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सरयू का रौद्र रूप: बलिया में देखते ही देखते नदी में समा गए तीन मकान, अब तबाही बनता जा रहा कटान

Sat, 18 Jul 2026 07:49 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 18 Jul 2026 07:49 PM IST
सार

Ballia News: बलिया जिले के गोपालनगर टाड़ी में तीन मकान नदी में समा गए। वहीं सैकड़ों परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। उधर, दूसरे दिन भी कटान पीड़ितों का धरना जारी है।
 

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Three houses were swallowed by river in Ballia in no time
नदी में समा गए मकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलिया जिले में सरयू नदी का कटान गोपालनगर टाड़ी और वशिष्ठ नगर के लोगों के लिए लगातार तबाही का कारण बनता जा रहा है। शनिवार शाम सरयू की तेज धाराओं ने गोपालनगर टाड़ी के उत्तर टोला में तीन रिहायशी मकानों को अपनी आगोश में ले लिया। वहीं कई अन्य मकान नदी के मुहाने पर पहुंच गए हैं, जिससे पूरे गांव में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।

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कटान के चलते रमेश यादव, शैलेश यादव और मनु यादव के रिहायशी मकान नदी में समा गए। वहीं रामनाथ यादव, देवनाथ यादव, संतोष यादव और छोटू यादव के मकानों से सरयू की लहरें लगातार टकरा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये मकान भी कभी भी नदी में समा सकते हैं। कटान की भयावह स्थिति को देखते हुए लोग अपने हाथों से वर्षों की मेहनत से बनाए आशियाने को तोड़कर ट्रैक्टरों पर लादकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं। गांव में हर ओर भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
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ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में 180, वर्ष 2024 में 108, वर्ष 2025 में 78 तथा 2026 में अब तक नौ मकान सरयू नदी में समा चुके हैं। इस तरह पिछले चार वर्षों में 375 परिवारों के आशियाने कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। 
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कटान पीड़ितों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रभावी कटान रोधी कार्य नहीं कराया गया तो टाड़ी स्थित एक मोबाइल कंपनी के टावर तक फैले क्षेत्र के 250 से अधिक मकान भी खतरे की जद में आ जाएंगे। हालांकि बाढ़ विभाग फ्लड फाइटिंग मद से प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर कटान रोकने का प्रयास कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इससे कटान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है और नदी लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है। 

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