रथ हत्याकांड: STF ने राजकुमार के निशानदेही पर तीसरे युवक को दबोचा, ट्रांजिस्ट रिमांड कैंसल; इस जेल में भेजा
Suvendu Adhikari PA Murder Case: पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बलिया कनेक्शन सामने आया है। एसटीएफ ने फेफना के थम्हनपुरा निवासी नवीन सिंह को गिरफ्तार कर उसके गोदाम से यूएसए निर्मित समेत पांच असलहे बरामद किए। सीबीआई और बंगाल एसटीएफ नवीन को ट्रांजिट रिमांड पर बंगाल ले जाना चाहती थी, लेकिन कोर्ट ने आवेदन खारिज कर उसे मऊ जेल भेज दिया।
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बंगाल एसटीएफ ने रथ हत्या कांड मामले राजकुमार की गिरफ्तारी के बाद उसके निशानदेही पर फेफना थाना के थमह्नपुरा गांव निवासी नवीन सिंह को पकड़ा है, लेकिन न्यायालय द्वारा एसटीएफ/ सीबीआई की ट्रांजिस्ट रिमांड को कैंसल कर आरोपी को मऊ जेल भेज दिया।
छोटे भाई लल्लू सिंह ने बताया कि सीबीआई व एसटीएफ टीम भाई को बंगाल ले जाना चाहती थी, लेकिन कोर्ट ने उनके आवेदन को कैंसल कर दिया। भाई के खिलाफ फेफना थाना में आर्म्स एक्ट की मुकदमा है। पूर्व में गिरफ्तार राजकुमार के बगल में रिस्तेदारी है।
पीए चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड में प्रयुक्त यूएसए निर्मित असलहा नवीन के गोदाम से बरामद
पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में प्रयुक्त कार के बाद अब असलहा का भी बलिया से तार जुड़ गया है। एसटीएफ टीम ने फेफना थाना के थम्हनपुरा गांव निवासी नवीन सिंह के गोदाम से पांच असलहा बरामद किया है।
तीन आटोमेटिक यूएसए निर्मित असलहा को कार खरीदने वाले मोनू ने नवीन को दिया था। एसटीफ ने फेफना थाना में आर्म्स एक्ट की प्राथमिकता दर्ज कर नवीन को शहर के बिशुनीपुर चौराहा से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 24 घंटे की रिमांड देने की जगह नवीन को मऊ जेल भेज दिया। जिसके कारण बंगाल पुलिस नवीन को पश्चिम बंगाल नहीं ले जा सकी।
इतिहास खंगाल रही पुलिस
नवीन सिंह पूर्व में गिरफ्तार राजकुमार सिंह उर्फ राज व फरार चल रहे शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह मोनू का दोस्त है। रथ हत्याकांड के दूसरे दिन मोनू ने नवीन को झोला में असलहा रखने को दिया था। पीए रथ हत्याकांड में असलहा का कितना जुड़ाव है, जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
वाराणसी एसटीएफ इंस्पेक्टर अनिल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि पंश्चिम बंगाल में छह मई को चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड में गठित सीबीआई टीम की सूचना पर नवीन सिंह निवासी थम्हनपुरा थाना फेफना के पास असलहा रखे जाने की सूचना मिली।
19 मई को एसटीएफ टीम नवीन सिंह को गिरफ्तार कर कड़ाई पूछताछ किया तो बताया कि सात मई को ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू निवासी शीतल दवनी बांसडीह रोड व राजकुमार सिंह निवासी रततोपुर और बासुदेवपुर भीखपुर निवासी गोलू सिंह मेरे यहां आए थे।
मोनू रुक गया, बाकी दोनों चले गए। मोनू ने एक झोले में असलहा रखने को दिया। जब न्यूज पेपर व चैनल के माध्यम से राजकुमार सिंह के पकड़ा जाने की जानकारी हुई तो उस झोले को अपने घर से हटाकर गोदाम पर रख दिया। टीम ने एनएच-31 महेन्द्रा शो रूम के पास एक गोदाम से असलहा बरामद किया।
झोला में ऑटोमेटिक यूएसए निर्मित दो पिस्टल, एक पिस्तौल यूएसए निर्मित, चौथा रिवाल्वर कानपुर निर्मित व देशी रिवाल्वर व कारतूस मिला। अधिवक्ता क्रिमिनल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरवंश सिंह ने कहा कि नवीन सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसटीएफ टीम सीजेएम कोर्ट में लाई थी, सीबीआई यहां रिमांड पर लेना चाहती थी, लेकिन कोई दस्तावेज न होने के कारण रिमांड को खारिज कर दिया गया है। फिलहाल नवीन मऊ जेल भेजा गया है।