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Ballia News: निरीक्षण के दौरान सरकारी आवास पर नहाते मिले सफाईकर्मी
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मनियर। नगर पंचायत मनियर में सफाई व्यवस्था को लेकर बुधवार सुबह किए गए औचक निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आईं।
नगर पंचायत प्रतिनिधि एवं कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व जिला अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने वार्ड-12 सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था, गोशाला और विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह करीब चार बजे नगर पंचायत प्रतिनिधि मोटरसाइकिल से क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे। वार्ड-12 में पहुंचने पर उन्होंने पाया कि निर्धारित समय पर सफाई कार्य नहीं हो रहा है। इसी दौरान सफाईकर्मी शंकर पानी टंकी स्थित सरकारी आवास पर स्नान करते मिले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह नहाने के बाद सफाई कार्य करने जाएंगे। इस पर चेयरमैन प्रतिनिधि ने नाराजगी जताते हुए सफाई नायक को संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान सफाईकर्मी हरिचंद भी मौजूद थे। इस दौरान सफाई नायक हरेंद्र वर्मा ने स्वीकार किया कि हरिचंद महीने में केवल 15 दिन ही ड्यूटी करते हैं और शेष दिनों में अनुपस्थित रहते हैं। उनकी अनुपस्थिति में दूसरे व्यक्ति से सफाई कार्य कराया जाता है। इस जानकारी पर कमलेश सिंह ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
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चेयरमैन प्रतिनिधि ने सरकारी आवास के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी शंकर लंबे समय से सरकारी आवास में रह रहे हैं, जबकि न तो बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं और न ही आवास का किराया जमा कर रहे हैं। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन को आवास खाली कराने और उस पर ताला लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार शंकर पिछले 8 से 10 वर्षों से सरकारी आवास में रह रहे हैं, जबकि शंकर स्वयं करीब आठ वर्ष से वहां रहने की बात बताते हैं। कमलेश सिंह ने कहा कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और कार्य में लापरवाही को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। नगर पंचायत अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
नगर पंचायत प्रतिनिधि एवं कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व जिला अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने वार्ड-12 सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था, गोशाला और विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह करीब चार बजे नगर पंचायत प्रतिनिधि मोटरसाइकिल से क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे। वार्ड-12 में पहुंचने पर उन्होंने पाया कि निर्धारित समय पर सफाई कार्य नहीं हो रहा है। इसी दौरान सफाईकर्मी शंकर पानी टंकी स्थित सरकारी आवास पर स्नान करते मिले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह नहाने के बाद सफाई कार्य करने जाएंगे। इस पर चेयरमैन प्रतिनिधि ने नाराजगी जताते हुए सफाई नायक को संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
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निरीक्षण के दौरान सफाईकर्मी हरिचंद भी मौजूद थे। इस दौरान सफाई नायक हरेंद्र वर्मा ने स्वीकार किया कि हरिचंद महीने में केवल 15 दिन ही ड्यूटी करते हैं और शेष दिनों में अनुपस्थित रहते हैं। उनकी अनुपस्थिति में दूसरे व्यक्ति से सफाई कार्य कराया जाता है। इस जानकारी पर कमलेश सिंह ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने सरकारी आवास के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी शंकर लंबे समय से सरकारी आवास में रह रहे हैं, जबकि न तो बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं और न ही आवास का किराया जमा कर रहे हैं। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन को आवास खाली कराने और उस पर ताला लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार शंकर पिछले 8 से 10 वर्षों से सरकारी आवास में रह रहे हैं, जबकि शंकर स्वयं करीब आठ वर्ष से वहां रहने की बात बताते हैं। कमलेश सिंह ने कहा कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और कार्य में लापरवाही को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। नगर पंचायत अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।