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Balrampur News: मध्यस्थता अभियान 2.0 के लिए न्यायिक अधिकारियों ने बनाई रणनीति
Fri, 10 Jul 2026 11:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:36 PM IST
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बलरामपुर। राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 के लिए शुक्रवार को न्यायिक अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपराधिक और दीवानी वादों को प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता केंद्र भेजने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूप कुमार पांडेय, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल आनंद द्वितीय, अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नीरू आनंद, न्यायिक मजिस्ट्रेट रेनू गौतम तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) क्राइम अगेंस्ट वूमेन मेघाली सिंह मौजूद रहीं। न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित ऐसे आपराधिक मामलों और दीवानी वादों की समीक्षा की।
अधिकारियों ने कहा कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें अधिक से अधिक संख्या में मध्यस्थता केंद्र भेजा जाए। मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का निस्तारण होने से न केवल पक्षकारों के बीच बेहतर संबंध कायम रहते हैं, बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।
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बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूप कुमार पांडेय, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल आनंद द्वितीय, अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नीरू आनंद, न्यायिक मजिस्ट्रेट रेनू गौतम तथा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) क्राइम अगेंस्ट वूमेन मेघाली सिंह मौजूद रहीं। न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित ऐसे आपराधिक मामलों और दीवानी वादों की समीक्षा की।
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अधिकारियों ने कहा कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें अधिक से अधिक संख्या में मध्यस्थता केंद्र भेजा जाए। मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का निस्तारण होने से न केवल पक्षकारों के बीच बेहतर संबंध कायम रहते हैं, बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।
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