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Balrampur News: उर्वरक की कालाबाजारी पर सख्ती, अधिक कीमत वसूली पर होगी कार्रवाई
Fri, 10 Jul 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:37 PM IST
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बलरामपुर। खरीफ सीजन में गन्ने की फसल में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग और धान की रोपाई के चलते उर्वरकों की मांग बढ़ गई है। कृषि विभाग ने कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने कहा कि जिले में यूरिया सहित सभी उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में किसानों को जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदना चाहिए।
बताया कि 10 जुलाई तक जिले में 11,228.521 मीट्रिक टन यूरिया, 4,285.999 मीट्रिक टन डीएपी, 53.575 मीट्रिक टन एमओपी, 1,466.045 मीट्रिक टन एनपीके तथा 11,475.552 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट विभिन्न सहकारी समितियों, पीसीएफ बफर गोदामों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां उपलब्ध है। खरीफ अभियान 2026-27 के तहत एक अप्रैल से नौ जुलाई तक 18,045.850 मीट्रिक टन यूरिया, 1,022.730 मीट्रिक टन डीएपी, 31.425 मीट्रिक टन एमओपी, 336.700 मीट्रिक टन एनपीके और 2,201.125 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट का वितरण किसानों को किया जा चुका है।
उन्होंने किसानों से खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री अथवा सहकारी समिति की सदस्यता पासबुक के आधार पर ही उर्वरक खरीदने तथा आवश्यकता से अधिक उर्वरक का भंडारण न करने की अपील की है। साथ ही सभी सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों की बिक्री करें, गैर अनुदानित उत्पादों की टैगिंग न करें और सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक वितरित करें।
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बताया कि 10 जुलाई तक जिले में 11,228.521 मीट्रिक टन यूरिया, 4,285.999 मीट्रिक टन डीएपी, 53.575 मीट्रिक टन एमओपी, 1,466.045 मीट्रिक टन एनपीके तथा 11,475.552 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट विभिन्न सहकारी समितियों, पीसीएफ बफर गोदामों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां उपलब्ध है। खरीफ अभियान 2026-27 के तहत एक अप्रैल से नौ जुलाई तक 18,045.850 मीट्रिक टन यूरिया, 1,022.730 मीट्रिक टन डीएपी, 31.425 मीट्रिक टन एमओपी, 336.700 मीट्रिक टन एनपीके और 2,201.125 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट का वितरण किसानों को किया जा चुका है।
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उन्होंने किसानों से खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री अथवा सहकारी समिति की सदस्यता पासबुक के आधार पर ही उर्वरक खरीदने तथा आवश्यकता से अधिक उर्वरक का भंडारण न करने की अपील की है। साथ ही सभी सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरकों की बिक्री करें, गैर अनुदानित उत्पादों की टैगिंग न करें और सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक वितरित करें।
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