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Ballia News: गैस उपभोक्ता पांच किलोमीटर दूर गोदाम से ला रहे सिलिंडर
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एक गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की कतार।संवाद
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बलिया। मध्य-पूर्व में हो रहे युद्ध के चलते गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। एजेंसी संचालक डोर-टू-डोर गैस सिलिंडर की डिलीवरी नहीं कर रहे हैं। एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं को मेसेज भेजकर उन्हें गैस सिलिंडर के लिए अपने गोदाम पर बुला रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को पांच से 10 किलोमीटर तक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। बाइक पर सिलिंडर बांधकर एजेंसी पर ले जाना और अपने घर पहुंचाना काफी कठिन काम है। इसमें सड़क हादसे का भी खतरा बना रहता है। गोदाम से सिलिंडर डिलीवरी पर भी पूरा पैसा लिया जाता है, जबकि गैस सिलिंडर की निर्धारित धनराशि घर पहुंचाने पर ही लागू होती है।
इस प्रकार पूरा पैसा देकर गैस सिलिंडर स्वयं गोदाम से लाना उपभोक्ताओं को ठगने की श्रेणी में आता है। इस प्रकार गैस सिलिंडर की किल्लत पर गैस एजेंसी संचालक मुनाफा कमाने के फिराक में लगे हुए हैं। नगर स्थित कुछ इंडेन गैस एजेंसियां सिलिंडर की होम डिलीवरी नहीं कर रही हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार एक इंडेन गैस एजेंसी सतनी सराय में संचालित है। वह गैस सिलिंडर घर पर डिलीवरी नहीं दे रही है। उपभोक्ताओं को मेसेज कर सिलिंडर के लिए अपने गोदाम पर बुला रही है। उसका गोदाम सागरपाली में है। शहर से सागरपाली गोदाम से गैस सिलिंडर लाना काफी कठिन काम हो गया है। इसमें गैस सिलिंडर के अलावा वाहन खर्च पर लग रहा है। वहीं बाइक पर खाली सिलिंडर ले जाना और भरा सिलिंडर अपने घर पहुंचाना आसान काम नहीं है। इसमें जोखिम से इन्कार नहीं किया जा सकता है। वहीं जिस उपभोक्ता के घर पुरुष नहीं है वहां की महिलाओं को गोदाम से गैस लाना आसान काम नहीं है। वहीं भारत गैस एजेंसी भी घर-घर सिलिंडर की डिलीवरी नहीं कर रही है। इस एजेंसी गाड़ियां शहर में कहीं न कहीं खड़ी रहती है। जिनका ओटीपी पहुंचा है, वे गाड़ी के पास पहुंच अपना सिलिंडर प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार देखा जाए तो गैस सिलिंडर के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
गोदाम से गैस सिलिंडर लेने पर उपभोक्ताओं का हो रहा नुकसान
घरेलू गैस की किल्लत के साथ ही सरकार ने उसकी कीमत में भी इजाफा कर दिया है। मध्य-पूर्व युद्ध से पहले घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत 933 रुपए थी। लेकिन सरकार युद्ध के बाद प्रति सिलिंडर 60 रुपया बढ़ा दिया। इस प्रकार अब गैस सिलिंडर की कीमत 993 रुपया हो गया है। गैस की 993 रुपए कीमत में ही होम डिलीवरी का पैसा शामिल होता है। गोदाम से गैस की डिलीवरी लेने वालों को 933 रुपया ही देना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं का नुकसान हो रहा है। गैस खरीद पर नुकसान के साथ-साथ सिलिंडर लाने में यातायात खर्च भी बढ़ जा रहा है। इससे गैस एजेंसी संचालक का लाभ ही लाभ है। शायद यही कारण है कि एजेंसी संचालक गैस की किल्लत का नाजायज लाभ उठा रहे हैं।
उपहार गैस एजेंसी संचालक अनिल चौबे का कहना है कि सिलिंडर की डिलीवरी उपभोक्ता के पते पर ही की जा रही है। हम लोग गैस गोदाम से सिलिंडर की डिलीवरी नहीं करते हैं। गोदाम से सिलिंडर डिलीवरी में बहुत बवाल है। इससे हमारे उपभोक्ता परेशान होंगे। उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए गैस सिलिंडर की डिलीवर उनके पते पर ही की जा रही है।
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इस प्रकार पूरा पैसा देकर गैस सिलिंडर स्वयं गोदाम से लाना उपभोक्ताओं को ठगने की श्रेणी में आता है। इस प्रकार गैस सिलिंडर की किल्लत पर गैस एजेंसी संचालक मुनाफा कमाने के फिराक में लगे हुए हैं। नगर स्थित कुछ इंडेन गैस एजेंसियां सिलिंडर की होम डिलीवरी नहीं कर रही हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार एक इंडेन गैस एजेंसी सतनी सराय में संचालित है। वह गैस सिलिंडर घर पर डिलीवरी नहीं दे रही है। उपभोक्ताओं को मेसेज कर सिलिंडर के लिए अपने गोदाम पर बुला रही है। उसका गोदाम सागरपाली में है। शहर से सागरपाली गोदाम से गैस सिलिंडर लाना काफी कठिन काम हो गया है। इसमें गैस सिलिंडर के अलावा वाहन खर्च पर लग रहा है। वहीं बाइक पर खाली सिलिंडर ले जाना और भरा सिलिंडर अपने घर पहुंचाना आसान काम नहीं है। इसमें जोखिम से इन्कार नहीं किया जा सकता है। वहीं जिस उपभोक्ता के घर पुरुष नहीं है वहां की महिलाओं को गोदाम से गैस लाना आसान काम नहीं है। वहीं भारत गैस एजेंसी भी घर-घर सिलिंडर की डिलीवरी नहीं कर रही है। इस एजेंसी गाड़ियां शहर में कहीं न कहीं खड़ी रहती है। जिनका ओटीपी पहुंचा है, वे गाड़ी के पास पहुंच अपना सिलिंडर प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार देखा जाए तो गैस सिलिंडर के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
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गोदाम से गैस सिलिंडर लेने पर उपभोक्ताओं का हो रहा नुकसान
घरेलू गैस की किल्लत के साथ ही सरकार ने उसकी कीमत में भी इजाफा कर दिया है। मध्य-पूर्व युद्ध से पहले घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत 933 रुपए थी। लेकिन सरकार युद्ध के बाद प्रति सिलिंडर 60 रुपया बढ़ा दिया। इस प्रकार अब गैस सिलिंडर की कीमत 993 रुपया हो गया है। गैस की 993 रुपए कीमत में ही होम डिलीवरी का पैसा शामिल होता है। गोदाम से गैस की डिलीवरी लेने वालों को 933 रुपया ही देना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं का नुकसान हो रहा है। गैस खरीद पर नुकसान के साथ-साथ सिलिंडर लाने में यातायात खर्च भी बढ़ जा रहा है। इससे गैस एजेंसी संचालक का लाभ ही लाभ है। शायद यही कारण है कि एजेंसी संचालक गैस की किल्लत का नाजायज लाभ उठा रहे हैं।
उपहार गैस एजेंसी संचालक अनिल चौबे का कहना है कि सिलिंडर की डिलीवरी उपभोक्ता के पते पर ही की जा रही है। हम लोग गैस गोदाम से सिलिंडर की डिलीवरी नहीं करते हैं। गोदाम से सिलिंडर डिलीवरी में बहुत बवाल है। इससे हमारे उपभोक्ता परेशान होंगे। उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए गैस सिलिंडर की डिलीवर उनके पते पर ही की जा रही है।