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Balrampur News: जिले की 36 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त
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बलरामपुर। क्षय रोग (टीबी) मुक्त भारत अभियान के तहत जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की 36 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2026 में टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इन पंचायतों को उनकी इस उपलब्धि के लिए तीन श्रेणियों में राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। एक ग्राम पंचायत को गोल्ड मेडल भी मिलेगा।
जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास रहा है। टीबी रोगी खोजो अभियान व 100 विशेष शिविर अभियान चलाकर क्षय रोगियों की पहचान की गई। स्वास्थ्य विभाग की बेहतर निगरानी व उपचार से 36 ग्राम पंचायतों में एक भी क्षय रोगी नहीं पाया गया। इस आधार पर उन्हें टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
ये ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त
गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक की ग्राम पंचायत कैथलिया सलेमपुर, मझारी टप्पा बांक, सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बफावां, मधवाजोत, खैराही, उदईपुर, देवरावां, दूल्हापुर, उतरौला ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिलरिया, जोकिया करहिया, श्रीदत्तगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत दारी चौरा, कालू बनकट, महुवाढार, पुरैना कानूनगो, हरैया सतघरवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत घनघटा, इटवा, महादेव अतरपरी, नंदनगर जुम्मनडीह, लौकी कला टीबी मुक्त हुई हैं। इसी तरह पचपेड़वा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामनगर, बाउती, चंदनपुर, मध्यनगर, धनखड़पुर हटी, तुलसीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोपालीपुर, बालापुर, चैनपुर बड़रिया, कोहड़ौरा, पचपकड़ी, भुजेहरा, पूरनपुर, गैसड़ी ब्लाॅक की ग्राम पंचायत नगई, रनियापुर और रेहरा बाजार ब्लॉक की ग्राम पंचायत केराडीह व किशुनपुर सागर को क्षय रोग मुक्त घोषित किया गया है।
एक को मिला गोल्ड व 32 को कांस्य पदक
जिला क्षय रोग अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले की 790 ग्राम पंचायतों में 36 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। इनमें से 32 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक, तीन को सिल्वर व एक ग्राम पंचायत को गोल्ड मेडल मिला है। पचपेड़वा की धनखड़ी हटी को गोल्ड मेडल मिलेगा। वहीं उदईपुर, कोहड़ौरा व किशुनपुर सागर को रजत पदक मिलेगा। इन ग्राम पंचायतों में बीते वर्ष कोई क्षय रोगी नहीं मिला है, इसलिए इन पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
शहरी क्षेत्रों में अधिक मिले टीबी रोगी
वर्ष 2025 में चलाए गए अभियान में 4424 क्षय रोगी नए मिले थे। इनमें शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा 1005 क्षय रोगी पाए गए थे। वहीं ब्लॉकों में सबसे ज्यादा बलरामपुर ग्रामीण में 494 रोगी पाए गए थे। जिला स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक 4330 क्षय रोगियों खोजने का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन 4424 मरीज पाए गए थे।
आज मिलेगा सम्मान
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। डीएम व सीडीओ ग्राम प्रधान व अन्य प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर
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जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास रहा है। टीबी रोगी खोजो अभियान व 100 विशेष शिविर अभियान चलाकर क्षय रोगियों की पहचान की गई। स्वास्थ्य विभाग की बेहतर निगरानी व उपचार से 36 ग्राम पंचायतों में एक भी क्षय रोगी नहीं पाया गया। इस आधार पर उन्हें टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
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ये ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त
गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक की ग्राम पंचायत कैथलिया सलेमपुर, मझारी टप्पा बांक, सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बफावां, मधवाजोत, खैराही, उदईपुर, देवरावां, दूल्हापुर, उतरौला ब्लॉक की ग्राम पंचायत बिलरिया, जोकिया करहिया, श्रीदत्तगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत दारी चौरा, कालू बनकट, महुवाढार, पुरैना कानूनगो, हरैया सतघरवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत घनघटा, इटवा, महादेव अतरपरी, नंदनगर जुम्मनडीह, लौकी कला टीबी मुक्त हुई हैं। इसी तरह पचपेड़वा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामनगर, बाउती, चंदनपुर, मध्यनगर, धनखड़पुर हटी, तुलसीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोपालीपुर, बालापुर, चैनपुर बड़रिया, कोहड़ौरा, पचपकड़ी, भुजेहरा, पूरनपुर, गैसड़ी ब्लाॅक की ग्राम पंचायत नगई, रनियापुर और रेहरा बाजार ब्लॉक की ग्राम पंचायत केराडीह व किशुनपुर सागर को क्षय रोग मुक्त घोषित किया गया है।
एक को मिला गोल्ड व 32 को कांस्य पदक
जिला क्षय रोग अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि जिले की 790 ग्राम पंचायतों में 36 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। इनमें से 32 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक, तीन को सिल्वर व एक ग्राम पंचायत को गोल्ड मेडल मिला है। पचपेड़वा की धनखड़ी हटी को गोल्ड मेडल मिलेगा। वहीं उदईपुर, कोहड़ौरा व किशुनपुर सागर को रजत पदक मिलेगा। इन ग्राम पंचायतों में बीते वर्ष कोई क्षय रोगी नहीं मिला है, इसलिए इन पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
शहरी क्षेत्रों में अधिक मिले टीबी रोगी
वर्ष 2025 में चलाए गए अभियान में 4424 क्षय रोगी नए मिले थे। इनमें शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा 1005 क्षय रोगी पाए गए थे। वहीं ब्लॉकों में सबसे ज्यादा बलरामपुर ग्रामीण में 494 रोगी पाए गए थे। जिला स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक 4330 क्षय रोगियों खोजने का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन 4424 मरीज पाए गए थे।
आज मिलेगा सम्मान
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। कलेक्ट्रेट सभागार में सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। डीएम व सीडीओ ग्राम प्रधान व अन्य प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर