{"_id":"6a03650ef16e4535fe045a57","slug":"indian-language-summer-camp-2026-in-secondary-schools-from-today-ballia-news-c-190-1-ana1001-163751-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: माध्यमिक विद्यालयों में आज से भारतीय भाषा समर कैंप-2026","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: माध्यमिक विद्यालयों में आज से भारतीय भाषा समर कैंप-2026
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बलिया। राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन किया जाएगा। समग्र शिक्षा माध्यमिक, राज्य परियोजना की परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को इसकी जानकारी दी है। इसका आयोजन 13 से 20 मई के मध्य तक विद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। कैंप का आयोजन निर्धारित सात दिन में रोज दो घंटे तक संचालित किया जाएगा। भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन समस्त राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम 75-100 विद्यार्थियों की सभागिता की जानी है।
सभी विद्यालय अपने क्षेत्र में उपलब्ध शिक्षकों-संसाधनों के आधार पर समर कैंप के लिए भाषा का चयन करेंगे। भाषा चयन में छात्र-छात्राओं की अभिरुचि एवं आस-पड़ोस के क्षेत्रों में प्रचलित भाषाओं को ध्यान में रखा जाएगा। चयनित भाषा विद्यालय में पूर्व से पढ़ाई जा रही भाषा से भिन्न होनी चाहिए। जिसका आयोजन शिक्षण संप्रेषण के माध्यम से ही किया जाना तय किया गया है। कैंप में शिक्षण के बाद विद्यार्थियों को कोई गृह कार्य नहीं दिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा भाषा शिक्षक का चयन करना है। इसमें विद्यालय स्टाफ सीबीएसई, नवोदय विद्यालय व केंद्रीय विद्यालय आदि से विशेषज्ञ की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, पंजीकरण एवं संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। कैंप के उपरांत विद्यालयों में भारतीय भाषा क्लब की स्थापना की जाएगी। जिससे भाषा अधिगम को जारी रखा जा सके। कार्यक्रम की मानिटरिंग जनपद स्तर पर की जाएगी। निर्धारित डैशबोर्ड पर डेटा अपलोड किया जाएगा। इसमें समस्त कक्षाओं के इच्छुक विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने बताया है कि भारतीय भाषा समर कैंप-2026 का शुभारंभ शिक्षा मंत्री भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 13 मई को किया जाएगा। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं समुदाय की प्रतिभागिता सुनिश्चित करनी है। जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेशित किया गया है कि वे इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित कराएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि समस्त राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम का सफल संचालन हो सके।
Trending Videos
सभी विद्यालय अपने क्षेत्र में उपलब्ध शिक्षकों-संसाधनों के आधार पर समर कैंप के लिए भाषा का चयन करेंगे। भाषा चयन में छात्र-छात्राओं की अभिरुचि एवं आस-पड़ोस के क्षेत्रों में प्रचलित भाषाओं को ध्यान में रखा जाएगा। चयनित भाषा विद्यालय में पूर्व से पढ़ाई जा रही भाषा से भिन्न होनी चाहिए। जिसका आयोजन शिक्षण संप्रेषण के माध्यम से ही किया जाना तय किया गया है। कैंप में शिक्षण के बाद विद्यार्थियों को कोई गृह कार्य नहीं दिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा भाषा शिक्षक का चयन करना है। इसमें विद्यालय स्टाफ सीबीएसई, नवोदय विद्यालय व केंद्रीय विद्यालय आदि से विशेषज्ञ की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, पंजीकरण एवं संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। कैंप के उपरांत विद्यालयों में भारतीय भाषा क्लब की स्थापना की जाएगी। जिससे भाषा अधिगम को जारी रखा जा सके। कार्यक्रम की मानिटरिंग जनपद स्तर पर की जाएगी। निर्धारित डैशबोर्ड पर डेटा अपलोड किया जाएगा। इसमें समस्त कक्षाओं के इच्छुक विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने बताया है कि भारतीय भाषा समर कैंप-2026 का शुभारंभ शिक्षा मंत्री भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 13 मई को किया जाएगा। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं समुदाय की प्रतिभागिता सुनिश्चित करनी है। जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेशित किया गया है कि वे इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित कराएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि समस्त राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम का सफल संचालन हो सके।