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच के निष्कर्ष के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।