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Ballia News: बरसात व उमस भरे मौसम में 40 फीसदी मरीज जिला अस्पताल में बढ़े
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जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
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बलिया। बरसात और उमस भरे मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गई है।
जिला अस्पताल में कुल 1372 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें फिजिशियन ओपीडी में 297 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 86 मरीज हाई फीवर, सर्दी-जुकाम और श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित पाए गए। कई मरीज दो-तीन दिन दवा लेने के बावजूद राहत न मिलने पर अस्पताल पहुंचे, जिनकी चिकित्सकों द्वारा आवश्यक रक्त जांच कराई गई। जांच में 20 मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी पाई गई।
फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि यदि बुखार तीन दिन से अधिक समय तक बना रहे तो बिना विलंब चिकित्सक की सलाह पर रक्त जांच अवश्य करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बुखार को हल्के में लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसलिए समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक दवाएं और इंजेक्शन उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सतर्कता और समय पर उपचार से इन बीमारियों से प्रभावी रूप से बचाव संभव है।
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जिला अस्पताल में कुल 1372 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें फिजिशियन ओपीडी में 297 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 86 मरीज हाई फीवर, सर्दी-जुकाम और श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित पाए गए। कई मरीज दो-तीन दिन दवा लेने के बावजूद राहत न मिलने पर अस्पताल पहुंचे, जिनकी चिकित्सकों द्वारा आवश्यक रक्त जांच कराई गई। जांच में 20 मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी पाई गई।
फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि यदि बुखार तीन दिन से अधिक समय तक बना रहे तो बिना विलंब चिकित्सक की सलाह पर रक्त जांच अवश्य करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बुखार को हल्के में लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसलिए समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक दवाएं और इंजेक्शन उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सतर्कता और समय पर उपचार से इन बीमारियों से प्रभावी रूप से बचाव संभव है।
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