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Ballia News: भर्ती के लिए 50 रुपये लिए, भर्ती मरीज से 200 रुपये की वसूली
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बलिया। जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज से यूरीन पाइप लगाने के नाम पर 200 रुपये व भर्ती के नाम पर 50 रुपया वसूलने की शिकायत पर डीएम ने सीएमएस को फटकार लगाई और वार्ड प्रभारी लीलावती को नोटिस जारी किया।
इसके पूर्व इमरजेंसी में मरीज के पास बाहर की दवा लिखी पर्ची मिलने पर ईएमओ को फटकार लगाते हुए मरीज का पैसा वापस कराया और नोटिस जारी किया। बुधवार को दोपहर बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में वाहन से उतर कर सीधे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, वहां भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल जाना।
बैरिया निवासी महिला जो ससुर का इलाज कराने आई थी, उसने बाहर से इंजेक्शन खरीदने के लिए लिखने की शिकायत की। डीएम ने सीएमएस डॉ. एसके यादव व ईएमओ डॉ. सुमित कुमार को बुलाकर दवा की उपलब्ध की जानकारी ली। दवा उपलब्ध होने की जानकारी पर शासन की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि मरीजों का शोषण न किया जाए। मरीज को इंजेक्शन का पैसा वापस कराया। दवा वितरण कक्ष में पहुंचकर लाइन में लगे मरीजों से बातचीत की और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को दी जाएं और किसी भी परिस्थिति में बाहर की दवा न लिखी जाए। यदि ऐसी शिकायत दोबारा मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने ट्रीटमेंट रूम और इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। मरीजों से उनका हाल- चाल पूछते हुए उन्होंने यह भी जानकारी ली कि कहीं उन्हें बाहर की दवा तो नहीं लिखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी और कर्मचारी सेवा भाव से कार्य करने को कहा।
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वार्ड में न हो अनावश्यक भीड़, सुरक्षाकर्मी को लगाई फटकार
मेडिकल वार्ड में अत्यधिक भीड़ देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। अस्पताल की सुरक्षा में लगे सुरक्षकर्मी को फटकार लगाते हुए मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार रहने को कहा। निर्देश दिए मरीज से मिलने के लिए आने वाले नाते रिश्तेदार एक-एक कर निर्धारित समय में मुलाकात करें। मरीज को संक्रमण का खतरा रहता है। तीमारदारों के लिए वेटिंग एरिया में कुर्सी लगाने के लिए कहा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विजय यादव को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक ही व्यक्ति को प्रवेश दिया जाए, अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए।
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इमरजेंसी के सामने वाहन खड़ा देख बिफरे
इमरजेंसी कक्ष के आगे बाइक व अन्य वाहनों को खड़ा देख डीएम एमपी सिंह ने सीएमएस को वाहनों की पार्किंग की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को असुविधा न हो। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला महिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने एक्स-रे कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथोलॉजी कक्ष एवं सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। पैथोलॉजी कक्ष में उपलब्ध जांचों की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जांच रिपोर्ट समय से मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं। अस्पताल में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को नि:शुल्क एवं समुचित इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने के भी सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर विजय यादव आदि उपस्थित रहे।
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रेडिएशन के खतरे को देख सीटी स्कैन में टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश
सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ देख डीएम ने प्रभारी से जानकारी ली। बताया गया कि अब तक 50 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं, जबकि 65 मरीजों की जांच शेष है। भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि सीटी स्कैन कक्ष में टोकन व्यवस्था लागू किया जाए और बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए। जिससे मरीजों को अपने नंबर की जानकारी मिलती रहे और अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था न हो।
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इसके पूर्व इमरजेंसी में मरीज के पास बाहर की दवा लिखी पर्ची मिलने पर ईएमओ को फटकार लगाते हुए मरीज का पैसा वापस कराया और नोटिस जारी किया। बुधवार को दोपहर बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जिला अस्पताल एवं जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में वाहन से उतर कर सीधे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, वहां भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल जाना।
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बैरिया निवासी महिला जो ससुर का इलाज कराने आई थी, उसने बाहर से इंजेक्शन खरीदने के लिए लिखने की शिकायत की। डीएम ने सीएमएस डॉ. एसके यादव व ईएमओ डॉ. सुमित कुमार को बुलाकर दवा की उपलब्ध की जानकारी ली। दवा उपलब्ध होने की जानकारी पर शासन की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि मरीजों का शोषण न किया जाए। मरीज को इंजेक्शन का पैसा वापस कराया। दवा वितरण कक्ष में पहुंचकर लाइन में लगे मरीजों से बातचीत की और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को दी जाएं और किसी भी परिस्थिति में बाहर की दवा न लिखी जाए। यदि ऐसी शिकायत दोबारा मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने ट्रीटमेंट रूम और इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। मरीजों से उनका हाल- चाल पूछते हुए उन्होंने यह भी जानकारी ली कि कहीं उन्हें बाहर की दवा तो नहीं लिखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी और कर्मचारी सेवा भाव से कार्य करने को कहा।
वार्ड में न हो अनावश्यक भीड़, सुरक्षाकर्मी को लगाई फटकार
मेडिकल वार्ड में अत्यधिक भीड़ देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। अस्पताल की सुरक्षा में लगे सुरक्षकर्मी को फटकार लगाते हुए मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार रहने को कहा। निर्देश दिए मरीज से मिलने के लिए आने वाले नाते रिश्तेदार एक-एक कर निर्धारित समय में मुलाकात करें। मरीज को संक्रमण का खतरा रहता है। तीमारदारों के लिए वेटिंग एरिया में कुर्सी लगाने के लिए कहा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विजय यादव को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज के साथ केवल एक ही व्यक्ति को प्रवेश दिया जाए, अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए।
इमरजेंसी के सामने वाहन खड़ा देख बिफरे
इमरजेंसी कक्ष के आगे बाइक व अन्य वाहनों को खड़ा देख डीएम एमपी सिंह ने सीएमएस को वाहनों की पार्किंग की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को असुविधा न हो। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला महिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने एक्स-रे कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथोलॉजी कक्ष एवं सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। पैथोलॉजी कक्ष में उपलब्ध जांचों की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जांच रिपोर्ट समय से मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं। अस्पताल में आने वाले गरीब और असहाय मरीजों को नि:शुल्क एवं समुचित इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने के भी सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर विजय यादव आदि उपस्थित रहे।
रेडिएशन के खतरे को देख सीटी स्कैन में टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश
सीटी स्कैन कक्ष में भारी भीड़ देख डीएम ने प्रभारी से जानकारी ली। बताया गया कि अब तक 50 सीटी स्कैन किए जा चुके हैं, जबकि 65 मरीजों की जांच शेष है। भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि सीटी स्कैन कक्ष में टोकन व्यवस्था लागू किया जाए और बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाए। जिससे मरीजों को अपने नंबर की जानकारी मिलती रहे और अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था न हो।