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Ballia News: महिला की मौत पर निजी अस्पताल संचालिका सहित पांच डॉक्टरों पर प्राथमिकी, ओटी सील
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नगर के जगदीशपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में महिला की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस के उपस्थि
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बलिया। पिछले एक माह में निजी चिकित्सकों की लापरवाही से ऑपरेशन के दौरान चार महिलाओं व तीन नवजातों की मौत हो चुकी है। इस पर छह निजी अस्पताल सील किए जा चुके हैं। रविवार को शहर के मोहल्ला जगदीशपुर स्थित अपूर्वा अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान अनीशा राय (24) की मौत के मामले में पुलिस ने पति शिवांशु राय की तहरीर पर पांच डॉक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें अस्पताल संचालिका डॉॅ. ज्योत्सना सिंह, बेटी डॉॅ. अपूर्वा सिंह, दामाद डॉॅ. दीपक सिंह, डॉॅ. रोहन गुप्ता व डॉॅ. संजय सिंह हैं। डॉ. संजय सिंह की मौत हो चुकी है।
रात में अस्पताल पर हंगामा कर रहे लोगों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात नियंत्रित किए थे। घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद ऑपरेशन में लापरवाही मिलने पर अस्पताल की ओटी को सील कर दिया है। मरीज व एसएनसीयू वार्ड में नवजात भर्ती होने के कारण अस्पताल को सील नहीं किया जा सका। दूसरे दिन अस्पताल की सुरक्षा के लिए पीएसी मुस्तैद रही। वहीं, कड़ी सुरक्षा के बीच अनीशा का दाह संस्कार महावीर घाट पर कर दिया गया।
सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली गांव के शिवांशु राय की पत्नी अनीशा राय को करीब पांच माह पूर्व अपूर्वा अस्पताल में सिजेरियन से बच्चा हुआ था। अल्ट्रासाउंड जांच में अनीशा के दो एमएम की पथरी मिली थी। महिला चिकित्सक ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने की सलाह दी। शिवांशु ने तहरीर में बताया कि रविवार को पथरी के ऑपरेशन के लिए अनीशा को अपूर्वा नर्सिग होम में भर्ती कराया था।
डॉक्टर ज्योत्सना सिंह ने लेजर विधि से ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए। एक फॉर्म पर हस्ताक्षर भी करा लिए। डॉ ज्योत्सना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. संजय सिंह व डॉ. रोहन गुप्ता ने अनीशा का ऑपरेशन किया। लापरवाही के कारण अनीशा की मौत हो गई। मामले को छिपाने के लिए डॉ. ज्योत्सना ने बताया कि मेदांता अस्पताल लखनऊ ले जाने के लिए कहा। प्रभारी कोतवाल विजेन्द्र सिंह ने बताया कि तहरीर पर ज्योत्सना सहित पांच पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
एसएनसीयू वार्ड में मरीज भर्ती होने से सील नहीं हुआ अस्पताल
एडीएम अनिल कुमार के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. मंजू रानी व एसीएमओ डॉ. अभिषेक मिश्र टीम ने जांच के बाद अपूर्वा नर्सिंग होम के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया। एसीएमओ डॉ. अभिषेक मिश्र ने बताया कि एसनएसीयू वार्ड में नौ नवजात व अन्य वार्डों में 10 से अधिक प्रसूताएं भर्ती होने के कारण अस्पताल सील नहीं किया गया। आगे संबंधित पत्रावली उपलब्ध कराने पर कार्रवाई जारी रहेंगी।
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात नियंत्रित किए
महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। सूचना पर एसडीएम तिमराज सिंह, सीओ सीटी उस्मान ने अस्पताल संचालक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन लोग सुनने के लिए तैयार नहीं थे। वे अस्पताल का गेट तोड़कर अंदर जाने का प्रयास करने लगे। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिसकर्मियों से कहासुनी के बाद लाठी फटकार भीड़ को तितर-बितर किया गया। एडीएम अनिल कुमार, एएसपी कृपाशंकर के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
मृत चिकित्सक का नाम पर हुई प्राथमिकी, बदलेगा नाम
पांच वर्ष पूर्व मृत चिकित्सक पर प्राथमिकी दर्ज होने पर प्रभारी कोतवाल विजेन्द्र सिंह ने कहा कि परिजनों ने जो तहरीर दी, उसी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच से नाम हटा लिया जाएगा। शिवांशु राय ने कहा कि दूसरे डाॅक्टर की जगह गलती से संजय सिंह का नाम लिखा गया है, पुलिस को सुधार के लिए दिया गया है।
मां की मौत से अनजान है बच्चा अनीशा का पांच माह का बच्चा है, जो मां की मौत से अनजान है। वह बड़ी मम्मी के पास है। नानी उसे गोद में लेकर बिलख रही थीं। उन्होंने कहा कि दो एमएम की पथरी दवा से भी ठीक हो गई होती, वह जानलेवा नहीं होती है लेकिन पैसों के लालच में चिकित्सक ने बेटी की हत्या कर दी।
अस्पताल सील न करने का दबाव बनाते रहे संगठन के पदाधिकारी
अपूर्वा अस्पताल में महिला की मौत की सूचना पर निजी अस्पताल संचालक जुट गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो संगठन के पदाधिकारी अस्पताल को सील न करने का दबाव बनाने लगे। इसको लेकर काफी देर तक डाक्टर के चेंबर में वार्ता होती रही।
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रात में अस्पताल पर हंगामा कर रहे लोगों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात नियंत्रित किए थे। घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद ऑपरेशन में लापरवाही मिलने पर अस्पताल की ओटी को सील कर दिया है। मरीज व एसएनसीयू वार्ड में नवजात भर्ती होने के कारण अस्पताल को सील नहीं किया जा सका। दूसरे दिन अस्पताल की सुरक्षा के लिए पीएसी मुस्तैद रही। वहीं, कड़ी सुरक्षा के बीच अनीशा का दाह संस्कार महावीर घाट पर कर दिया गया।
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सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली गांव के शिवांशु राय की पत्नी अनीशा राय को करीब पांच माह पूर्व अपूर्वा अस्पताल में सिजेरियन से बच्चा हुआ था। अल्ट्रासाउंड जांच में अनीशा के दो एमएम की पथरी मिली थी। महिला चिकित्सक ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने की सलाह दी। शिवांशु ने तहरीर में बताया कि रविवार को पथरी के ऑपरेशन के लिए अनीशा को अपूर्वा नर्सिग होम में भर्ती कराया था।
डॉक्टर ज्योत्सना सिंह ने लेजर विधि से ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए। एक फॉर्म पर हस्ताक्षर भी करा लिए। डॉ ज्योत्सना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. संजय सिंह व डॉ. रोहन गुप्ता ने अनीशा का ऑपरेशन किया। लापरवाही के कारण अनीशा की मौत हो गई। मामले को छिपाने के लिए डॉ. ज्योत्सना ने बताया कि मेदांता अस्पताल लखनऊ ले जाने के लिए कहा। प्रभारी कोतवाल विजेन्द्र सिंह ने बताया कि तहरीर पर ज्योत्सना सहित पांच पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
एसएनसीयू वार्ड में मरीज भर्ती होने से सील नहीं हुआ अस्पताल
एडीएम अनिल कुमार के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. मंजू रानी व एसीएमओ डॉ. अभिषेक मिश्र टीम ने जांच के बाद अपूर्वा नर्सिंग होम के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया। एसीएमओ डॉ. अभिषेक मिश्र ने बताया कि एसनएसीयू वार्ड में नौ नवजात व अन्य वार्डों में 10 से अधिक प्रसूताएं भर्ती होने के कारण अस्पताल सील नहीं किया गया। आगे संबंधित पत्रावली उपलब्ध कराने पर कार्रवाई जारी रहेंगी।
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात नियंत्रित किए
महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। सूचना पर एसडीएम तिमराज सिंह, सीओ सीटी उस्मान ने अस्पताल संचालक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन लोग सुनने के लिए तैयार नहीं थे। वे अस्पताल का गेट तोड़कर अंदर जाने का प्रयास करने लगे। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिसकर्मियों से कहासुनी के बाद लाठी फटकार भीड़ को तितर-बितर किया गया। एडीएम अनिल कुमार, एएसपी कृपाशंकर के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
मृत चिकित्सक का नाम पर हुई प्राथमिकी, बदलेगा नाम
पांच वर्ष पूर्व मृत चिकित्सक पर प्राथमिकी दर्ज होने पर प्रभारी कोतवाल विजेन्द्र सिंह ने कहा कि परिजनों ने जो तहरीर दी, उसी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच से नाम हटा लिया जाएगा। शिवांशु राय ने कहा कि दूसरे डाॅक्टर की जगह गलती से संजय सिंह का नाम लिखा गया है, पुलिस को सुधार के लिए दिया गया है।
मां की मौत से अनजान है बच्चा अनीशा का पांच माह का बच्चा है, जो मां की मौत से अनजान है। वह बड़ी मम्मी के पास है। नानी उसे गोद में लेकर बिलख रही थीं। उन्होंने कहा कि दो एमएम की पथरी दवा से भी ठीक हो गई होती, वह जानलेवा नहीं होती है लेकिन पैसों के लालच में चिकित्सक ने बेटी की हत्या कर दी।
अस्पताल सील न करने का दबाव बनाते रहे संगठन के पदाधिकारी
अपूर्वा अस्पताल में महिला की मौत की सूचना पर निजी अस्पताल संचालक जुट गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो संगठन के पदाधिकारी अस्पताल को सील न करने का दबाव बनाने लगे। इसको लेकर काफी देर तक डाक्टर के चेंबर में वार्ता होती रही।