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Ballia News: मार्च में जनवरी जैसी सुबह, घना कोहरा और धुंध छाई रही
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मौसम खराब होने के चलते कोहरे में दिन में लाइट जलाकर अपने गंतव्य को जाता वाहन।संवाद
- फोटो : 1
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बलिया । मार्च में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बृहस्पतिवार को ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय जनवरी जैसा घना कोहरा और धुंध देखने को मिली, जिससे लोगों को हल्की ठंड का अहसास हुआ।
गांधी महाविद्यालय मिड्ढा के मौसम विज्ञानी प्रो. सुरेश सिंह ने बताया कि हवा के साथ बादलों के आने व जाने का क्रम बढ़ गया है। सुबह में काफी नमी थी। दिन चढ़ते ही तापमान में काफी वृद्धि हो गई ।
ऐसे में एकाध दिन में हवा के साथ हल्की या मध्यम गति की बारिश की संभावना है। हालांकि, सूरज निकलने के साथ ही कोहरा छंट गया और दोपहर तक तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया।
मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव का सीधा असर आम जनजीवन की सेहत और खेती-किसानी पर पड़ता दिख रहा है। बदलते मौसम के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। लोग बुखार, जुकाम, खांसी और पेट दर्द की शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के वैज्ञानिक डॉ. संजीत कुमार के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात में तापमान गिरने और नमी बढ़ने के कारण सुबह कोहरा छा रहा है। यदि अगले दो-तीन दिनों तक यही स्थिति रही, तो गेहूं की बालियों में फंगस या अन्य रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी, जो किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण है।
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गांधी महाविद्यालय मिड्ढा के मौसम विज्ञानी प्रो. सुरेश सिंह ने बताया कि हवा के साथ बादलों के आने व जाने का क्रम बढ़ गया है। सुबह में काफी नमी थी। दिन चढ़ते ही तापमान में काफी वृद्धि हो गई ।
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ऐसे में एकाध दिन में हवा के साथ हल्की या मध्यम गति की बारिश की संभावना है। हालांकि, सूरज निकलने के साथ ही कोहरा छंट गया और दोपहर तक तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया।
मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव का सीधा असर आम जनजीवन की सेहत और खेती-किसानी पर पड़ता दिख रहा है। बदलते मौसम के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। लोग बुखार, जुकाम, खांसी और पेट दर्द की शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के वैज्ञानिक डॉ. संजीत कुमार के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात में तापमान गिरने और नमी बढ़ने के कारण सुबह कोहरा छा रहा है। यदि अगले दो-तीन दिनों तक यही स्थिति रही, तो गेहूं की बालियों में फंगस या अन्य रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी, जो किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण है।