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Ballia News: मंडल की ग्राम पंचायतों को स्वच्छता के लिए मिले 44.95 करोड़ रुपये
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आजमगढ़। पंचायती राज विभाग ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) योजना के तहत आजमगढ़ मंडल की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 44.95 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।
शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता संबंधी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा।
जारी धनराशि में आजमगढ़ जिले को 18.71 करोड़ रुपये, बलिया को 16.56 करोड़ रुपये और मऊ जिले को 9.68 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी संबंधित ग्राम पंचायतों को कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित मानकों के अनुसार विकास कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना के तहत गांवों से घर-घर कचरा एकत्र कर उसके सुरक्षित निस्तारण के लिए ई-रिक्शा खरीदे जाएंगे। इसके अलावा जैविक कचरे के निस्तारण के लिए खाद गड्ढों का निर्माण कराया जाएगा। तरल अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या कम होगी और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर आरसीसी सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने के साथ स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
पंचायती राज विभाग का कहना है कि एसएलडब्ल्यूएम योजना का उद्देश्य गांवों में ठोस और तरल कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इससे स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को गति मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
-- वर्जन
आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों के लिए एसएलडब्ल्यूएम के तहत धनराशि जारी की गई है। तीनों जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि शासनादेश के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर कार्य कराना सुनिश्चित करें। अभय कुमार शाही, डिप्टी डायरेक्टर, पंचायती राज विभाग।
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शासन की ओर से उपलब्ध कराई गई इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता संबंधी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा।
जारी धनराशि में आजमगढ़ जिले को 18.71 करोड़ रुपये, बलिया को 16.56 करोड़ रुपये और मऊ जिले को 9.68 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी संबंधित ग्राम पंचायतों को कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित मानकों के अनुसार विकास कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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इस योजना के तहत गांवों से घर-घर कचरा एकत्र कर उसके सुरक्षित निस्तारण के लिए ई-रिक्शा खरीदे जाएंगे। इसके अलावा जैविक कचरे के निस्तारण के लिए खाद गड्ढों का निर्माण कराया जाएगा। तरल अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या कम होगी और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर आरसीसी सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने के साथ स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
पंचायती राज विभाग का कहना है कि एसएलडब्ल्यूएम योजना का उद्देश्य गांवों में ठोस और तरल कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इससे स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को गति मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों के लिए एसएलडब्ल्यूएम के तहत धनराशि जारी की गई है। तीनों जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि शासनादेश के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर कार्य कराना सुनिश्चित करें। अभय कुमार शाही, डिप्टी डायरेक्टर, पंचायती राज विभाग।