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किसान विरोधी है सरकार : मो. रिजवी
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पूर। प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। रबी की बोआई के समय किसानों को डीएपी नहीं मिल सकी और अब जब यूरिया की आवश्यकता है तो सरकारी खाद बिक्री केंद्रों पर यूरिया भी उपलब्ध नहीं है। सरकार और उसके मंत्री किसानों को झूठे दिलासे दे रहे हैं। यह आरोप सपा के क्षेत्रीय विधायक मो. रिजवी ने बृहस्पतिवार को पूर गांव में भ्रमण के दौरान प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत में लगाए।
विधायक ने कहा कि इस सरकार कार्यकाल में सबसे अधिक दुर्दशा किसानों की हुई है। अतिवृष्टि से किसानों की खरीफ की मुख्य फसल धान बर्बाद हो गई, लेकिन मुआवजे के नाम पर सरकार ने किसानों को कुछ नहीं दिया। जो थोड़ी बहुत फसल बची, उसे भी किसान औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हैं, क्योंकि सरकारी धान क्रय केंद्र कहीं भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं।
मो. रिजवी ने कहा कि पंदह ब्लॉक के पूर, गढ़मलपुर और खरसरा स्थित तीन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्षों से चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह पंदह, खेजुरी और पूर के पशु अस्पतालों में चार वर्षों से स्थायी पशु चिकित्सक न होने के कारण पशुपालक किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पकड़ी ताल से निकले ड्रेन की वर्षों से सफाई न होने के कारण सैकड़ों एकड़ फसल के जलमग्न होने और रतसर से एकइल तक मुख्य सड़क के दोहरीकरण न होने से सैकड़ों गांवों के लोगों की दिक्कतों की ओर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
बीरबहादुर सिंह, चंद्रमा यादव, अखंड प्रताप सिंह, हिरामन यादव, विनोद कुमार सिंह, जितेंद्र बागी, सच्चन यादव, महेंद्र यादव, खालिद खान, जुगुनू अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।
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विधायक ने कहा कि इस सरकार कार्यकाल में सबसे अधिक दुर्दशा किसानों की हुई है। अतिवृष्टि से किसानों की खरीफ की मुख्य फसल धान बर्बाद हो गई, लेकिन मुआवजे के नाम पर सरकार ने किसानों को कुछ नहीं दिया। जो थोड़ी बहुत फसल बची, उसे भी किसान औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हैं, क्योंकि सरकारी धान क्रय केंद्र कहीं भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं।
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मो. रिजवी ने कहा कि पंदह ब्लॉक के पूर, गढ़मलपुर और खरसरा स्थित तीन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्षों से चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह पंदह, खेजुरी और पूर के पशु अस्पतालों में चार वर्षों से स्थायी पशु चिकित्सक न होने के कारण पशुपालक किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पकड़ी ताल से निकले ड्रेन की वर्षों से सफाई न होने के कारण सैकड़ों एकड़ फसल के जलमग्न होने और रतसर से एकइल तक मुख्य सड़क के दोहरीकरण न होने से सैकड़ों गांवों के लोगों की दिक्कतों की ओर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
बीरबहादुर सिंह, चंद्रमा यादव, अखंड प्रताप सिंह, हिरामन यादव, विनोद कुमार सिंह, जितेंद्र बागी, सच्चन यादव, महेंद्र यादव, खालिद खान, जुगुनू अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।