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Ballia News: 23 साल पुराने उपकरण के भरोसे अस्पताल की बिजली
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जिला अस्पताल के नए भवन स्थित रैंप के नीचे बिखरा पड़ा खराब केबिल।संवाद
- फोटो : 1
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बलिया। जिला अस्पताल के बिजली केबल में लगे मीटर में फाॅल्ट के कारण बृहस्पतिवार को पांच घंटे आपूर्ति बाधित रही। मीटर को चार-पांच दिन पूर्व लगाया था। ओवरलोड के कारण इसमें आग लग गई।
अस्पताल की बिजली आपूर्ति 23 वर्ष पूर्व लगाए उपकरण पर चल रही है। इसमें 80 फीसदी उपकरण खराब हो गए हैं। समय के साथ अस्पताल का लोड 10 गुना से अधिक बढ़ गया है। जिला अस्पताल में गर्मी बढ़ते ही लोड बढ़ गया है। ओपीडी व अस्पताल के वार्डों, पैथोलॉजी, ब्लड केंद्र, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, कार्यालय में करीब 40 के ऊपर एसी हैं। हर चिकित्सक व कर्मचारियों के आवासों पर दो से अधिक एसी का लोड है।
विगत वर्ष अंदर ग्राउंड केबल में फाॅल्ट के कारण करीब एक मीने से ज्यादा से अस्पताल की बिजली आपूर्ति बाधित है। नया केबल लगने के बाद विद्युत आपूर्ति चालू हुई है। उसके बावजूद भी अस्पताल प्रशासन व बिजली विभाग ने लोड बढ़ने या शॉर्ट होने पर बिजली सप्लाई ठप हो जाए, उसके लिए (एसीबी) एयर सर्किट ब्रेकर अब तक नहीं लगा है। 23 वर्ष पूर्व लगाए गए पुराने उपकरण व मैनुअल सिस्टम पर अस्पताल की बिजली आपूर्ति चालू है।
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विगत 15 वर्षों में सिर्फ सात माह तक इलेक्ट्रिक मैकेनिक कर्मचारी तैनात रहा। विगत तीन वर्ष से इलेक्ट्रिक मैकेनिक का पद खाली है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी से बिजली बनाने का काम लिया जाता है। अस्पताल के दोनों परिसर में ऑन ग्रिड सोलर लगने के कारण बिजली कटने पर सुरक्षा कारणों से वह भी बंद हो जाते हैं।
अस्पताल की बिजली आपूर्ति 23 वर्ष पूर्व लगाए उपकरण पर चल रही है। इसमें 80 फीसदी उपकरण खराब हो गए हैं। समय के साथ अस्पताल का लोड 10 गुना से अधिक बढ़ गया है। जिला अस्पताल में गर्मी बढ़ते ही लोड बढ़ गया है। ओपीडी व अस्पताल के वार्डों, पैथोलॉजी, ब्लड केंद्र, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, कार्यालय में करीब 40 के ऊपर एसी हैं। हर चिकित्सक व कर्मचारियों के आवासों पर दो से अधिक एसी का लोड है।
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विगत वर्ष अंदर ग्राउंड केबल में फाॅल्ट के कारण करीब एक मीने से ज्यादा से अस्पताल की बिजली आपूर्ति बाधित है। नया केबल लगने के बाद विद्युत आपूर्ति चालू हुई है। उसके बावजूद भी अस्पताल प्रशासन व बिजली विभाग ने लोड बढ़ने या शॉर्ट होने पर बिजली सप्लाई ठप हो जाए, उसके लिए (एसीबी) एयर सर्किट ब्रेकर अब तक नहीं लगा है। 23 वर्ष पूर्व लगाए गए पुराने उपकरण व मैनुअल सिस्टम पर अस्पताल की बिजली आपूर्ति चालू है।
विगत 15 वर्षों में सिर्फ सात माह तक इलेक्ट्रिक मैकेनिक कर्मचारी तैनात रहा। विगत तीन वर्ष से इलेक्ट्रिक मैकेनिक का पद खाली है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी से बिजली बनाने का काम लिया जाता है। अस्पताल के दोनों परिसर में ऑन ग्रिड सोलर लगने के कारण बिजली कटने पर सुरक्षा कारणों से वह भी बंद हो जाते हैं।

जिला अस्पताल के नए भवन स्थित रैंप के नीचे बिखरा पड़ा खराब केबिल।संवाद- फोटो : 1