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Balrampur News: स्कूलों में ‘अरुणोदय’ गतिविधि लागू, रोज कुछ नया सीखेंगे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 02 May 2026 11:16 PM IST
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फोटो-20-बलरामपुर के परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई करते विद्यार्थी ।-स्रोत: विभाग
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बलरामपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों की सुबह केवल प्रार्थना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर दिन नई जानकारी, नई गतिविधि और नए अनुभव के साथ शुरू होगी। नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘अरुणोदय’ गतिविधि कैलेंडर आगामी सत्र 2026-27 से जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लागू किया गया है।
इस नई पहल से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन किसी न किसी विषय पर रोचक ढंग से जानकारी दी जाएगी। गतिविधियां विद्यालयों की सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान संचालित होंगी, जिसमें शिक्षक और प्रधानाध्यापक बच्चों को विषय से जोड़ते हुए संवादात्मक तरीके से पढ़ाएंगे।
‘अरुणोदय’ कैलेंडर के अनुसार बच्चों को पर्यावरण, स्वास्थ्य, महापुरुषों की जयंती, नदियों का महत्व, शब्द ज्ञान, कला, कहानी-कविता, स्वतंत्रता संग्राम, देशभक्ति, नैतिक शिक्षा और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। शिक्षा सौभाग्य पाठक ने बताया कि इसके साथ ही मौसम के अनुसार फल-सब्जियों के लाभ, स्वच्छता, पोषण, ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, बाढ़ से बचाव, वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण, संचारी रोगों की रोकथाम और विद्यालय शिष्टाचार पर भी विशेष गतिविधियां होंगी। एआरपी कुसुम कुमारी ने बताया कि गणित के डर को दूर करने के लिए पहेलियां, खेल, गणित किट और भारतीय गणितज्ञों की जानकारी भी दी जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी स्वामीनाथ ने बताया कि इस कैलेंडर की खास बात यह है कि प्रत्येक गतिविधि के साथ क्यूआर कोड जोड़ा गया है। शिक्षक मोबाइल से स्कैन कर विषय से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी, वीडियो और सामग्री प्राप्त कर सकेंगे। इससे शिक्षण प्रक्रिया और अधिक रोचक तथा प्रभावी बनेगी। बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि कैलेंडर में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया गया है। उन्हें अच्छी आदतें, अनुशासन, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, जीवन मूल्य, आपदा प्रबंधन, ऋतुओं का ज्ञान, लोकगीत, वाद्ययंत्र और खेल-खेल में विज्ञान सिखाया जाएगा।
अखबार पढ़ने की भी होगी शुरुआत, बढ़ेगी निगरानी
बच्चों में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए उन्हें अखबारों से जोड़ने की भी योजना है। स्कूलों में नए और पुराने अखबारों के माध्यम से समाचार पढ़ने, समझने और चर्चा करने की गतिविधियां कराई जाएंगी। इससे बच्चों में भाषा ज्ञान, जागरूकता और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित होगी। विद्यालयों में अभी अखबार पढ़ाने में लापरवाही की शिकायतें भी मिली हैं। सहायक शिक्षा निदेशक राम सागर पति त्रिपाठी ने कहाकि अब निगरानी बढ़ाई जा रही है। लापरवाही पर कार्रवाई होगी, अखबारों में शिक्षा और कॅरिअर खबरों पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इस नई पहल से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन किसी न किसी विषय पर रोचक ढंग से जानकारी दी जाएगी। गतिविधियां विद्यालयों की सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान संचालित होंगी, जिसमें शिक्षक और प्रधानाध्यापक बच्चों को विषय से जोड़ते हुए संवादात्मक तरीके से पढ़ाएंगे।
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‘अरुणोदय’ कैलेंडर के अनुसार बच्चों को पर्यावरण, स्वास्थ्य, महापुरुषों की जयंती, नदियों का महत्व, शब्द ज्ञान, कला, कहानी-कविता, स्वतंत्रता संग्राम, देशभक्ति, नैतिक शिक्षा और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। शिक्षा सौभाग्य पाठक ने बताया कि इसके साथ ही मौसम के अनुसार फल-सब्जियों के लाभ, स्वच्छता, पोषण, ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, बाढ़ से बचाव, वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण, संचारी रोगों की रोकथाम और विद्यालय शिष्टाचार पर भी विशेष गतिविधियां होंगी। एआरपी कुसुम कुमारी ने बताया कि गणित के डर को दूर करने के लिए पहेलियां, खेल, गणित किट और भारतीय गणितज्ञों की जानकारी भी दी जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी स्वामीनाथ ने बताया कि इस कैलेंडर की खास बात यह है कि प्रत्येक गतिविधि के साथ क्यूआर कोड जोड़ा गया है। शिक्षक मोबाइल से स्कैन कर विषय से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी, वीडियो और सामग्री प्राप्त कर सकेंगे। इससे शिक्षण प्रक्रिया और अधिक रोचक तथा प्रभावी बनेगी। बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि कैलेंडर में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी जोर दिया गया है। उन्हें अच्छी आदतें, अनुशासन, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, जीवन मूल्य, आपदा प्रबंधन, ऋतुओं का ज्ञान, लोकगीत, वाद्ययंत्र और खेल-खेल में विज्ञान सिखाया जाएगा।
अखबार पढ़ने की भी होगी शुरुआत, बढ़ेगी निगरानी
बच्चों में सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए उन्हें अखबारों से जोड़ने की भी योजना है। स्कूलों में नए और पुराने अखबारों के माध्यम से समाचार पढ़ने, समझने और चर्चा करने की गतिविधियां कराई जाएंगी। इससे बच्चों में भाषा ज्ञान, जागरूकता और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित होगी। विद्यालयों में अभी अखबार पढ़ाने में लापरवाही की शिकायतें भी मिली हैं। सहायक शिक्षा निदेशक राम सागर पति त्रिपाठी ने कहाकि अब निगरानी बढ़ाई जा रही है। लापरवाही पर कार्रवाई होगी, अखबारों में शिक्षा और कॅरिअर खबरों पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
